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Ambala News: वसंत पंचमी पर बन रहे चार शुभ योग, बाधाएं होंगी दूर
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अंबाला। पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व बनाया जाता है। इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
सरस्वती को विद्या और वाणी की देवी कहा जाता है। माना जाता है जो लोग मां सरस्वती का पूजन करते हैं, उनकी बुद्धि बढ़ती है, ज्ञान में वृद्धि होती है। इस साल वसंत पंचमी का त्योहार 14 फरवरी को मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 13 फरवरी दोपहर 2 बजकर 43 मिनट से होगा और इस तिथि का समापन अगले दिन 14 फरवरी दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा।
उदया तिथि के अनुसार वसंत पंचमी 14 फरवरी बुधवार को मनाना उचित होगा, वहीं 13 फरवरी को दोपहर 3.43 बजे से सूर्य कुंभ राशि में परिवर्तन कर जाएंगे और फाल्गुन संक्रांति लग जाएंगी। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया इस वर्ष वसंत पंचमी पर रेवती, अश्विनी नक्षत्र, शुभ योग और रवि योग जैसे 4 शुभ योग बन रहे हैं। रवि योग सुबह 10 बजकर 43 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजे तक है, वहीं शुभ योग प्रात:काल से लेकर शाम 7 बजकर 59 मिनट तक है। रेवती नक्षत्र प्रात:काल से 10.43 तक है, इसके बाद से अश्विनी नक्षत्र है।
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रवि योग में जो भी कार्य करते हैं, वह सफल होता हैं। उसमें आने वाली बाधाएं खत्म होती हैं। यह योग स्वर्ण की खरीदी और नवीन प्रतिष्ठान के शुभारंभ के लिए विशेष माना गया है। बसंत पंचमी के दिन ऐसे शुभ योगों में नया घर या वाहन खरीदना बेहद शुभ और फलदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नई चीजें खरीदने से घर में बरकत बढ़ती है और सकारात्मकता का वास होता है।
शुभ मुहूर्त
प्रातः काल 6.59 बजे से 8.27 बजे तक कुंभ लग्न (स्थिर लग्न), सुबह 9.53 बजे से 11.27 बजे तक मेष लग्न (शुभ लग्न), दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक राहुकाल रहेगा और गोधूलि मुहूर्त शाम 6.08 बजे से 6.33 बजे तक व रवि योग सुबह 10.43 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय को त्यागना चाहिए। चर व स्थिर लग्न में पूजा अपने साधक को पूर्ण लाभ देती है।
इस दिन करें यह उपाय
जिन छात्रों की शिक्षा प्राप्त करने में बाधा आ रही है वह वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को सफेद चंदन अर्पित करें और फिर ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। मान्यता है इससे करियर में सफलता मिलती है। वसंत पंचमी पर बच्चों के हाथों जरूरतमंदों को किताबें भेंट कराएं। इससे वाणी दोष दूर होता है। स्मरण शक्ति तेज होती है। बच्चों का मन आध्यात्म की ओर अग्रसर रहता है। वसंत पंचमी के दिन घर में मोरपंखी का पौधा भी घर लाना शुभ माना जाता है। इस पौधे को घर लाकर पूर्व दिशा में लगाएं। इस पौधे को लगाने से घर के बच्चों पर माता सरस्वती की कृपा बनी रहती है। इस दिन मां सरस्वती की फोटो या मूर्ति घर पर लानी चाहिए। इसे पढ़ाई वाले कमरे में लगाने से सफलता प्राप्त होने के साथ-साथ काम में बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के रास्ते खुलते हैं और व्यक्ति तरक्की के मार्ग पर चलता है। सरस्वती की फोटो हमेशा उत्तर दिशा में लगानी चाहिए
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सरस्वती को विद्या और वाणी की देवी कहा जाता है। माना जाता है जो लोग मां सरस्वती का पूजन करते हैं, उनकी बुद्धि बढ़ती है, ज्ञान में वृद्धि होती है। इस साल वसंत पंचमी का त्योहार 14 फरवरी को मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 13 फरवरी दोपहर 2 बजकर 43 मिनट से होगा और इस तिथि का समापन अगले दिन 14 फरवरी दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा।
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उदया तिथि के अनुसार वसंत पंचमी 14 फरवरी बुधवार को मनाना उचित होगा, वहीं 13 फरवरी को दोपहर 3.43 बजे से सूर्य कुंभ राशि में परिवर्तन कर जाएंगे और फाल्गुन संक्रांति लग जाएंगी। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया इस वर्ष वसंत पंचमी पर रेवती, अश्विनी नक्षत्र, शुभ योग और रवि योग जैसे 4 शुभ योग बन रहे हैं। रवि योग सुबह 10 बजकर 43 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजे तक है, वहीं शुभ योग प्रात:काल से लेकर शाम 7 बजकर 59 मिनट तक है। रेवती नक्षत्र प्रात:काल से 10.43 तक है, इसके बाद से अश्विनी नक्षत्र है।
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रवि योग में जो भी कार्य करते हैं, वह सफल होता हैं। उसमें आने वाली बाधाएं खत्म होती हैं। यह योग स्वर्ण की खरीदी और नवीन प्रतिष्ठान के शुभारंभ के लिए विशेष माना गया है। बसंत पंचमी के दिन ऐसे शुभ योगों में नया घर या वाहन खरीदना बेहद शुभ और फलदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नई चीजें खरीदने से घर में बरकत बढ़ती है और सकारात्मकता का वास होता है।
शुभ मुहूर्त
प्रातः काल 6.59 बजे से 8.27 बजे तक कुंभ लग्न (स्थिर लग्न), सुबह 9.53 बजे से 11.27 बजे तक मेष लग्न (शुभ लग्न), दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक राहुकाल रहेगा और गोधूलि मुहूर्त शाम 6.08 बजे से 6.33 बजे तक व रवि योग सुबह 10.43 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय को त्यागना चाहिए। चर व स्थिर लग्न में पूजा अपने साधक को पूर्ण लाभ देती है।
इस दिन करें यह उपाय
जिन छात्रों की शिक्षा प्राप्त करने में बाधा आ रही है वह वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को सफेद चंदन अर्पित करें और फिर ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। मान्यता है इससे करियर में सफलता मिलती है। वसंत पंचमी पर बच्चों के हाथों जरूरतमंदों को किताबें भेंट कराएं। इससे वाणी दोष दूर होता है। स्मरण शक्ति तेज होती है। बच्चों का मन आध्यात्म की ओर अग्रसर रहता है। वसंत पंचमी के दिन घर में मोरपंखी का पौधा भी घर लाना शुभ माना जाता है। इस पौधे को घर लाकर पूर्व दिशा में लगाएं। इस पौधे को लगाने से घर के बच्चों पर माता सरस्वती की कृपा बनी रहती है। इस दिन मां सरस्वती की फोटो या मूर्ति घर पर लानी चाहिए। इसे पढ़ाई वाले कमरे में लगाने से सफलता प्राप्त होने के साथ-साथ काम में बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के रास्ते खुलते हैं और व्यक्ति तरक्की के मार्ग पर चलता है। सरस्वती की फोटो हमेशा उत्तर दिशा में लगानी चाहिए