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गांव में दे रहे थे बेटी के जन्मदिन का न्योता, खुशियों को लगा ग्रहण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 01:21 AM IST
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Inviting daughter's birthday in the village, happiness was eclipsed
धर्म सिंह
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अंबाला सिटी। एक दिन पहले सुखविंद्र का परिवार बहुत खुश था, क्योंकि अगले दिन यानी 26 अगस्त को उसकी छोटी बेटी आशु का जन्मदिन था। खुशी के इस अवसर पर परिवार ने गांव बलाना के गुरुद्वारे में सुखमनी साहिब का पाठ रखवाया हुआ था। सुखविंद्र और उसकी पत्नी रीना पूरे गांव को न्योता देते फिर रहे थे। जन्मदिन मनाने की भी पूरी तैयारी थी, क्योंकि पांच साल की छोटी बेटी आशु सबकी लाडली थी, लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। 26 अगस्त की सुबह चढ़ी तो इस दिन ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
उधर, सुखविंद्र के भांजे भी अपनी ममेरी बहन के जन्मदिन को लेकर खासे उत्साहित थे, इसलिए सुबह ही अपने मामा यानी सुखविंद्र के मोबाइल पर अपनी बहन के जन्मदिन की बधाई देने के लिए फोन करने लगे। एक के बाद एक परिवार में सभी के मोबाइल नंबरों पर घंटियां गूंजती रही, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। अंतत: भांजे करणदीप ने एक पड़ोसी को फोन कर बताया कि मामा के घर से कोई भी व्यक्ति फोन नहीं उठा रहा है। ऐसे कहते हुए उन्होंने पड़ोसी से मामा के घर जाकर देखने का आग्रह किया। पड़ोसी ने जाकर देखा तो उसके पांव तले जमीन खिसक गई। पांच साल की आशु, सात साल की जस्सी समेत उनकी मां, दादा व दादी बेड पर मृत पड़े थे और सुखविंद्र का शव फंदे पर लटका हुआ था। बस, इसी घटना ने बेटी के जन्मदिन की खुशियों को मातम में बदल दिया और पूरे गांव को गम में डूबो दिया।
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सूचना मिलने के बाद अन्य परिजन और पड़ोसी सुखविंद्र के घर पहुंचे और वहां का नजारा देखकर सबकी आंखें नम हो गईं। घर रुदन और क्रंदन से गूंजने लगा। परिजन फूट-फूटकर रो रहे थे। शाम को एक साथ छह चिताएं जलीं। सुखविंद्र के चचेरे भाई ने सभी को मुखाग्नि दी। इस दौरान भी परिजनों की मातमी चीखाें ने माहौल को गमगीन बना रखा था। काफी देर तक लोग जलती चिताओं के पास खड़े यही सोचते रहे कि आखिरकार सुखविंद्र के परिवार की खुशियों को किसकी नजर लग गई।
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क्या सभी लटक कर देंगे जान, ऐसी सोच थी
सुखविंद्र के पास से जो सुसाइड नोट मिला है, पुलिस उसकी फोरेंसिक जांच करवाएगी, ताकि मालूम चल सके कि हेंडराइटिंग सुखविंद्र की है या नहीं। मगर इस सुसाइड नोट के ऊपर लिखने वाले व्यक्ति ने छह लोगों को फंदे से लटकने वाले चिह्न बनाए हैं। जिसे लेकर पुलिस भी हैरत में है। इन चिह्नों के साइड में तारीख 26 अगस्त लिखी है और वहीं छह लोगों के चिह्न फंदे से लटके हुए बनाए गए हैं। यानी सुसाइड नोट लिखने वाला व्यक्ति यही सोच रहा था कि छह लोग फंदे से लटककर जान देंगे। पुलिस को भी यह बात बहुत चौंकाने वाली लगी लेकिन इस घटना में पांच लोग बेड पर मृत मिले और एक युवक फंदे पर लटका मिला। पुलिस इस सुसाइड नोट को जांच के लिए एफएसएल में भेजेगी। यह सुसाइड नोट एक डायरी के पन्ने पर लिखा गया है।
-संवाद
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