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Ambala News: कोहरे का सितम, दृश्यता 10 मीटर से भी कम, थम गई वाहनों की रफ्तार
Sun, 28 Dec 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 28 Dec 2025 12:59 AM IST
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बसों की इंतजार में भटकते यात्री। संवाद
अंबाला। भीषण कोहरे और गिरते पारे ने आम जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम होने के कारण परिवहन सेवाएं चरमरा गई हैं। शनिवार सुबह से ही कोहरे की घनी चादर ने सड़कों को अपनी आगोश में ले लिया, जिसके चलते लंबी दूरी की बसें अपने निर्धारित समय से एक से ढाई घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। इस कारण बसों के इंतजार में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन मार्गाें की बसे हो रही लेट
हिसार,जींद सिरसा, नारनौल, भिवानी, रोहतक, हांसी, तोहशाम, पिल्लूखेड़ा, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, दिल्ली-पटियाला, दिल्ली- चंडीगढ़, दिल्ली- लुधियाना, दिल्ली- अमृतसर, दिल्ली-जालंधर सहित 152डी मार्ग से आने वाली विभिन्न लंबे मार्गों से आने वाली बसें डेढ़ से ढाई घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं।
विजिबिलिटी कम, सफेद पट्टी और फॉग लाइट का सहारा
सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने के चलते चालकों के लिए बस चलाना चुनौती बन गया है। चालक जान जोखिम में न डालते हुए सड़कों पर लगी सफेद-पीली पट्टी और फॉग लाइट के सहारे बसों को धीरे धीरे चला रहे हैं। घने कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसों की रफ्तार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है
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कोहरे के कारण निकल गई ट्रेन
बस का इंतजार कर रहे यात्री दलीप ने बताया कि वह सुबह नौ बजे पटियाला से चले थे और 11:45 बजे छावनी बस अड्डे पहुंचे हैं, जबकि पटियाला से अंबाला आने में डेढ़ घंटे का समय लगता है, लेकिन कोहरे के कारण सवा घंटे जयादा लग गया इस करण उनकी हरिद्वार की ट्रेन निकल गई।
डेढ़ घंटे से नहीं आई बस
शिवराज ने बताया कि वह हिमाचल से आएं हैं उन्हें गुरुग्राम जाना है लेकिन डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन गुरुग्राम की बस नहीं आ रही है। बस के बारे में पूछताछ केंद्र से भी सही जानकारी नहीं मिल रही है। वह बोल रहे है एक नंबर काउंटर पर खड़े हो जाओ बस आ जाएगी।
ठंड में बच्चे और बुजुर्ग हो रहे परेशान
धर्मपाल ने बताया कि उन्हें परिवार के साथ जयपुर जाना है, उनके साथ बच्चे और बुजुर्ग हैं, लेकिन अभी तक बस का अता-पता नहीं है। यहां पर वेटिंग हॉल तक नहीं है और ठंड में बैठना दूभर हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
कोहरे का असर आम जीवन के साथ साथ परिवहन पर भी देखने को मिल रहा है। कोहरे के कारण लंबे मार्ग की बसें देरी से पहुंच रही हैं। चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि कोहरे में बसों का संचालन धीमी गति से करें।
- अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो
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इन मार्गाें की बसे हो रही लेट
हिसार,जींद सिरसा, नारनौल, भिवानी, रोहतक, हांसी, तोहशाम, पिल्लूखेड़ा, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, दिल्ली-पटियाला, दिल्ली- चंडीगढ़, दिल्ली- लुधियाना, दिल्ली- अमृतसर, दिल्ली-जालंधर सहित 152डी मार्ग से आने वाली विभिन्न लंबे मार्गों से आने वाली बसें डेढ़ से ढाई घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं।
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विजिबिलिटी कम, सफेद पट्टी और फॉग लाइट का सहारा
सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने के चलते चालकों के लिए बस चलाना चुनौती बन गया है। चालक जान जोखिम में न डालते हुए सड़कों पर लगी सफेद-पीली पट्टी और फॉग लाइट के सहारे बसों को धीरे धीरे चला रहे हैं। घने कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसों की रफ्तार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है
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कोहरे के कारण निकल गई ट्रेन
बस का इंतजार कर रहे यात्री दलीप ने बताया कि वह सुबह नौ बजे पटियाला से चले थे और 11:45 बजे छावनी बस अड्डे पहुंचे हैं, जबकि पटियाला से अंबाला आने में डेढ़ घंटे का समय लगता है, लेकिन कोहरे के कारण सवा घंटे जयादा लग गया इस करण उनकी हरिद्वार की ट्रेन निकल गई।
डेढ़ घंटे से नहीं आई बस
शिवराज ने बताया कि वह हिमाचल से आएं हैं उन्हें गुरुग्राम जाना है लेकिन डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन गुरुग्राम की बस नहीं आ रही है। बस के बारे में पूछताछ केंद्र से भी सही जानकारी नहीं मिल रही है। वह बोल रहे है एक नंबर काउंटर पर खड़े हो जाओ बस आ जाएगी।
ठंड में बच्चे और बुजुर्ग हो रहे परेशान
धर्मपाल ने बताया कि उन्हें परिवार के साथ जयपुर जाना है, उनके साथ बच्चे और बुजुर्ग हैं, लेकिन अभी तक बस का अता-पता नहीं है। यहां पर वेटिंग हॉल तक नहीं है और ठंड में बैठना दूभर हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
कोहरे का असर आम जीवन के साथ साथ परिवहन पर भी देखने को मिल रहा है। कोहरे के कारण लंबे मार्ग की बसें देरी से पहुंच रही हैं। चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि कोहरे में बसों का संचालन धीमी गति से करें।
- अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो

बसों की इंतजार में भटकते यात्री। संवाद

बसों की इंतजार में भटकते यात्री। संवाद

बसों की इंतजार में भटकते यात्री। संवाद