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Kisan Andolan: आंसू गैस और ज्वलनशील बौछारों से बॉर्डर पर अफरा-तफरी, कंटीली तारों के डंडे तैयार
Mon, 12 Feb 2024 11:29 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 12 Feb 2024 11:29 PM IST
सार
बॉर्डर से सबसे आगे आरएएफ और अंबाला पुलिस जवान हैं। हरियाणा सीमा में घग्गर नदी के भीतर भी कंटीली तारबंदी की गई है। 500 मीटर दायरे तक 10 जगह नाके लगे हैं। सोमवार को मॉकड्रिल भी की गई है।
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किसानों को रोकने के लिए प्रशासन की तैयारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
किसानों के दिल्ली कूच की आखिरकार घड़ी आ गई है। एक ओर जहां शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के तमाम बंदोबस्त कर प्रशासन तैयार है। दूसरी ओर किसानों के करीब 500 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला भी तेजी से बॉर्डर की तरफ बढ़ रहा है। आज किसान बॉर्डर पार करने का प्रयास कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो टकराव की संभावना है।
इसके लिए सोमवार को भी पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर शाम के समय मॉकड्रिल की। ऐसे में पहले ही दर्जनों की संख्या में किसान और युवा बॉर्डर पर पहुंच गए। हालांकि अंबाला पुलिस की तरफ से घोषणा की गई थी, लेकिन कोई पीछे नहीं हटा। जैसे ही पुलिस ने आंसू गैस के करीब आधा दर्जन गोले चलाए तो पंजाब की तरफ बॉर्डर पर अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के बीच गिरे गोलों के बाद युवा खुद को सुरक्षित करते नजर आए।
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इतना ही नहीं पुलिस की तरफ से वाटर कैनन से पहले तो सामान्य पानी की बौछार की, लेकिन जैसे ही रंगीन पानी बौछार हुई तो बॉर्डर पार खड़े लोगों की आंखों और नाक में जलन महसूस हुई। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ का छिड़काव किया। हालांकि कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई।
ट्रैक्टर रोकने के लिए पहुंचे व्हील कैचर
आंदोलन के दौरान हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। एक ओर सुरक्षा कवच में जहां जमीन पर लोहे के कांटे बिछाकर उसे सीमेंट से पक्का कर दिया है वहीं पुल पर स्थिति को संभालने के लिए कंटीली तारों वाले डंडे भी रखे हैं। जोकि पुलिस की टुकड़ी के हाथ में होंगे। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्राली को एक जगह जाम करना है तो उसके लिए व्हील कैचर भी आए है। इसे पहिये में लगाते ही वो लॉक हो जाएगा।
आरएएफ के जवान भी तैनात
अभी तक केवल शंभू बॉर्डर पर ही सुरक्षा कवच को मजबूत किया जा रहा था लेकिन सोमवार को घग्गर नदी में भी पुलिस ने हथियारों से लैस आरएएफ के जवानों की टुकड़ी को तैनात कर दिया। इतना ही नहीं बह रही नदी में हरियाणा की तरफ से कंटीली तारें लगा दी गई है ताकि कोई भी किसान पैदल नदी पार करके न आ सके।
शंभू बॉर्डर : कदम कदम पर पहरा
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इसके लिए सोमवार को भी पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर शाम के समय मॉकड्रिल की। ऐसे में पहले ही दर्जनों की संख्या में किसान और युवा बॉर्डर पर पहुंच गए। हालांकि अंबाला पुलिस की तरफ से घोषणा की गई थी, लेकिन कोई पीछे नहीं हटा। जैसे ही पुलिस ने आंसू गैस के करीब आधा दर्जन गोले चलाए तो पंजाब की तरफ बॉर्डर पर अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के बीच गिरे गोलों के बाद युवा खुद को सुरक्षित करते नजर आए।
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इतना ही नहीं पुलिस की तरफ से वाटर कैनन से पहले तो सामान्य पानी की बौछार की, लेकिन जैसे ही रंगीन पानी बौछार हुई तो बॉर्डर पार खड़े लोगों की आंखों और नाक में जलन महसूस हुई। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ का छिड़काव किया। हालांकि कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई।
ट्रैक्टर रोकने के लिए पहुंचे व्हील कैचर
आंदोलन के दौरान हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। एक ओर सुरक्षा कवच में जहां जमीन पर लोहे के कांटे बिछाकर उसे सीमेंट से पक्का कर दिया है वहीं पुल पर स्थिति को संभालने के लिए कंटीली तारों वाले डंडे भी रखे हैं। जोकि पुलिस की टुकड़ी के हाथ में होंगे। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्राली को एक जगह जाम करना है तो उसके लिए व्हील कैचर भी आए है। इसे पहिये में लगाते ही वो लॉक हो जाएगा।
आरएएफ के जवान भी तैनात
अभी तक केवल शंभू बॉर्डर पर ही सुरक्षा कवच को मजबूत किया जा रहा था लेकिन सोमवार को घग्गर नदी में भी पुलिस ने हथियारों से लैस आरएएफ के जवानों की टुकड़ी को तैनात कर दिया। इतना ही नहीं बह रही नदी में हरियाणा की तरफ से कंटीली तारें लगा दी गई है ताकि कोई भी किसान पैदल नदी पार करके न आ सके।
शंभू बॉर्डर : कदम कदम पर पहरा
- पंजाब की तरफ से शंभू बॉर्डर पर हरियाणा सीमा में दोनों पुल पर सबसे पहले सीमेंट के ब्लॉक की दीवार है लेकिन उस पर कोई कंटीली तारें नहीं है
- उसके बाद करीब 10 कदम की दूरी खाली और फिर पुलिस का मजबूत पडाव शुरू हो जाएगा। इसमें सीमेंट ब्लॉक के अलावा आरडीएफ व पुलिस के जवान होंगे
- फिर इसी तरह से चार पड़ाव होंगे और उनमें जवानों के अलावा कंटीले तार और जवानों की फौज होगी
- किसी तरह यह पार कर देते हैं तो छठा पड़ाव लोहे के कांटों वाला है और उसके बाद फिर सातवें पड़ाव में सीमेंट के ब्लॉक, कंटीली तारें
- आठवें पड़ाव में वाटर कैनन व मल्टी बैरल लांचर गन से आंसू गैस के एक साथ दो दर्जन गोलों की बौछार होगी और साथ ही वाटर कैनन से जलनशील पानी की बौछार होगी
- उसके बाद नौवां पड़ाव यानी करीब 50 कदम की दूरी पर पुल के अंतिम छोर में वाहनों को रोकने के लिए भारी भरकम कंटेनरों को रखा गया है और उस पर भी पत्थर रखे गए है
- शंभू टोल से आगे यानी दसवां व अंतिम पड़ाव भी करीब 300 मीटर की दूरी पर पर होगा, जहां हाईवे के दोनों तरफ पुलिस के जवानों का नाका मिलेगा।