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Ambala News: पांच हजार लोगों पर सात करोड़ संपत्ति कर बकाया
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अंबाला। संपत्ति कर के लिए जहां एक तरफ नगर निगम ने भवनों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। नगर परिषद सदर अंबाला छावनी ने नोटिस देने की कार्रवाई शुरू की है। सबसे पहले उन लोगों को नोटिस दिया जा रहा है। इन पर पांच से 10 लाख तक का संपत्ति कर बकाया है।
बाकायदा इस संबंध में 500 से अधिक लोगों की सूची तैयार की गई है। वहीं एक लाख रुपये तक संपत्ति कर न देने वाले 700 लोगों का भी डाटा तैयार किया गया है। इसके अलावा दस हजार से 50 हजार रुपये तक के संपत्ति धारकों की संख्या भी एक हजार के पार है और उन्हें भी जल्द ही नोटिस भेजने का कार्य शुरु किया जाएगा। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार लगभग पांच हजार ऐसे संपत्ति धारक हैं, जिन पर सात करोड़ के करीब संपत्ति कर बकाया है।
साल-दर-साल बढ़ रही रकम
लगभग तीन साल पहले अंबाला छावनी के लोगों पर संपत्ति कर की बकाया राशि तीन करोड़ रुपये के करीब थी जोकि अब बढ़कर सात करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। हालांकि कुछ समय पहले नगर परिषद ने सीलिंग की कार्यवाही भी शुरु की थी। इस दौरान आठ से दस लाख रुपये का लंबित संपत्ति कर नप की झोली में आया था। लेकिन अब यह कार्य ठंडे बस्ते में है। इसलिए संपत्ति कर की राशि जुर्माने सहित लगातार बढ़ती ही जा रही है।
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1.12 लाख संपत्ति धारक
अंबाला छावनी में नगर परिषद सदर के अधीन लगभग 1.12 लाख संपत्ति धारक हैं। सभी की प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई हैं। सभी को संपत्ति कर जमा करवाने के संदेश भी भेजे जा रहे हैं। वहीं नगर परिषद कार्यालय में सहायता बूथ भी स्थापित किया है। बावजूद इसके लोग संपत्ति जमा करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे।
कर्मचारियों की कमी
संपत्ति कर जमा न करवाने वालों पर कार्यवाही करने के लिए मात्र दो कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि इस कार्य के लिए 10 लोगों की टीम की जरूरत है जोकि लाखों रुपये का संपत्ति कर जमा न करवाने वालों की पहचान कर सकें और उन्हें लगातार नोटिस दे सकें। इन लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। पहले उनके क्षेत्र में जाकर घरों की पहचान की जा रही है ताकि गलत संपत्ति मालिक को नोटिस न जारी हो जाए, क्योंकि ड्रोन से किए गए सर्वे में कई प्रकार की खामियां हैं।
वर्जन
संपत्ति कर जमा न करवाने वाले लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरु की गई है। अगर फिर भी लोग संपत्ति कर जमा नहीं करवाते तो फिर उनके खिलाफ नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही करेंगे। इस दौरान किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
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बाकायदा इस संबंध में 500 से अधिक लोगों की सूची तैयार की गई है। वहीं एक लाख रुपये तक संपत्ति कर न देने वाले 700 लोगों का भी डाटा तैयार किया गया है। इसके अलावा दस हजार से 50 हजार रुपये तक के संपत्ति धारकों की संख्या भी एक हजार के पार है और उन्हें भी जल्द ही नोटिस भेजने का कार्य शुरु किया जाएगा। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार लगभग पांच हजार ऐसे संपत्ति धारक हैं, जिन पर सात करोड़ के करीब संपत्ति कर बकाया है।
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साल-दर-साल बढ़ रही रकम
लगभग तीन साल पहले अंबाला छावनी के लोगों पर संपत्ति कर की बकाया राशि तीन करोड़ रुपये के करीब थी जोकि अब बढ़कर सात करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। हालांकि कुछ समय पहले नगर परिषद ने सीलिंग की कार्यवाही भी शुरु की थी। इस दौरान आठ से दस लाख रुपये का लंबित संपत्ति कर नप की झोली में आया था। लेकिन अब यह कार्य ठंडे बस्ते में है। इसलिए संपत्ति कर की राशि जुर्माने सहित लगातार बढ़ती ही जा रही है।
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1.12 लाख संपत्ति धारक
अंबाला छावनी में नगर परिषद सदर के अधीन लगभग 1.12 लाख संपत्ति धारक हैं। सभी की प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई हैं। सभी को संपत्ति कर जमा करवाने के संदेश भी भेजे जा रहे हैं। वहीं नगर परिषद कार्यालय में सहायता बूथ भी स्थापित किया है। बावजूद इसके लोग संपत्ति जमा करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे।
कर्मचारियों की कमी
संपत्ति कर जमा न करवाने वालों पर कार्यवाही करने के लिए मात्र दो कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि इस कार्य के लिए 10 लोगों की टीम की जरूरत है जोकि लाखों रुपये का संपत्ति कर जमा न करवाने वालों की पहचान कर सकें और उन्हें लगातार नोटिस दे सकें। इन लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। पहले उनके क्षेत्र में जाकर घरों की पहचान की जा रही है ताकि गलत संपत्ति मालिक को नोटिस न जारी हो जाए, क्योंकि ड्रोन से किए गए सर्वे में कई प्रकार की खामियां हैं।
वर्जन
संपत्ति कर जमा न करवाने वाले लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरु की गई है। अगर फिर भी लोग संपत्ति कर जमा नहीं करवाते तो फिर उनके खिलाफ नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही करेंगे। इस दौरान किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।