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Ambala News: न नई लाइट लगी न हो रहीं पुरानी ठीक, अंधेरे के आगोश में शहर
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अंबाला सिटी। शहर में नगर निगम ने अभी तक नई लाइट नहीं लगाई है और न ही पुरानी को ठीक कराया है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्ट्रीट लाइट खराब होने से शहर अंधेरे के आगोश में है। शाम होते ही कॉलोनियों व सेक्टरों में अंधेरा छा जाता है। इस कारण वारदात होने का डर बना रहता है।
शहर में स्ट्रीट लाइट की समस्या कई महीनों से है। अब न तो शहर में नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर हो रहा है और न ही पुरानी लाइट को ठीक करने के लिए टेंडर दिया गया है। शहर की बात करें तो अभी करीब 17 हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट हैं, जबकि 26 हजार 215 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी हैं। इन स्ट्रीट लाइट को लगाने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने मंजूरी दी है, लेकिन अभी तक टेंडर नहीं किया गया।
निगम को शहर में नई लाइट लगाने के लिए प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। अभी तक निगम ने टेंडर भी नहीं किया है। स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए टेंडर नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह टेंडर देने का मतलब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। अभी सरकार ने कचरा प्रबंधन टैक्स से शहरवासियों को राहत दी है।
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-संदीप सचदेवा, मनोनीत पार्षद, नगर निगम।
स्ट्रीट लाइट के रखरखाव का टेंडर न होने से पुरानी लाइट बंद पड़ी हैं। जिससे शहर अंधेरे के आगोश में है। लोग लाइटों को ठीक करवाने के लिए उनके और पार्षदों के पास चक्कर काट रहे हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शहर के कॉलोनी व सेक्टरों में लाइटों को ठीक नहीं किया जा रहा है।
-राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम।
नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर तकनीक स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट रखरखाव के लिए भी जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा। नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए जल्द टेंडर होगा। इसके बाद नगर निगम के क्षेत्र में लाइट लगाई जाएंगी।
-एलसी चौहान, एक्सईएन, नगर निगम।
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शहर में स्ट्रीट लाइट की समस्या कई महीनों से है। अब न तो शहर में नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर हो रहा है और न ही पुरानी लाइट को ठीक करने के लिए टेंडर दिया गया है। शहर की बात करें तो अभी करीब 17 हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट हैं, जबकि 26 हजार 215 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी हैं। इन स्ट्रीट लाइट को लगाने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने मंजूरी दी है, लेकिन अभी तक टेंडर नहीं किया गया।
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निगम को शहर में नई लाइट लगाने के लिए प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। अभी तक निगम ने टेंडर भी नहीं किया है। स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए टेंडर नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह टेंडर देने का मतलब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। अभी सरकार ने कचरा प्रबंधन टैक्स से शहरवासियों को राहत दी है।
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-संदीप सचदेवा, मनोनीत पार्षद, नगर निगम।
स्ट्रीट लाइट के रखरखाव का टेंडर न होने से पुरानी लाइट बंद पड़ी हैं। जिससे शहर अंधेरे के आगोश में है। लोग लाइटों को ठीक करवाने के लिए उनके और पार्षदों के पास चक्कर काट रहे हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शहर के कॉलोनी व सेक्टरों में लाइटों को ठीक नहीं किया जा रहा है।
-राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम।
नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर तकनीक स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट रखरखाव के लिए भी जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा। नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए जल्द टेंडर होगा। इसके बाद नगर निगम के क्षेत्र में लाइट लगाई जाएंगी।
-एलसी चौहान, एक्सईएन, नगर निगम।