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Ambala News: निगम मेयर का उपचुनाव कराने में कानूनी पेंच
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अंबाला सिटी। नगर निगम मेयर के पद के लिए उपचुनाव कराने में कानूनी पेंच फंसता नजर आ रहा है। इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि हरियाणा में मेयर का पद किसी कारण से रिक्त हुआ हो तो इस पद पर बचे कार्यकाल के लिए आयोग उपचुनाव नहीं करा सकता है।
इसके पीछे आयोग दिसंबर-2020 में एक्ट में हुए संशोधन का हवाला दे रहा है। दरअसल पिछले माह ही नगर निगम मेयर का पद खाली हुआ है क्योंकि नगर निगम की मेयर शक्तिरानी शर्मा कालका विधानसभा से भाजपा की टिकट पर जीतकर विधायक बन गई हैं। तभी से नगर निगम में मेयर के रिक्त पद को लेकर चर्चा चल रही है।
मंत्री और आयोग अधिकारियों को लिखा था पत्र
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता हेमंत कुमार ने बताया कि पिछले अक्तूबर में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री से लेकर हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयुक्त धनपत सिंह को तो पत्र लिखा था। इसमें वर्णन था कि अंबाला नगर निगम मेयर के पद को औपचारिक और आधिकारिक तौर पर रिक्त घोषित किया जाए। इसके साथ साथ नए मेयर के उपचुनाव के लिए प्रक्रिया आरंभ की जाए।
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इसके जवाब में राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया है कि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की धारा 13 नगर निगम मेयर और सदस्यों की रिक्त हुई सीटों को उपचुनाव द्वारा भरे जाने से संबंधित है। मगर दिसंबर 2020 में प्रदेश विधानसभा द्वारा संशोधन कर यह उल्लेख कर दिया गया था कि उक्त धारा के प्रावधान रिक्त हुई मेयर की सीट पर लागू नहीं होंगे। अगर किसी नगर निगम के मेयर का पद, बेशक वह किसी भी कारण से रिक्त हुआ हो, तो उसे राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव द्वारा भरा नहीं जा सकता है।
सरकार से स्पष्ट करने को लिखा
हेमंत ने बताया कि हालांकि अन्य प्रावधानों का हवाला देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार से इस बारे में स्पष्ट करने को लिखा है ताकि इस आयोग द्वारा रिक्त अंबाला नगर निगम मेयर को उपचुनाव द्वारा भरने बारे फाइनल निर्णय लिया जा सके।
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इसके पीछे आयोग दिसंबर-2020 में एक्ट में हुए संशोधन का हवाला दे रहा है। दरअसल पिछले माह ही नगर निगम मेयर का पद खाली हुआ है क्योंकि नगर निगम की मेयर शक्तिरानी शर्मा कालका विधानसभा से भाजपा की टिकट पर जीतकर विधायक बन गई हैं। तभी से नगर निगम में मेयर के रिक्त पद को लेकर चर्चा चल रही है।
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मंत्री और आयोग अधिकारियों को लिखा था पत्र
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता हेमंत कुमार ने बताया कि पिछले अक्तूबर में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री से लेकर हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयुक्त धनपत सिंह को तो पत्र लिखा था। इसमें वर्णन था कि अंबाला नगर निगम मेयर के पद को औपचारिक और आधिकारिक तौर पर रिक्त घोषित किया जाए। इसके साथ साथ नए मेयर के उपचुनाव के लिए प्रक्रिया आरंभ की जाए।
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इसके जवाब में राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया है कि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की धारा 13 नगर निगम मेयर और सदस्यों की रिक्त हुई सीटों को उपचुनाव द्वारा भरे जाने से संबंधित है। मगर दिसंबर 2020 में प्रदेश विधानसभा द्वारा संशोधन कर यह उल्लेख कर दिया गया था कि उक्त धारा के प्रावधान रिक्त हुई मेयर की सीट पर लागू नहीं होंगे। अगर किसी नगर निगम के मेयर का पद, बेशक वह किसी भी कारण से रिक्त हुआ हो, तो उसे राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव द्वारा भरा नहीं जा सकता है।
सरकार से स्पष्ट करने को लिखा
हेमंत ने बताया कि हालांकि अन्य प्रावधानों का हवाला देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार से इस बारे में स्पष्ट करने को लिखा है ताकि इस आयोग द्वारा रिक्त अंबाला नगर निगम मेयर को उपचुनाव द्वारा भरने बारे फाइनल निर्णय लिया जा सके।