फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Karmabhoomi Express searched for the seventh time on the information of human trafficking, 13 children rescued

मानव तस्करी की सूचना पर सातवीं बार खंगाली कर्मभूमि एक्सप्रेस, रेस्क्यू किए 13 बच्चे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
Karmabhoomi Express searched for the seventh time on the information of human trafficking, 13 children rescued
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए बच्चों को साथ लेकर जाती सुरक्षा टीम। - फोटो : Ambala
मानव तस्करी की सूचना पर वीरवार दोपहर को न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर छावनी रेलवे स्टेशन पर पहुंची कर्मभूमि एक्सप्रेस में सातवीं बार छापामारी की गई। इस दौरान पांच विभागों के 20 कर्मचारियों ने ट्रेन के 5 कोच खंगाले। टीम के सदस्यों ने ट्रेन में सफर कर रहे 13 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया।
विज्ञापन

साथ ही टीम ने दो लोग भी पकड़े हैं। दोनों पश्चिमी बंगाल और बिहार के रहने वाले हैं। जानकारी के अनुसार ये दोनों लोग बच्चों को पोल्ट्री फार्म और प्लाई बोर्ड की फैक्टरी में मजदूरी करवाने के लिए ले जा रहे थे। बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक यादविंदर सिंह ने बताया कि वीरवार सुबह सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 02407 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस के 5 अलग-अलग कोच में 18 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है।
विज्ञापन

सूचना के बाद आरपीएफ, जीआरपी, क्राइम ब्रांच, जिला बाल संरक्षण सहित रेलवे चाइल्ड टीम के 20 कर्मचारियों को संयुक्त छापामारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। ट्रेन लगभग एक घंटे की देरी से दोपहर लगभग 2.15 बजे प्लेटफार्म 6 पर पहुंची। टीम ने कोच नंबर डी-8 से 4 बच्चे, डी-10 से 7, डी-13 से 3 व डी-14 से 4 और डी-15 कोच से 1 बच्चे को रेस्क्यू कर ट्रेन से नीचे उतारा। जांच में इन कुल 19 बच्चों में से 6 बच्चे बालिग पाए गए। जिन्हें आधार कार्ड देखने के बाद छोड़ दिया गया। जबकि 13 बच्चे नाबालिग थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पठानकोट और शाहाबाद जा रहे थे नाबालिग
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए 9 बच्चे पश्चिम बंगाल के हैं। प्राथमिक काउंसिलिंग के दौरान 8 बच्चों ने घूमने व परिजनों के पास जाने की जानकारी दी। वहीं एक बच्चे ने बताया कि दुर्गेश नामक व्यक्ति उन्हें पठानकोट ले जा रहा था। यहां उन्हें एक प्लाई बोर्ड की फैक्टरी में काम करना था। वहीं बिहार के 4 बच्चों में से एक ने बताया कि सौदागर नामक व्यक्ति उन्हें शाहाबाद के एक पोल्ट्री फार्म में काम के लिए लेकर जा रहा था। यह भी जानकारी सामने आई कि उक्त दोनों व्यक्तियों ने बच्चों के परिजनों को काम दिलाने का लालच देकर पंद्रह सौ से लेकर दो हजार रुपये भी दिए थे।
पहले भी मिले थे 35 बच्चे
मानव तस्करी की सूचना पर अगस्त, सितंबर और अक्तूबर माह में भी छह बार कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई थी। इस दौरान 35 से अधिक नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। सभी बच्चों को काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया था। वहीं जीआरपी ने 11 बच्चों के मामलों में जीरो एफआईआर काटकर आगामी कार्रवाई के लिए बिहार जीआरपी को भेज दी थी।

डीडीआर दर्ज
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए 13 बच्चों के संबंध में फिलहाल हमने डीडीआर दर्ज कर ली है। इस मामले में यदि सीडब्ल्यूसी की तरफ से कोई शिकायत दी जाती है तो बच्चों की काउंसिलिंग करवाई जाएगी और काउंसलिंग रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- विलायती राम, प्रभारी, जीआरपी छावनी।

जांच टीम के संरक्षण में ट्रेन से पकड़े गए नाबालिग।

जांच टीम के संरक्षण में ट्रेन से पकड़े गए नाबालिग।- फोटो : Ambala

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed