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Ambala News: अंबाला में वर्ल्ड क्लास स्टेशन की दिला गए सौगात
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सैनिक उपकरण उद्योग का सपना रह गया अधूरा, अंबाला में सैनिक उपकरण उद्योग स्थापित करने की रक्षा मंत्री के समक्ष उठाई थी मांग
- अंबाला लोकसभा के लिए करोड़ों के प्रोजेक्टों की बने थे आवाज, कुरुक्षेत्र की गीता जयंती के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की उठाई थी मांग
अंशु शर्मा,
अंबाला। विदेश मंत्री रही अंबाला की बेटी स्वर्गीय सुषमा स्वराज के बाद स्वर्गीय सांसद रतन लाल कटारिया का अंबाला लोकसभा क्षेत्र के विकास में अहम योगदान रहा। वे अंबाला को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने का सपना जाते-जाते पूरा करवा गए।इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। वे कई बार लोकसभा में इस मुद्दे की आवाज बने।
अंबाला से भाजपा लोकसभा सांसद रतन लाल कटारिया ने अंबाला में रक्षा उपकरण निर्माण उद्योग की मांग 22 दिसंबर 2021 को उठाई थी। उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के तहत रक्षा मंत्री से मांग की थी कि अंबाला लोकसभा में सैनिक उपकरण बनाने के उद्योग बनाए जाएं। लोकसभा क्षेत्र के भीतर अंबाला छावनी व पंचकूला में दो कैंटोनमेंट बोर्ड है। यहां से पाकिस्तान व चीन 300-300 मीटर की दूरी पर है और कभी भी भारत का दोनों के साथ युद्ध हुआ तो अंबाला के एयरबेस को टारगेट बनाया था। अंबाला में उद्योग लगना रक्षा नीति के लिए भी लाभकारी होगा। उनका कहना था कि अंबाला लोकसभा क्षेत्र दिल्ली, पंजाब ,चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ लगता इलाका है, यहां पर ये उद्योग स्थापित होने से इन सातों राज्यों में विकास व रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। यह प्रोजेक्ट अभी तक अधर में ही लटका हुआ है।
धूलकोट स्टेशन का नाम रखना चाहते थे गीता नगरी
धूलकोट रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर गीता नगरी करने की चाह भी अधूरी रह गई। लोकसभा में यह मुद्दा भी सांसद रतन लाल कटारिया ने प्रमुखता से उठाया था। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में होने वाले गीता जयंती महोत्सव से देशभर के लोगों को जोड़ने के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलाने की मांग उठाई थी। इसके अलावा कालका-शिमला के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन में कोच बढ़ाने की मांग भी उनके द्वारा ही लोकसभा में उठी थी। सांसद रतन लाल कटारिया साइंस सिटी के हब बन चुके अंबाला को ओर बढ़ाना चाहते हैं। उनकी तरफ से समय-समय पर लोकसभा में यह मुद्दा भी उठाया गया था ताकि साइंस इंडस्ट्री एक बार फिर देशभर में अपना डंका बज सके। इसके अलावा नारायणगढ़ से पंचकूला तक रेलवे लाइन का सालों पुराना सपना भी अधूरा रह गया।
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पंचकूला को स्मार्ट सिटी का देखा था सपना, चाहते थे हरियाणा की जीडीपी बढ़ाना
चंडीगढ़ के साथ लगते पंचकूला को भी स्मार्ट सिटी का सपना सांसद कटारिया ने देखा था। लोकसभा में उठाए गए मुद्दे में कहा था कि अगर पंचकूला के इर्द-गिर्द इस नगर को स्मार्ट सिटी घोषित करेंगे और विभिन्न टाउनशिप कलस्टर विकसित करेंगे तो आने वाले समय में तो यह मेट्रोपॉलिटन सिटी हरियाणा के गुरुग्राम जिले की तर्ज पर हरियाणा की जीडीपी बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा सांसद रतन लाल कटारिया ने सरस्वती नदी के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग की थी। इसके लिए प्रसाद योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जाए ताकि सरस्वती नदी की अविरल धारा को दोबारा प्रवाहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास से लोगों में सरस्वती नदी की महत्ता बढ़ेगी और क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित होगा।
