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मन नियंत्रित करने से सुधरेगा जीवन : जैन मुनि
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बराड़ा। भारत केसरी आचार्य प्रवर पूज्य काशीराम महाराज के शिष्यरत्न पंजाब युवाचार्य श्रमण संघीय मंत्री और प्रवर्तक गुरुदेव स्वामी शुक्ल चंद महाराज के 55वें पुण्य स्मरण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान उप प्रवर्तक श्रवण श्रेष्ठ सुभाष मुनि महाराज व प्रवचन दिवाकर सुधीर मुनि महाराज ने कहा कि मन को नियंत्रण कर लो, जीवन सुधर जाएगा, यह मन ही तो है जो पाप, पुण्य कराता है। जीवन को नेक और अनेक रास्तों पर ले जाता है। इसलिए कहा है की मन के हारे हार, मन की जीते जीत।
मुनि महाराज स्थानीय जैन स्थानक में एसएस जैन सभा द्वारा आयोजित शुक्ल चंद महाराज के 55वें पुण्य स्मरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मन की पवित्रता से जीवन आगे बढ़ता है। क्योंकि जीवन में मन ही है जो भटकता है और जीवन को भी भटकाता है। यदि वह अपने वश में हो जाता है तो सब कुछ सही रहता है। जीवन का उत्थान होता है। प्रवक्ता श्रीपाल जैन ने बताया कि प्रवर्तक गुरुदेव स्वामी शुक्ल चंद महाराज का जीवन समस्त जगत के लिए कल्याणकारी रहा। उनकी दी हुई शिक्षाओं और मार्गदर्शन की बदौलत मानव अपना जीवन सफल कर सकता है।
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श्रीपाल जैन ने बताया कि भगवान महावीर कहते हैं कि तीर्थंकर की वाणी तुमने कितनी ही बार सुनी, उसका क्या फर्क पड़ा। उसका कोई असर नहीं हुआ तो सुनने से क्या फायदा। मनुष्यत्व को प्राप्त करने के लिए धर्म श्रवण करना जरूरी है। जैन मुनि ने कहा कि एक बार पत्थर की मूर्ति मंदिर में जाती है तो वह परमात्मा बन जाती है और हमें मंदिर जाकर लौटते हुए जिंदगी बीत जाती है लेकिन पत्थर ही बन कर लौटते हैं। उन्होंने कहा का कि आचरण को पवित्र रखना जीवन का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। कार्यक्रम के उपरांत खीर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रधान नरेश जैन, सुशील जैन, विनय जैन, भूपेंद्र जैन, राजकुमार जैन, प्रमोद जैन, रोहित जैन, ललित, प्रतीक, साधुराम और नारी शक्ति उपस्थित रही।
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इस दौरान उप प्रवर्तक श्रवण श्रेष्ठ सुभाष मुनि महाराज व प्रवचन दिवाकर सुधीर मुनि महाराज ने कहा कि मन को नियंत्रण कर लो, जीवन सुधर जाएगा, यह मन ही तो है जो पाप, पुण्य कराता है। जीवन को नेक और अनेक रास्तों पर ले जाता है। इसलिए कहा है की मन के हारे हार, मन की जीते जीत।
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मुनि महाराज स्थानीय जैन स्थानक में एसएस जैन सभा द्वारा आयोजित शुक्ल चंद महाराज के 55वें पुण्य स्मरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मन की पवित्रता से जीवन आगे बढ़ता है। क्योंकि जीवन में मन ही है जो भटकता है और जीवन को भी भटकाता है। यदि वह अपने वश में हो जाता है तो सब कुछ सही रहता है। जीवन का उत्थान होता है। प्रवक्ता श्रीपाल जैन ने बताया कि प्रवर्तक गुरुदेव स्वामी शुक्ल चंद महाराज का जीवन समस्त जगत के लिए कल्याणकारी रहा। उनकी दी हुई शिक्षाओं और मार्गदर्शन की बदौलत मानव अपना जीवन सफल कर सकता है।
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श्रीपाल जैन ने बताया कि भगवान महावीर कहते हैं कि तीर्थंकर की वाणी तुमने कितनी ही बार सुनी, उसका क्या फर्क पड़ा। उसका कोई असर नहीं हुआ तो सुनने से क्या फायदा। मनुष्यत्व को प्राप्त करने के लिए धर्म श्रवण करना जरूरी है। जैन मुनि ने कहा कि एक बार पत्थर की मूर्ति मंदिर में जाती है तो वह परमात्मा बन जाती है और हमें मंदिर जाकर लौटते हुए जिंदगी बीत जाती है लेकिन पत्थर ही बन कर लौटते हैं। उन्होंने कहा का कि आचरण को पवित्र रखना जीवन का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। कार्यक्रम के उपरांत खीर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रधान नरेश जैन, सुशील जैन, विनय जैन, भूपेंद्र जैन, राजकुमार जैन, प्रमोद जैन, रोहित जैन, ललित, प्रतीक, साधुराम और नारी शक्ति उपस्थित रही।