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Ambala News: महिला शक्ति ने संभाली लिपिक धरने की कमान
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अंबाला सिटी लगुसचिवालय के सामने धरना प्रदर्शन करते लिपिक वर्ग कर्मचारी।
अंबाला सिटी। शहर के लघु सचिवालय के सामने चल रहे लिपिकीय वर्ग का धरना 13वें दिन में प्रवेश हो गया। सीएडब्ल्यूएस के आह्वान पर लिपिकीय वर्ग की ओर से की अनिश्चितकालीन हड़ताल का जिम्मा सोमवार को महिला लिपिकों ने संभाला।
मंच संचालन मीनाक्षी ने किया। सर्वप्रथम सुबह हड़ताल की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ की गई। इस दौरान धरने पर बैठे लिपिक कर्मचारियों ने बताया कि सरकार लिपिक वर्ग के सम्मानजनक वेतन को नजरअंदाज कर उनका बहुत ज्यादा शोषण कर रही है। इस प्रकार से लिपिक वर्ग के सभी कर्मचारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उसका मेहनताना सही ढंग से नहीं दिया जा रहा है। जबकि हरियाणा सरकार द्वारा जारी सभी योजना को अमलीजामा पहनाने का कार्य लिपिक वर्ग ही कर रहा है।
उन्होंने बताया कि लिपिक वर्ग के कार्य की समीक्षा व योग्यता के आधार पर उनका वेतन न्यूनतम वेतनमान 19900 से बढ़ाकर 35400 करने की मांग बीते काफी लंबे समय से चल रही है। वर्ष 1986 से लिपिक के कार्य की समीक्षा नहीं की गई। जिसकी वजह से वर्तमान में लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है, वहीं धरने पर बैठे लिपिक वर्ग ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी मांग 35400 को लागू करती है तो यह हड़ताल तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी जाएगी।
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मंच संचालन मीनाक्षी ने किया। सर्वप्रथम सुबह हड़ताल की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ की गई। इस दौरान धरने पर बैठे लिपिक कर्मचारियों ने बताया कि सरकार लिपिक वर्ग के सम्मानजनक वेतन को नजरअंदाज कर उनका बहुत ज्यादा शोषण कर रही है। इस प्रकार से लिपिक वर्ग के सभी कर्मचारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उसका मेहनताना सही ढंग से नहीं दिया जा रहा है। जबकि हरियाणा सरकार द्वारा जारी सभी योजना को अमलीजामा पहनाने का कार्य लिपिक वर्ग ही कर रहा है।
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उन्होंने बताया कि लिपिक वर्ग के कार्य की समीक्षा व योग्यता के आधार पर उनका वेतन न्यूनतम वेतनमान 19900 से बढ़ाकर 35400 करने की मांग बीते काफी लंबे समय से चल रही है। वर्ष 1986 से लिपिक के कार्य की समीक्षा नहीं की गई। जिसकी वजह से वर्तमान में लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है, वहीं धरने पर बैठे लिपिक वर्ग ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी मांग 35400 को लागू करती है तो यह हड़ताल तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी जाएगी।
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