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- अंबाला लोकसभा के लिए करोड़ों के प्रोजेक्टों की बने थे आवाज, कुरुक्षेत्र की गीता जयंती के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की उठाई थी मांग
अंशु शर्मा,
अंबाला। विदेश मंत्री रही अंबाला की बेटी स्वर्गीय सुषमा स्वराज के बाद स्वर्गीय सांसद रतन लाल कटारिया का अंबाला लोकसभा क्षेत्र के विकास में अहम योगदान रहा। वे अंबाला को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने का सपना जाते-जाते पूरा करवा गए।इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। वे कई बार लोकसभा में इस मुद्दे की आवाज बने।
अंबाला से भाजपा लोकसभा सांसद रतन लाल कटारिया ने अंबाला में रक्षा उपकरण निर्माण उद्योग की मांग 22 दिसंबर 2021 को उठाई थी। उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के तहत रक्षा मंत्री से मांग की थी कि अंबाला लोकसभा में सैनिक उपकरण बनाने के उद्योग बनाए जाएं। लोकसभा क्षेत्र के भीतर अंबाला छावनी व पंचकूला में दो कैंटोनमेंट बोर्ड है। यहां से पाकिस्तान व चीन 300-300 मीटर की दूरी पर है और कभी भी भारत का दोनों के साथ युद्ध हुआ तो अंबाला के एयरबेस को टारगेट बनाया था। अंबाला में उद्योग लगना रक्षा नीति के लिए भी लाभकारी होगा। उनका कहना था कि अंबाला लोकसभा क्षेत्र दिल्ली, पंजाब ,चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ लगता इलाका है, यहां पर ये उद्योग स्थापित होने से इन सातों राज्यों में विकास व रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। यह प्रोजेक्ट अभी तक अधर में ही लटका हुआ है।
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धूलकोट स्टेशन का नाम रखना चाहते थे गीता नगरी
धूलकोट रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर गीता नगरी करने की चाह भी अधूरी रह गई। लोकसभा में यह मुद्दा भी सांसद रतन लाल कटारिया ने प्रमुखता से उठाया था। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में होने वाले गीता जयंती महोत्सव से देशभर के लोगों को जोड़ने के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलाने की मांग उठाई थी। इसके अलावा कालका-शिमला के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन में कोच बढ़ाने की मांग भी उनके द्वारा ही लोकसभा में उठी थी। सांसद रतन लाल कटारिया साइंस सिटी के हब बन चुके अंबाला को ओर बढ़ाना चाहते हैं। उनकी तरफ से समय-समय पर लोकसभा में यह मुद्दा भी उठाया गया था ताकि साइंस इंडस्ट्री एक बार फिर देशभर में अपना डंका बज सके। इसके अलावा नारायणगढ़ से पंचकूला तक रेलवे लाइन का सालों पुराना सपना भी अधूरा रह गया।
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पंचकूला को स्मार्ट सिटी का देखा था सपना, चाहते थे हरियाणा की जीडीपी बढ़ाना
चंडीगढ़ के साथ लगते पंचकूला को भी स्मार्ट सिटी का सपना सांसद कटारिया ने देखा था। लोकसभा में उठाए गए मुद्दे में कहा था कि अगर पंचकूला के इर्द-गिर्द इस नगर को स्मार्ट सिटी घोषित करेंगे और विभिन्न टाउनशिप कलस्टर विकसित करेंगे तो आने वाले समय में तो यह मेट्रोपॉलिटन सिटी हरियाणा के गुरुग्राम जिले की तर्ज पर हरियाणा की जीडीपी बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा सांसद रतन लाल कटारिया ने सरस्वती नदी के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग की थी। इसके लिए प्रसाद योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जाए ताकि सरस्वती नदी की अविरल धारा को दोबारा प्रवाहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास से लोगों में सरस्वती नदी की महत्ता बढ़ेगी और क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित होगा।