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Ambala News: स्टेशन पर डाॅक्टर और एंबुलेंस की दरकार, रोजाना आ रही 8 से 10 शिकायतें
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टांगने कटने के बाद पीजीआई में उपचाराधीन व्यक्ति। संवाद
अंबाला। रेलवे स्टेशन पर रोजाना आठ से 10 इमरजेंसी फोन आ रहे हैं। यह फोन ट्रेन में सफर करने वाले मरीजों की तरफ से आ रहे हैं। इनमें किसी को दवा तो किसी को प्राथमिक उपचार की जरूरत होती है।
गंभीर हादसों में भी व्यक्ति को तुरंत सहायता की जरूरत पड़ती है। मौके पर उचित सुविधा नहीं होने के कारण कई बार यात्री की जान मुश्किल में पड़ जाती है। सबसे बड़ी परेशानी सही समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण होती है और इस दौरान घाव होने की वजह से मरीज स्टेशन पर ही तड़पता रहता है, लेकिन उसे सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ऐसे में जैसे-जैसे अब ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है और मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है तो स्टेशन पर रेलवे डाक्टर सहित एंबुलेंस सुविधा की कमी खलने लगी है। यात्रियों का कहना है कि अगर सही समय पर उपचार मिल जाए तो गंंभीर रुप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है।
तार से झुलसे युवक ने तोड़ा था दम
कुछ दिन पहले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बिजली खंभे पर एक व्यक्ति चढ़ गया था जोकि हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आने से बुरी तरीके से झुलस गया जोकि लगभग 20 से 25 मिनट तक आरपीएफ पोस्ट के सामने प्लेटफार्म 1 पर ही एंबुलेंस के इंतजार में तड़पता रहा। जैसे-तैसे वो सिविल अस्पताल पहुंचा तो यहां भी प्राथमिक उपचार के बाद जब उसे चंडीगढ़ रेफर करने लगे तो काफी देर तक एंबुलेंस ही नहीं आई। जब एंबुलेंस से उसे चंडीगढ़ भेजा तो बीच रास्ते उसकी मौत हो गई। ऐसे ही कई मामले पहले भी हो चुके हैं। वहीं रोजाना 8 से 10 केस ट्रेनों से स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों के पास भी पहुंच रहे हैं। इसमें किसी को सिरदर्द तो किसी को बुखार व बीपी आदि की शिकायत होती है। उनकी सहायता के लिए तुरंत रेलवे डाक्टर को मौके पर बुलाया जाता है और उन्हें दवा देकर उपचार दिया जाता है।
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कटे पैर, अब विकलांग
ऐसा ही एक मामला सोमवार को भी सामने आया, जब गलत ट्रेन में सवार हुआ यात्री चलती ट्रेन से बीच रास्ते के स्टेशन पर कूद गया और उसकी दोनों टांगे कट गई। उसे ट्रेन में ही तैनात गार्ड अंबाला स्टेशन लेकर पहुंचा और फिर उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया,जहां उसका उपचार किया जा रहा है। जांच अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जगाधरी का रहने वाला राजेंद्र कुमार मजदूरी करता है और वो सहारनपुर से किसी गलत ट्रेन में सवार हो गया। जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वो हड़बड़ाहट में तंदवाल रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से प्लेटफार्म पर कूद गया और हादसे में उसकी दोनों टांगे कट गई।
वर्जन
त्योहार और भीड़भाड़ के दिनों में तो रेलवे स्टेशन पर डाॅक्टर और एंबुलेंस का प्रबंध किया जाता है। अभी ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं हैं कि 24 घंटे स्टेशन पर डाॅक्टर की तैनाती की जाए। डाक्टर की जब भी जरूरत होती है तो उसे बुला लिया जाता है।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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गंभीर हादसों में भी व्यक्ति को तुरंत सहायता की जरूरत पड़ती है। मौके पर उचित सुविधा नहीं होने के कारण कई बार यात्री की जान मुश्किल में पड़ जाती है। सबसे बड़ी परेशानी सही समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण होती है और इस दौरान घाव होने की वजह से मरीज स्टेशन पर ही तड़पता रहता है, लेकिन उसे सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ऐसे में जैसे-जैसे अब ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है और मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है तो स्टेशन पर रेलवे डाक्टर सहित एंबुलेंस सुविधा की कमी खलने लगी है। यात्रियों का कहना है कि अगर सही समय पर उपचार मिल जाए तो गंंभीर रुप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है।
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तार से झुलसे युवक ने तोड़ा था दम
कुछ दिन पहले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बिजली खंभे पर एक व्यक्ति चढ़ गया था जोकि हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आने से बुरी तरीके से झुलस गया जोकि लगभग 20 से 25 मिनट तक आरपीएफ पोस्ट के सामने प्लेटफार्म 1 पर ही एंबुलेंस के इंतजार में तड़पता रहा। जैसे-तैसे वो सिविल अस्पताल पहुंचा तो यहां भी प्राथमिक उपचार के बाद जब उसे चंडीगढ़ रेफर करने लगे तो काफी देर तक एंबुलेंस ही नहीं आई। जब एंबुलेंस से उसे चंडीगढ़ भेजा तो बीच रास्ते उसकी मौत हो गई। ऐसे ही कई मामले पहले भी हो चुके हैं। वहीं रोजाना 8 से 10 केस ट्रेनों से स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों के पास भी पहुंच रहे हैं। इसमें किसी को सिरदर्द तो किसी को बुखार व बीपी आदि की शिकायत होती है। उनकी सहायता के लिए तुरंत रेलवे डाक्टर को मौके पर बुलाया जाता है और उन्हें दवा देकर उपचार दिया जाता है।
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कटे पैर, अब विकलांग
ऐसा ही एक मामला सोमवार को भी सामने आया, जब गलत ट्रेन में सवार हुआ यात्री चलती ट्रेन से बीच रास्ते के स्टेशन पर कूद गया और उसकी दोनों टांगे कट गई। उसे ट्रेन में ही तैनात गार्ड अंबाला स्टेशन लेकर पहुंचा और फिर उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया,जहां उसका उपचार किया जा रहा है। जांच अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जगाधरी का रहने वाला राजेंद्र कुमार मजदूरी करता है और वो सहारनपुर से किसी गलत ट्रेन में सवार हो गया। जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वो हड़बड़ाहट में तंदवाल रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से प्लेटफार्म पर कूद गया और हादसे में उसकी दोनों टांगे कट गई।
वर्जन
त्योहार और भीड़भाड़ के दिनों में तो रेलवे स्टेशन पर डाॅक्टर और एंबुलेंस का प्रबंध किया जाता है। अभी ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं हैं कि 24 घंटे स्टेशन पर डाॅक्टर की तैनाती की जाए। डाक्टर की जब भी जरूरत होती है तो उसे बुला लिया जाता है।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।