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Ambala News: दोगुने दाम में बिके साहा इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक प्लॉट
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- साहा इंडस्ट्रियल एरिया में सर्वाधिक 27250 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक लगी प्लॉटों की बोली
- विभिन्न श्रेणी के प्लॉटों की हुई नीलामी, 12450 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बोली की हुई थी शुरूआत
माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला। साहा इंडस्ट्रियल एरिया में हरियाणा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) ने प्लॉटों की नीलामी कराई जिसमें हरियाणा व अन्य राज्यों से उद्योग संचालकों ने भाग लिया। इस नीलामी में खरीदारों के लिए विभिन्न श्रेणियों के प्लॉटों के लिए 12450 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रिजर्व प्राइव रखा गया था। प्लॉटों की नीलामी के दौरान रिजर्व प्राइस से दोगुने दामों में प्लॉट बिक्री हुए। जिसमें खरीदारों ने सर्वाधिक 27250 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बोली लगाकर प्लॉट अपने नाम किए। सर्वाधिक बोली 1012 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए लगाई गई इसमें एक हजार वर्ग मीटर के 17 प्लॉट, 1012 वर्ग मीटर के प्लॉट, 1800 वर्ग मीटर के 13 प्लॉट और एक एकड़ के 11 प्लॉटों के लिए पंजीकरण करने वाले बोलीदाताओं को बुलाया गया था, वहीं 450 वर्ग मीटर के प्लॉटों को किसी तकनीकी कारण के चलते नीलाम नहीं किया गया।
प्लॉटधारकों को पांच साल का मिलेगा समय
प्लॉट की बोली को पाने वाले उद्योग संचालकों को इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए पांच साल का समय दिया जाता है, जिसमें तीन साल तक विभाग किसी प्रकार का भुगतान नहीं लिया जाता है। इसके बाद दो साल का समय बढ़वाना है तो 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर का भुगतान एचएसआईआईडीसी को करना होता है। यह समय तब से शुरू होता है जब विभाग प्लॉट पर कब्जा दे देता है। प्लॉट की बोली के लिए जितने पंजीकरण आते हैं उस हिसाब से एक निश्चित अनुपात में प्लॉटों की बोली कराई जाती है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एचएसआईआईडीसी को एक एकड़ के प्लॉट के लिए 25 आवेदन मिले हैं, वहीं 450 वर्ग मीटर श्रेणी के प्लॉट के लिए 248 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इस नीलामी के बाद में 1800 वर्ग मीटर, 1012 वर्ग मीटर की केटेगरी गिनती के ही प्लॉट रह जाएंगे।
आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया से बड़े प्लॉट हैं साहा में
एचएसआईआईडीसी के रिकॉर्ड के अनुसार आसपास के जिलों में स्थित औद्योगिक प्लॉटों की तुलना में साहा इंडस्ट्रियल एरिया में काफी बड़े आकार के प्लॉट हैं। यह तेजी से विकसित हो रहा है। यहां कोका कोला की फैक्ट्री 14 एकड़ में है। इसी प्रकार मॉलसनकोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री 18 एकड़, मनपसंद जूस ड्रिंक निर्माता फैक्ट्री चार एकड़, ऑफिसर्स च्वाइस शराब को बनाने वाली कंपनी एलाइट ब्लैंडर एवं डिस्टलरी जैसे बड़े ब्रांड साहा में अपने उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं, जबकि पंचकूला, यमुनानगर या आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया में इससे छोटे प्लॉट हैं। ऐसे में साहा इंडस्ट्रियल एरिया तेजी से विकसित हो रहा है।
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इंडस्ट्रियल एरिया में बड़े प्लॉटों के इस बार रिजर्व प्राइस से भी दोगुने दाम लगे हैं। यह इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए अच्छे संकेत हैं। 450 वर्ग मीटर के प्लॉटों की बोली नहीं कराई गई थी जिन्हें अगले एक दो सप्ताह में कराने की योजना है।-रघुवीर सिंह, एस्टेट मैनेजर, एचएसआईआईडीसी
