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फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर के मामले में खुफिया एजेंसी ने दर्ज किए रेलवे कर्मचारियों के बयान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 02:05 AM IST
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In the case of the vigilance inspector, the intelligence agency recorded the statements of the railway employees
अंबाला। फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर चैक करने के मामले में बुधवार को खुफिया एजेंसी ने रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की। कमरा नंबर 14 और 24 के कर्मचारियों ने एजेंसी को दिए बयान में बताया कि विजिलेंस इंस्पेक्टर बने व्यक्ति के साथ एक रेलवे कर्मचारी भी आया था। वो ही बार-बार हाजिरी रजिस्टर चैक करने पर जोर दे रहा था। इसलिए कमरा नंबर 14 में बैठे कर्मचारियों ने तो विजिलेंस इंस्पेक्टर बने व्यक्ति की मौजूदगी में हाजिरी रजिस्टर चैक करवा दिया, लेकिन कमरा नंबर 24 में बैठे कर्मचारियों ने बिना इजाजत के रजिस्टर दिखाने से इनकार कर दिया।
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जांच के दौरान आरपीएफ की क्राइम ब्रांच टीम के साथ जिला की सीआईडी टीम भी मौजूद थी, हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी प्रकार की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया, वहीं अमर उजाला पड़ताल में सामने आया है कि जिस कर्मचारी का नाम इस मामले में सामने आ रहा है, उसने कुछ समय पहले ही स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर आरटीआई भी लगाई थी। लिखित शिकायत रेलवे के उच्चाधिकारियों को भी सौंपी थी। जब उसे न्याय नहीं मिला तो उसने अपने स्तर पर ही फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर के सहारे तथ्यों को खंगालने का प्लान तैयार कर लिया, वहीं कमरा नंबर 14 और 24 के कर्मचारियों ने बताया कि जांच के लिए आई खुफिया एजेंसी के लोगों को उन्होंने सही व स्पष्ट जानकारी दी है कि एक विजिलेंस इंस्पेक्टर बने व्यक्ति ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की, लेकिन उसके साथ मौजूद रेलवे कर्मचारी लगातार हाजिरी रजिस्टर दिखाने के लिए दबाव बनाता रहा।
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यह था मामला
दरअसल मंगलवार की सुबह विजिलेंस इंस्पेक्टर बना एक व्यक्ति प्लेटफार्म 1 पर बने स्टेशन अधीक्षक के कमरा नंबर 14 में पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेटिंग विभाग का एक कर्मचारी भी उसके साथ था। रेलवे कर्मचारी ने ही स्टेशन अधीक्षक को विजिलेंस इंस्पेक्टर की जानकारी देते हुए बताया कि वह कुछ विभागीय कर्मचारियों की हाजिरी की जांच करने आया है। स्टेशन अधीक्षक ने भी विजिलेंस इंस्पेक्टर का सम्मान किया और हाजिरी रजिस्टर उनके समक्ष रख दिया, लेकिन इस दौरान विजिलेंस इंस्पेक्टर बने व्यक्ति ने रजिस्टर नहीं देखा बल्कि साथ मौजूद रेलवे कर्मचारी ने रजिस्टर देखकर स्टेशन अधीक्षक से पूछताछ की। इसके बाद जब रेलवे कर्मचारी और विजिलेंस इंस्पेक्टर कमरा नंबर 24 में पहुंचे तो वहां भी रेलवे कर्मचारी ने ही हाजिरी रजिस्टर की मांग की न कि विजिलेंस इंस्पेक्टर ने। शक होने पर जब वहां बैठे कर्मचारियों ने परमीशन और आईकार्ड की मांग तो दोनों व्यक्ति मौके से खिसक गए।
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देंगे जानकारी
जानकारी मिली थी कि कुछ खुफिया विभाग के कर्मचारी पूछताछ करने के लिए कमरा नंबर 14 और 24 में गए थे। अभी उक्त कर्मचारियों ने मुझसे संपर्क नहीं किया है। जब भी वह जानकारी मांगेंगे तो उन्हें उचित जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी।
-बीएस गिल, स्टेशन निदेशक।
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