फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Informal talks are going on with SKM organizations

Ambala News: एसकेएम के संगठनों से चल रही अनौपचारिक बात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 10:56 PM IST
विज्ञापन
Informal talks are going on with SKM organizations
अंबाला। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े किसान संगठनों का रुख मौजूदा समय में आंदोलन कर रहे किसान संगठनों की तरफ हो सकता है। इसके लिए किसान नेताओं की एसकेएम के कुछ नेताओं से अनौपचारिक रूप से वार्ता चल रही है। अब यह वार्ता के कामयाब होने पर निर्भर करेगा कि वह किसान आंदोलन-2 से जुड़कर किस प्रकार आगे बढ़ते हैं।
विज्ञापन

किसान नेताओं ने किन संगठनों से उनकी बात चल रही है, इसकी जानकारी गोपनीय रखी है। मगर इतना तय है कि शंभू मोर्चे पर बैठे किसान नेता लगातार एसकेएम के नेताओं से संपर्क में हैं। किसानों की कोशिश है कि किसी प्रकार से आंदोलन को दोबारा से बड़े स्तर पर खड़ा किया जाए और अपनी मांगों को सरकार से हर हाल में मनवाया जाए।
विज्ञापन


गौरतलब है कि तीन कानूनों को रद्द करने जैसी मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का गठन हुआ था। जिसमें देशभर के किसान संगठन शामिल थे। इसके बाद जब एमएसपी को लेकर दोबारा से फरवरी में किसान आंदोलन हुआ तो एसकेएम (गैर राजनैतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले कुछ अन्य किसान संगठन आए। वहीं अब आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


फरवरी में औपचारिक रूप से हुई थी बात

किसान आंदोलन 13 फरवरी को पंजाब के शंभू पहुंचा था। इसी दौरान एसकेएम (गैर राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं की संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से औपचारिक रूप से बात हुई थी। पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने इस वार्ता को आगे बढ़ाया था, मगर तब किसान नेता आंदोलन की राह न अपनाकर राजनीति के जरिए सरकार को बदलने की कोशिश में थे। जबकि मौजूदा समय में आंदोलन कर रहे किसान नेता राजनीति की राह पर न जाकर आंदोलन के जरिए अपनी मांग सरकार से मनवाना चाहते थे। यही कारण था कि दोनों किसान संगठनाें की राय अलग-अलग हो गई। इसके बाद कई किसान नेताओं के एक-दूसरे के खिलाफ आए बयानों ने संबंधों में खटास लाने का काम किया।


अब दोनों का एक ही मत

लोकसभा चुनाव में जब केंद्र में मौजूद भाजपा सरकार दोबारा से सत्ता में आ गई तो अब हालात बदल गए हैं। किसान नेताओं ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एसकेएम से जुडे़ किसान नेताओं की राय भी यही बन रही है कि आंदोलन से ही किसान अपनी बात मनवाएं। यही कारण है कि अंदरखाने किसान आंदोलन को बड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हाल ही में किसान नेता राकेश टिकैत का बयान भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed