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Ambala News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
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अंबाला सिटी। जिले के एक गांव में तीन साल पहले 12वीं में पढ़ने वाली छात्रा से दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को अंबाला की पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे मनपाल रमावत ने एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 10 हजार रुपये लड़की को दिए जाएंगे। पीड़िता को चार लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता लीगल सर्विस की ओर से दिया जाएगा।
दरअसल वर्ष 2021 में नाबालिगा ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के एक लड़के का उसके घर के मोबाइल पर कॉल आई। पहले भाई ने उठाया तो कोई नहीं बाेला। इसके बाद दोबारा से लड़के ने फोन किया तो इस बार पीड़िता ने उठाया। दोषी लड़के ने फोन पर बोला कि उसके पास नाबालिग की मां के संबंध में कुछ सुबूत हैं, जिनके जरिए वह उसकी मां की बदनामी गांव में कर सकता है, लड़के ने मिलने की शर्त रखी।
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ऐसे में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिगा डर गई और लड़के से मिलने उसके बाड़े में चली गई। ऐसे में लड़के ने पीड़िता से दुष्कर्म किया। इसके बाद भी दबाव डालकर दोषी पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने लगा। इसी के साथ दबाव बनाने के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजने लगा। वहीं, उसे जातिसूचक शब्दाें से ताने भी दिए।
एक बार पीड़िता को दोषी ने बुलाया, मगर वह नहीं गई और परेशान होकर रोने लगी। यह पीड़िता की मां ने देख लिया और मामला पूछा। इसके बाद पीड़िता के परिजन उसे लेकर महिला थाने में गए और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। तीन वर्ष तक अदालत में चले मुकदमे के दौरान कई साक्ष्य व गवाह पेश हुए। गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी को 20 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना और जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित करने की धाराओं में उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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इसके साथ ही 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 10 हजार रुपये लड़की को दिए जाएंगे। पीड़िता को चार लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता लीगल सर्विस की ओर से दिया जाएगा।
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दरअसल वर्ष 2021 में नाबालिगा ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के एक लड़के का उसके घर के मोबाइल पर कॉल आई। पहले भाई ने उठाया तो कोई नहीं बाेला। इसके बाद दोबारा से लड़के ने फोन किया तो इस बार पीड़िता ने उठाया। दोषी लड़के ने फोन पर बोला कि उसके पास नाबालिग की मां के संबंध में कुछ सुबूत हैं, जिनके जरिए वह उसकी मां की बदनामी गांव में कर सकता है, लड़के ने मिलने की शर्त रखी।
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ऐसे में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिगा डर गई और लड़के से मिलने उसके बाड़े में चली गई। ऐसे में लड़के ने पीड़िता से दुष्कर्म किया। इसके बाद भी दबाव डालकर दोषी पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने लगा। इसी के साथ दबाव बनाने के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजने लगा। वहीं, उसे जातिसूचक शब्दाें से ताने भी दिए।
एक बार पीड़िता को दोषी ने बुलाया, मगर वह नहीं गई और परेशान होकर रोने लगी। यह पीड़िता की मां ने देख लिया और मामला पूछा। इसके बाद पीड़िता के परिजन उसे लेकर महिला थाने में गए और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। तीन वर्ष तक अदालत में चले मुकदमे के दौरान कई साक्ष्य व गवाह पेश हुए। गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी को 20 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना और जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित करने की धाराओं में उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।