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- विभिन्न श्रेणी के प्लॉटों की हुई नीलामी, 12450 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बोली की हुई थी शुरूआत
माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला। साहा इंडस्ट्रियल एरिया में हरियाणा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) ने प्लॉटों की नीलामी कराई जिसमें हरियाणा व अन्य राज्यों से उद्योग संचालकों ने भाग लिया। इस नीलामी में खरीदारों के लिए विभिन्न श्रेणियों के प्लॉटों के लिए 12450 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रिजर्व प्राइव रखा गया था। प्लॉटों की नीलामी के दौरान रिजर्व प्राइस से दोगुने दामों में प्लॉट बिक्री हुए। जिसमें खरीदारों ने सर्वाधिक 27250 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बोली लगाकर प्लॉट अपने नाम किए। सर्वाधिक बोली 1012 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए लगाई गई इसमें एक हजार वर्ग मीटर के 17 प्लॉट, 1012 वर्ग मीटर के प्लॉट, 1800 वर्ग मीटर के 13 प्लॉट और एक एकड़ के 11 प्लॉटों के लिए पंजीकरण करने वाले बोलीदाताओं को बुलाया गया था, वहीं 450 वर्ग मीटर के प्लॉटों को किसी तकनीकी कारण के चलते नीलाम नहीं किया गया।
प्लॉटधारकों को पांच साल का मिलेगा समय
प्लॉट की बोली को पाने वाले उद्योग संचालकों को इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए पांच साल का समय दिया जाता है, जिसमें तीन साल तक विभाग किसी प्रकार का भुगतान नहीं लिया जाता है। इसके बाद दो साल का समय बढ़वाना है तो 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर का भुगतान एचएसआईआईडीसी को करना होता है। यह समय तब से शुरू होता है जब विभाग प्लॉट पर कब्जा दे देता है। प्लॉट की बोली के लिए जितने पंजीकरण आते हैं उस हिसाब से एक निश्चित अनुपात में प्लॉटों की बोली कराई जाती है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एचएसआईआईडीसी को एक एकड़ के प्लॉट के लिए 25 आवेदन मिले हैं, वहीं 450 वर्ग मीटर श्रेणी के प्लॉट के लिए 248 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इस नीलामी के बाद में 1800 वर्ग मीटर, 1012 वर्ग मीटर की केटेगरी गिनती के ही प्लॉट रह जाएंगे।
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आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया से बड़े प्लॉट हैं साहा में
एचएसआईआईडीसी के रिकॉर्ड के अनुसार आसपास के जिलों में स्थित औद्योगिक प्लॉटों की तुलना में साहा इंडस्ट्रियल एरिया में काफी बड़े आकार के प्लॉट हैं। यह तेजी से विकसित हो रहा है। यहां कोका कोला की फैक्ट्री 14 एकड़ में है। इसी प्रकार मॉलसनकोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री 18 एकड़, मनपसंद जूस ड्रिंक निर्माता फैक्ट्री चार एकड़, ऑफिसर्स च्वाइस शराब को बनाने वाली कंपनी एलाइट ब्लैंडर एवं डिस्टलरी जैसे बड़े ब्रांड साहा में अपने उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं, जबकि पंचकूला, यमुनानगर या आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया में इससे छोटे प्लॉट हैं। ऐसे में साहा इंडस्ट्रियल एरिया तेजी से विकसित हो रहा है।
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इंडस्ट्रियल एरिया में बड़े प्लॉटों के इस बार रिजर्व प्राइस से भी दोगुने दाम लगे हैं। यह इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए अच्छे संकेत हैं। 450 वर्ग मीटर के प्लॉटों की बोली नहीं कराई गई थी जिन्हें अगले एक दो सप्ताह में कराने की योजना है।-रघुवीर सिंह, एस्टेट मैनेजर, एचएसआईआईडीसी