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विद्यार्थियों को सही राह दिखा आगे बढ़ा रहीं देवियां
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अंबाला सिटी। गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है। शिक्षिका बन यह देवियां बच्चों को सही राह दिखाते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं। अध्यापकों का कहना है कि उनको सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब उन्हें पता चलता है कि उनके द्वारा शिक्षित विद्यार्थी जीवन में एक उच्च मुकाम तक पहुंच गया है। उस पल को अनुभव करना ही प्रत्येक शिक्षक का एक सपना होता है। वहीं उनकी ओर से कक्षा में आने वाले प्रत्येक छात्र पर बराबर ध्यान दिया जाता है, ताकि कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह जाए।
शिक्षा सबसे जरूरी
समाज में रहने के लिए सबसे जरूरी शिक्षा है। प्रत्येक छात्र को शिक्षा देने का प्रयास कर रही हैं। कहा भी गया है कि बिना गुरु के ज्ञान अधूरा होता है। प्रयास है कि प्रत्येक छात्र शिक्षित होकर आगे बढ़े।
- सुनीता शर्मा, प्राचार्य पीकेआर गर्ल्स स्कूल, अंबाला सिटी।
यही खुशी का पल
जब छात्र जीवन में उच्च शिखर पर पहुंच जाए वह पल शिक्षक के लिए खुशी का होता है। इसी पल को जीने के लिए प्रत्येक अध्यापक छात्र पर विशेष रूप से ध्यान देता है।
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- कर्मजीत कौर, प्राचार्य, सूर्या स्कूल, अंबाला सिटी।
छात्र जीवन में सफल बनें
प्रत्येक बच्चा शिक्षित हो इसके लिए अध्यापक प्रयास करता है। हमारी ओर से प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षित कर उनको जीवन में सफल बना सकें।
- रमनजीत कौर, प्राचार्य, द स्कोलर स्कूल भानोखेड़ी, अंबाला सिटी।
व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी
महत्वपूर्ण कर्तव्य यह है कि वह कमजोर बच्चे को जीवन में सफल बना कर दिखाएं। हमारी ओर से किताबी ज्ञान के अलावा व्यावहारिक द्वारा दिया जाता है जो उनके जीवन भर काम आए।
-शोभा धीमान, शिक्षक, सेक्टर आठ, अंबाला सिटी।
सही राह दिखाना कर्तव्य
शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया गया है। हमारा कर्तव्य है कि बच्चे को सही राह दिखाते हुए सफल इंसान बनाने का कार्य करे। जिससे वह सही रास्ते पर चलें, बल्कि जीवन में सफल बने।
-रेखा गोयल, प्राचार्य, केपीएके महाविद्यालय, अंबाला सिटी।
जीवन का ज्ञान देना चाहिए
बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना जरूरी नहीं, उनको जीवन का ज्ञान देना भी जरूरी है। प्रयास किया जाता है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाया जाए।
- नीलम रानी, प्राचार्य, एनएमएमडी स्कूल, अंबाला सिटी।
शिक्षा पद्घति बहुत बदल गई
आजकल शिक्षा पद्धति बहुत बदल गई है। शिक्षकों के लिए बच्चों के साथ चलना जरूरी है। वर्कशॉप के माध्यम से आधुनिक पढ़ाई की ओर कदम रखते हुए बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
सुधा माथुर, प्राचार्य, माइंड ट्री स्कूल पंजोखरा, अंबाला छावनी।
रुचि लाने का प्रयास करें
जिनकी पढ़ाई में रुचि नहीं होती ऐसे बच्चों में रुचि लाने के लिए प्रयास करते हैं। व्यवहारिक भी जरूरी है। किताबी ज्ञान एक पल के लिए रह जाता है परंतु व्यवहारिक जीवन भर काम आता है।
-अनु कोहली, शिक्षक, पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी।
