{"_id":"6615c4f1f705b4bf4c0b3907","slug":"maas-temple-resounds-with-mahamais-cheers-ambala-news-c-36-1-amb1001-121256-2024-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: महामाई के जयकारों से गूंजा मां का मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: महामाई के जयकारों से गूंजा मां का मंदिर
विज्ञापन
माता बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
मुलाना। महामाई के पावन नवरात्र के आगमन पर सिद्धपीठ माता बाला सुंदरी मंदिर में मंगलवार सुबह से मां के भक्तों का तांता लगने लगा। मंदिर कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने जय माता के नारे लगाते हुए मां बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी के दर्शन कर पूजा अर्चना की।
मंदिर की कमेटी द्वारा भव्य रूप से सजावट की गई थी। रात्रि को मंदिर पर लगी लाइटें देखने लायक है। मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क कमरे, पीने के पानी, दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क व्हीलचेयर की भी सुविधा प्रदान की गई है।-
36 किलो चांदी से बना मां का दरबार
मां बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी व प्रतिमा के लिए मंदिर कमेटी द्वारा 36 किलो चांदी से बना भव्य दरबार बनाया गया। ऐसा दरबार वर्ष 2022 में बनाया गया था। दरबार बनाने के लिए एक श्रद्धालु ने ही आधा खर्च 15 लाख रुपये का दान दिया है। श्रद्धालु ने इसके लिए अपना नाम तक आगे नहीं आने दिया। उसने 15 लाख रुपये का गुप्त दान मां बाला सुंदरी के नाम से दिया है। वहीं पहले नवरात्र पर मंदिर के शीर्ष पर 105 फीट ऊंचाई पर झंडा रस्म अदा की गई। इसके तहत हर नवरात्र की तरह इस नवरात्र भी पुराना झंडा बदलकर नया झंडा लगाया गया। मंदिर कमेटी सचिव अशोक राणा ने बताया कि मंदिर शीर्ष पर लगने वाले झंडे सहित माता बाला सुंदरी की प्रतिमा के वस्त्र को बदलने की बुकिंग अगले 20 सालों तक हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर की कमेटी द्वारा भव्य रूप से सजावट की गई थी। रात्रि को मंदिर पर लगी लाइटें देखने लायक है। मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क कमरे, पीने के पानी, दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क व्हीलचेयर की भी सुविधा प्रदान की गई है।-
विज्ञापन
36 किलो चांदी से बना मां का दरबार
मां बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी व प्रतिमा के लिए मंदिर कमेटी द्वारा 36 किलो चांदी से बना भव्य दरबार बनाया गया। ऐसा दरबार वर्ष 2022 में बनाया गया था। दरबार बनाने के लिए एक श्रद्धालु ने ही आधा खर्च 15 लाख रुपये का दान दिया है। श्रद्धालु ने इसके लिए अपना नाम तक आगे नहीं आने दिया। उसने 15 लाख रुपये का गुप्त दान मां बाला सुंदरी के नाम से दिया है। वहीं पहले नवरात्र पर मंदिर के शीर्ष पर 105 फीट ऊंचाई पर झंडा रस्म अदा की गई। इसके तहत हर नवरात्र की तरह इस नवरात्र भी पुराना झंडा बदलकर नया झंडा लगाया गया। मंदिर कमेटी सचिव अशोक राणा ने बताया कि मंदिर शीर्ष पर लगने वाले झंडे सहित माता बाला सुंदरी की प्रतिमा के वस्त्र को बदलने की बुकिंग अगले 20 सालों तक हो चुकी है।

माता बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
विज्ञापन