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Ambala News: पिछले चुनाव में मिली थी शिकस्त, फिर भाजपा के असीम के सामने निर्मल सिंह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2024 02:22 AM IST
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Nirmal Singh was defeated in the last election, again facing Asim of BJP
माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला सिटी। शहर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर से कांग्रेस के निर्मल सिंह भाजपा के असीम गोयल के सामने चुनावी मैदान में है। पिछली बार निर्मल सिंह को असीम गोयल ने शिकस्त दी थी। तब वह आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में थे। इसके बाद भी उन्होंने 36 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त किए थे। जबकि असीम गोयल को 42.20 प्रतिशत मत मिले थे। जबकि कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़े जसबीर मलौर ने 13.07 प्रतिशत मत झटके थे। इस दौरान हरियाणा बनने के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार की अंबाला शहर से जमानत राशि जब्त हुई थी। वहीं इस बार कांग्रेस ने उन्हें अपने सिंबल पर उतारा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस में काफी रोचक टक्कर देखने को मिल सकती है।
गौरतलब है कि निर्मल सिंह हरियाणा में पहले बंसी लाल और फिर भजन लाल की दो कांग्रेस सरकारों में मंत्री रह चुके हैं और चार बार अंबाला जिले के तत्कालीन नग्गल हलके से विधायक भी बने थे। निर्मल सिंह के 42 वर्षों के राजनीतिक जीवन का यह 11वां चुनावी नामांकन है। इससे पूर्व वह हरियाणा विधानसभा के आम चुनाव में नौ बार चुनाव लड़ चुके हैं जिसमें से चार बार जीत कर वह विधायक बने जबकि उन्हें पांच बार पराजय का सामना करना पड़ा। इसके अलावा वह एक बार लोकसभा आम चुनाव में भी हार चुके हैं। अधिवक्ता हेमंत कुमार बताते हैं कि चुनाव आयोग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो निर्मल सिंह ने अपना सबसे पहला विधानसभा चुनाव 42 वर्ष पूर्व वर्ष 1982 में तत्कालीन नग्गल हलके में कांग्रेस पार्टी की टिकट पर जीता था। उस चुनाव में उन्होने देवी लाल की लोक दल पार्टी के उम्मीदवार के गुरपाल सिंह को 14 हजार वोटो के अंतर से हराया था। उसके पांच वर्ष पश्चात 1987 में हुए अगले हरियाणा विधानसभा चुनावों में नग्गल में कांग्रेसी उम्मीदवार निर्मल सिंह को निर्दलीय प्रत्याशी हरमोहिंदर सिंह ने 11 हजार वोटो से हरा दिया था। इसके बाद वर्ष 1991 विधानसभा चुनावो में निर्मल सिंह ने नग्गल से कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ते हुए जनता पार्टी के गुरबक्श सिंह को 10 हजार वोटो से हरा दिया।
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मलोर ने लिया था हार का बदला

वर्ष 1996 विधानसभा चुनाव में निर्मल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप से चुनाव लड़ते हुए हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले जसबीर मलौर को 19 हजार वोटों से पराजित किया था। इसके बाद वर्ष 2000 के चुनाव में मलोर ने इनेलो से चुनाव लड़ते हुए कांग्रेसी निर्मल सिंह को 18 हजार वोटों से हराकर अपनी पिछली हार का बदला लिया था। पांच वर्ष बाद समय ने फिर करवट ली और निर्मल ने मार्च, 2005 में हुए विधानसभा चुनावो में मलोर को 5,482 वोटों से हरा दिया था।
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परिसीमन के बाद बदले हालात

वर्ष 2007-08 में हुए परिसीमन के बाद नग्गल हल्का समाप्त कर दिया गया एवं इसका क्षेत्र अंबाला शहर और अंबाला कैंट विधानसभा हल्कों में शामिल कर दिया गया। इसके बाद निर्मल सिंह ने अंबाला कैंट से अपने अगले दो विधानसभा चुनाव लड़े। अक्टूबर 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में भी भाजपा के अनिल विज ने निर्मल सिंह को 6338 वोटों से हराया था। इसी प्रकार अक्टूबर, 2014 में हुए विधानसभा आम चुनाव में विज ने निर्मल सिंह को 15 हजार 462 मतों के अंतर से पराजित किया था। इसके बाद मई 2019 को 17वीं लोक सभा चुनावों में कुरुक्षेत्र लोक सभा हलके से निर्मल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था मगर उन्हें नारायणगढ़ के तत्कालीन विधायक और वर्तमान में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 3 लाख 84 हजार 591 वोटों से पराजित कर दिया था।
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