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Ambala News: कृषि यंत्रों और खाद के दामों में कमी करे सरकार
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ओंकार सिंह, संवाद।
अंबाला सिटी। सरकार की ओर से आने वाले बजट के लिए किसान वर्ग भी उम्मीद लगाए बैठा है। किसानों का कहना है कि सरकार को बजट में किसानों के हित के लिए फैसले लेने चाहिए। इससे किसान वर्ग को भी कुछ लाभ हो।
अधिकतर किसानों की बजट से उम्मीद है कि सरकार की ओर से उन्हें कृषि यंत्रों को खरीदने, खाद व कीटनाशक के दामों में कमी होनी चाहिए। किसानों का कहना है कि अक्सर ही किसानों को नई फसल लगाने से पहले खाद लेने में परेशानी होती है। वहीं खाद की कालाबाजारी को लेकर भी सरकार को कोई कदम उठाने चाहिए।
कृषि यंत्रों पर मिले छूट
ओंकार ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा आने वाले बजट में सरकार बड़े कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देनी चाहिए, जिससे कि छोटे किसान को भी अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए मदद मिले। जिससे उसका जीवन स्तर भी ऊपर उठ सके।
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खाद के दामों में हो कमी
हरदीप सिंह ने बताया कि आए दिन खाद व कीटनाशक दवाओं के दाम आसमान पर पहुंच रहे है। जिसके चलते अधिकतर किसान खेती से मुंह मोड़ते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार दवाओं के दामों में तो बढ़ोतरी करती है, लेकिन फसलों के दामों में इतना इजाफा नहीं होता है।
वेयरहाउस निर्माण पर बढ़े निवेश
सेगती गांव के रहने वाले विक्की ने बताया कि उन्हें बजट में उम्मीद है कि सरकार एमएसपी के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए। इसके साथ ही किसानों की फसल के रखरखाव के लिए भी नए वेयरहाउस निर्माण के लिए निवेश बढ़ाना चाहिए। इससे बिक्री होने तक फसल सुरक्षित रखी जा सके।
बिना ब्याज के मिल ऋण
मोहड़ी गांव के रहने वाले किसान जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार को कृषि बजट में छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को खेती करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है। सरकार को छोटे किसानों के लिए बिना ब्याज के कृषि यंत्रों के लिए ऋण मुहैया कराने का प्रावधान होना चाहिए।
खराब फसलों को मुआवजा शीघ्र मिले
आनंदपुर गावं के रहने वाले सुरजीत सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण कई बार किसानों की फसल को नुकसान होता है। लेकिन मुआवजा मिलने में कई वर्ष निकल जाते है। जिससे किसानों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। फसलों के नुकसान की भरपाई जल्द होनी चाहिए।
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अधिकतर किसानों की बजट से उम्मीद है कि सरकार की ओर से उन्हें कृषि यंत्रों को खरीदने, खाद व कीटनाशक के दामों में कमी होनी चाहिए। किसानों का कहना है कि अक्सर ही किसानों को नई फसल लगाने से पहले खाद लेने में परेशानी होती है। वहीं खाद की कालाबाजारी को लेकर भी सरकार को कोई कदम उठाने चाहिए।
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कृषि यंत्रों पर मिले छूट
ओंकार ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा आने वाले बजट में सरकार बड़े कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देनी चाहिए, जिससे कि छोटे किसान को भी अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए मदद मिले। जिससे उसका जीवन स्तर भी ऊपर उठ सके।
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खाद के दामों में हो कमी
हरदीप सिंह ने बताया कि आए दिन खाद व कीटनाशक दवाओं के दाम आसमान पर पहुंच रहे है। जिसके चलते अधिकतर किसान खेती से मुंह मोड़ते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार दवाओं के दामों में तो बढ़ोतरी करती है, लेकिन फसलों के दामों में इतना इजाफा नहीं होता है।
वेयरहाउस निर्माण पर बढ़े निवेश
सेगती गांव के रहने वाले विक्की ने बताया कि उन्हें बजट में उम्मीद है कि सरकार एमएसपी के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए। इसके साथ ही किसानों की फसल के रखरखाव के लिए भी नए वेयरहाउस निर्माण के लिए निवेश बढ़ाना चाहिए। इससे बिक्री होने तक फसल सुरक्षित रखी जा सके।
बिना ब्याज के मिल ऋण
मोहड़ी गांव के रहने वाले किसान जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार को कृषि बजट में छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को खेती करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है। सरकार को छोटे किसानों के लिए बिना ब्याज के कृषि यंत्रों के लिए ऋण मुहैया कराने का प्रावधान होना चाहिए।
खराब फसलों को मुआवजा शीघ्र मिले
आनंदपुर गावं के रहने वाले सुरजीत सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण कई बार किसानों की फसल को नुकसान होता है। लेकिन मुआवजा मिलने में कई वर्ष निकल जाते है। जिससे किसानों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। फसलों के नुकसान की भरपाई जल्द होनी चाहिए।

ओंकार सिंह, संवाद।

ओंकार सिंह, संवाद।

ओंकार सिंह, संवाद।

ओंकार सिंह, संवाद।