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Ambala News: करनाल से प्रगतिशील किसानों का इनपुट
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पानीपत के जयपाल दो विषयों में पीएचडी है। उन्होंने बीएड कॉलेज में नौकरी छोड़कर कृषि को अपनाया। वे 70 एकड़ में लाल मिर्च और फूलों के अलावा अन्य सब्जियों की खेती करते हैं। दूसरे किसान सुरेश कुमार बडौली गांव से हैं। वे खेती में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर गेहूं और धान के अलावा बेर और सब्जियों की खेती करते हैं और अच्छी आमदनी प्राप्त करते है।कैथल
कैथल के कलासर गांव की रहने वाली पूजा तीन साल पहले खेतों में मजदूरी करतीं थी। उनके पास एक एकड़ जमीन है। मजदूरी करने के दौरान वह कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के संपर्क में आई और नेट में खेती करना सीखा। अब वह तीन एकड़ में खीरा उगा रही हैं और प्रतिवर्ष तीन से पांच लाख रुपये कमा रही हैं। पूजा को वर्ष 2022 में राज्यपाल की ओर हिसार में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया जा चुका है।
कलायत के बात्ता गांव के रहने वाले जॉनी राणा स्नातक हैं। वह प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जियां और अन्य फसलों का उत्पादन करते हैं। वह कम लागत पर अधिक पैदावार ले रहे हैं। जॉनी राणा को पिछले वर्ष हिसार में सम्मानित किया जा चुका है।
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कुरुक्षेत्र
-खेड़ी रामनगर की सुनीता देवी ने फूड प्रोसेसिंग में अपनी पहचान बनाई है। सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर उन्होंने कई महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
- ज्योतिसर क्षेत्र के रहने वाले किसान नंदलाल वर्मी कम्पोस्ट व प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं। वे अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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कैथल के कलासर गांव की रहने वाली पूजा तीन साल पहले खेतों में मजदूरी करतीं थी। उनके पास एक एकड़ जमीन है। मजदूरी करने के दौरान वह कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के संपर्क में आई और नेट में खेती करना सीखा। अब वह तीन एकड़ में खीरा उगा रही हैं और प्रतिवर्ष तीन से पांच लाख रुपये कमा रही हैं। पूजा को वर्ष 2022 में राज्यपाल की ओर हिसार में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया जा चुका है।
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कलायत के बात्ता गांव के रहने वाले जॉनी राणा स्नातक हैं। वह प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जियां और अन्य फसलों का उत्पादन करते हैं। वह कम लागत पर अधिक पैदावार ले रहे हैं। जॉनी राणा को पिछले वर्ष हिसार में सम्मानित किया जा चुका है।
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कुरुक्षेत्र
-खेड़ी रामनगर की सुनीता देवी ने फूड प्रोसेसिंग में अपनी पहचान बनाई है। सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर उन्होंने कई महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
- ज्योतिसर क्षेत्र के रहने वाले किसान नंदलाल वर्मी कम्पोस्ट व प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं। वे अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।