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Ambala News: दोस्त के कहने पर छोड़ी बाॅस्केटबॉल और क्रिकेट अपनाई फेंसिंग, बने कोच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 04:30 AM IST
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Left basketball and cricket on friend's advice, took up fencing, became a coach
विकास धानिया, फेंसिंग कोच, अंबाला छावनी
अंबाला। विकास का फेंसिंग कोच बनने तक का सफर रोचक है। जो खिलाड़ियों को प्रेरित करता है। विकास ने दोस्त के कहने पर बास्केटबॉल और क्रिकेट छोड़ फेंसिंग अपनाई। करनाल के गांव कैलाश निवासी विकास धानिया ने बताया कि वह स्कूल समय में बास्केटबाल और क्रिकेट खेलते थे, लेकिन उनका दोस्त राजकुमार जोकि फेंसिंग की ट्रेनिंग लेने जाता था।
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उन्होंने विकास को फेंसिंग खेलने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद विकास ने 2006-07 में फेंसिंग कोच सत्यवीर से फेंसिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया।विकास ने पांच बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी खेली और एक कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी बने । इसी के साथ सीनियर नेशनल खेलों में भी भाग लिया। इसके बाद पटियाला स्थित एनएचएनआईएस से कोचिंग का डिप्लोमा लेकर कोच बनकर बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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उनकी ओर से प्रशिक्षण प्राप्त कर दो महिला खिलाड़ी में एक बनी कोच तो दूसरी लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा कर रहीं हैं। मौजूदा समय में वह छावनी के डीएवी रिवरसाइड स्कूल में खिलाडियों को फेंसिंग की कोचिंग दे रहे हैं।
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2007 से लेकर 2012 तक खेले
विकास धानिया ने बताया कि उन्होंने पांच बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप खेली। जिसमें दो बार जम्मू, एक तमिलनाडु और दो बार पटियाला में आयोजित हुई थी। इन चैंपियनशिप में उन्होंने एक पदक प्राप्त किया। इसी के साथ एक बार केरला और एक बार आंध्रप्रदेश में दो बार सीनियर नेशनल गेम्स में भाग लिया, लेकिन यहां पर कोई पदक नहीं मिला।
2012-13 में किया कोचिंग का डिप्लोमा
कोच सत्यवीर के कहने पर विकास धानिया ने पटियाला स्थित एनएसआईएस नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से कोचिंग का डिप्लोमा किया। इसके बाद 2014 में खेल कोटे से उनकी सरकारी नौकरी लग गई।

दो खिलाड़ियों में से एक लेफ्टिनेंट तो दूसरी फेंसिंग कोच
विकास धानिया ने बताया कि वह 2015 बैच में वह करनाल में खिलाड़ियों को फेंसिंग का प्रशिक्षण देते थे। उनमें से एक महिला खिलाड़ी तनिष्क खत्री नेवी में लेफ्टिनेंट के पद पर सेलेक्ट हुई, जोकि अभी मुंबई में तैनात है। वहीं दूसरी खिलाड़ी शीतल ओएसपी के तहत फेंसिंग कोच बनी और हिसार में खिलाड़ियों को फेंसिंग की कोचिंग दे रही है।उन्होंने बताया कि वह 2014 से लेकर 2024 तक 500 के करीब खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके है। इसमें से 30 करीब खिलाड़ी इंटरनेशनल खेल चुके हैं। 2023 में चीन में आयोजित एशियन गेम्स में दो खिलाड़ियाें ने भाग लिया था। जिसमें से एक खिलाड़ी प्रवीण कुमार जोकि दिव्यांग थे। वहीं दूसरी खिलाड़ी तनिषा खत्री है। पहले वह करनाल में थे जहां पर वह 30 व्हील चेयर खिलाड़ियों को भी फेंसिंग का प्रशिक्षण दिया है।

2017 में आए अंबाला
अंबाला में 100 बच्चों को प्रशिक्षण दिया है, जिसमें से सात खिलाड़ी नेशनल स्तर पर पदक जीत चुके हैं, खेलो इंडिया में दो खिलाडी परीक्षा और कनिष्का ने भाग लिया और दोनों ने एक एक कांस्य पदक जीता। वहीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में हर्ष ने रजत पदक जीता। आंध्र प्रदेश में 2024 में सब जूनियर नेशनल चैपिंयनशिप हुई थी। इस चैंपियनशिप में उमंग ने सिल्वर पदक जीतकर अंबाला का नाम रोशन किया।
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