बिन शिक्षा आगे बढ़ना असंभव
बिना शिक्षा के जीवन में आगे बढ़ना संभव नहीं है। प्रत्येक बच्चे को सही शिक्षा देना एक अध्यापक का ही कार्य है। प्रत्येक अध्यापक को विद्यार्थी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- डॉ. रूचिका भुटानी, विजय वल्लभ स्कूल, अंबाला सिटी।
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शिक्षा सबसे जरूरी
समाज में रहने के लिए सबसे जरूरी शिक्षा है। प्रत्येक छात्र को शिक्षा देने का प्रयास कर रही हैं। कहा भी गया है कि बिना गुरु के ज्ञान अधूरा होता है। प्रयास है कि प्रत्येक छात्र शिक्षित होकर आगे बढ़े।
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- सुनीता शर्मा, प्राचार्य पीकेआर गर्ल्स स्कूल, अंबाला सिटी।
यही खुशी का पल
जब छात्र जीवन में उच्च शिखर पर पहुंच जाए वह पल शिक्षक के लिए खुशी का होता है। इसी पल को जीने के लिए प्रत्येक अध्यापक छात्र पर विशेष रूप से ध्यान देता है।
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- कर्मजीत कौर, प्राचार्य, सूर्या स्कूल, अंबाला सिटी।
छात्र जीवन में सफल बनें
प्रत्येक बच्चा शिक्षित हो इसके लिए अध्यापक प्रयास करता है। हमारी ओर से प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षित कर उनको जीवन में सफल बना सकें।
- रमनजीत कौर, प्राचार्य, द स्कोलर स्कूल भानोखेड़ी, अंबाला सिटी।
व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी
महत्वपूर्ण कर्तव्य यह है कि वह कमजोर बच्चे को जीवन में सफल बना कर दिखाएं। हमारी ओर से किताबी ज्ञान के अलावा व्यावहारिक द्वारा दिया जाता है जो उनके जीवन भर काम आए।
-शोभा धीमान, शिक्षक, सेक्टर आठ, अंबाला सिटी।
सही राह दिखाना कर्तव्य
शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया गया है। हमारा कर्तव्य है कि बच्चे को सही राह दिखाते हुए सफल इंसान बनाने का कार्य करे। जिससे वह सही रास्ते पर चलें, बल्कि जीवन में सफल बने।
-रेखा गोयल, प्राचार्य, केपीएके महाविद्यालय, अंबाला सिटी।
जीवन का ज्ञान देना चाहिए
बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना जरूरी नहीं, उनको जीवन का ज्ञान देना भी जरूरी है। प्रयास किया जाता है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाया जाए।
- नीलम रानी, प्राचार्य, एनएमएमडी स्कूल, अंबाला सिटी।
शिक्षा पद्घति बहुत बदल गई
आजकल शिक्षा पद्धति बहुत बदल गई है। शिक्षकों के लिए बच्चों के साथ चलना जरूरी है। वर्कशॉप के माध्यम से आधुनिक पढ़ाई की ओर कदम रखते हुए बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
सुधा माथुर, प्राचार्य, माइंड ट्री स्कूल पंजोखरा, अंबाला छावनी।
रुचि लाने का प्रयास करें
जिनकी पढ़ाई में रुचि नहीं होती ऐसे बच्चों में रुचि लाने के लिए प्रयास करते हैं। व्यवहारिक भी जरूरी है। किताबी ज्ञान एक पल के लिए रह जाता है परंतु व्यवहारिक जीवन भर काम आता है।
-अनु कोहली, शिक्षक, पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी।
बिन शिक्षा आगे बढ़ना असंभव
बिना शिक्षा के जीवन में आगे बढ़ना संभव नहीं है। प्रत्येक बच्चे को सही शिक्षा देना एक अध्यापक का ही कार्य है। प्रत्येक अध्यापक को विद्यार्थी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- डॉ. रूचिका भुटानी, विजय वल्लभ स्कूल, अंबाला सिटी।