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Ambala News: मुहर्रम पर जिकरे इमाम हुसैन की महफिल सजाई
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जिकरे सौहदा ऐ करबला कार्यक्रम के दौरान मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोग। विज्ञप्ति
अंबाला सिटी। अंबाला सिटी की बादशाही मस्जिद में रजा-ए-मुस्तफा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा जिकरे सौहदा ऐ करबला (मुहर्रम) कार्यक्रम आयोजित किया। रजा-ए-मुस्तफा वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान मेराज आलम ने बताया कि बुधवार को मुहर्रम मनाया जा रहा है।
यह त्योहार इस्लामी नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। यह इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है, मुहर्रम का 10वां दिन जिसे अशुरा का दिन कहा जाता है। यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है और 2024 में, मुहर्रम का 10वां दिन 17 जुलाई यानी बुधवार है।
बादशाही मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए जिकरे इमाम हुसैन की महफिल सजाई गई। इसमें नात खांनी फातिहा खांनी हुई। इस मौके पर छबील लगाई गई और लंगर भी तकसीम किया गया।मेराज आलम ने बताया कि पूरी दुनिया के मुसलमान मुहर्रम पर रोजा रखते हैं और मस्जिदों में इबादत करते हैं। मेराज आलम ने बताया कि जिसने मोहर्रम की 9वां 10वां तारीख का रोजा रखा उसके एक वर्ष के गुनाह का कफ्फारा हो जाता हैं।
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मुहर्रम और कर्बला का वाक्य हमारे दिलों को ज़ुल्म, कमजोर के साथ खड़े होने की सीख देता है। इसमें हमारी तारीख की सबसे बड़ी नजीर दर्ज है।इस अवसर पर कमेटी के मुख्य पदाधिकारी मोहम्मद फारुख, मोहम्मद नौशाद, इसरार खान, अमीन, कलीम अशरफ, मोहम्मद नूर आजम मौजूद रहे।
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यह त्योहार इस्लामी नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। यह इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है, मुहर्रम का 10वां दिन जिसे अशुरा का दिन कहा जाता है। यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है और 2024 में, मुहर्रम का 10वां दिन 17 जुलाई यानी बुधवार है।
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बादशाही मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए जिकरे इमाम हुसैन की महफिल सजाई गई। इसमें नात खांनी फातिहा खांनी हुई। इस मौके पर छबील लगाई गई और लंगर भी तकसीम किया गया।मेराज आलम ने बताया कि पूरी दुनिया के मुसलमान मुहर्रम पर रोजा रखते हैं और मस्जिदों में इबादत करते हैं। मेराज आलम ने बताया कि जिसने मोहर्रम की 9वां 10वां तारीख का रोजा रखा उसके एक वर्ष के गुनाह का कफ्फारा हो जाता हैं।
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मुहर्रम और कर्बला का वाक्य हमारे दिलों को ज़ुल्म, कमजोर के साथ खड़े होने की सीख देता है। इसमें हमारी तारीख की सबसे बड़ी नजीर दर्ज है।इस अवसर पर कमेटी के मुख्य पदाधिकारी मोहम्मद फारुख, मोहम्मद नौशाद, इसरार खान, अमीन, कलीम अशरफ, मोहम्मद नूर आजम मौजूद रहे।