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व्रत रखना इच्छाओं को नियंत्रित करने का अभ्यास : अमन मुनि
Fri, 29 Aug 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:05 AM IST
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मुलाना के धनौरा स्थित जैन सभागार में मौजूद जैनसंत और श्रद्धालु । संवाद
- फोटो : टूंडला में पत्रकारों से वार्ता करते सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन।
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। संत रत्न सेवा शिरोमणि जैन संत आलोक मुनि व वाणी भूषण युवा कर्मठ संत अमन मुनि के पावन सानिध्य में वीरवार को धनौरा स्थित एसएस जैन सभागार में आयोजित पर्युषण पर्व श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। वीरवार को सभी व्रत धारियों का सामूहिक व्रत खुलवाया गया। जैन संत आलोक मुनि व अमन मुनि चातुर्मास के दौरान धनौरा के एसएस जैन सभागार में विराजमान हैं।
जैन संत अमन मुनि ने कहा कि पर्युषण में उपवास, ध्यान और स्वाध्याय के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों पर चिंतन करता है। व्रत रखना इच्छाओं और इंद्रियों को नियंत्रित करने का अभ्यास है, इससे आत्म-संयम बढ़ता है। यह पर्व जैन धर्म के मूल सिद्धांतों, जैसे अहिंसा, सत्य और संयम का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। जैन संत ने कहा कि जैन धर्म में पर्युषण के दौरान की गई तपस्या मोक्ष (मुक्ति) की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। पर्युषण पर्व के दौरान करीब 100 श्रद्धालुओं ने पौषद व्रत लिया व वीरवार सुबह सभी का सामूहिक पारणा करवाया गया। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के प्रधान रोहित जैन, महामंत्री सुभाष जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, तपस्वी रीटा जैन, रीमा जैन (रिया), रजनी, श्रुति, तारो देवी, निखिल जैन आदि मौजूद रहे।
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मुलाना। संत रत्न सेवा शिरोमणि जैन संत आलोक मुनि व वाणी भूषण युवा कर्मठ संत अमन मुनि के पावन सानिध्य में वीरवार को धनौरा स्थित एसएस जैन सभागार में आयोजित पर्युषण पर्व श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। वीरवार को सभी व्रत धारियों का सामूहिक व्रत खुलवाया गया। जैन संत आलोक मुनि व अमन मुनि चातुर्मास के दौरान धनौरा के एसएस जैन सभागार में विराजमान हैं।
जैन संत अमन मुनि ने कहा कि पर्युषण में उपवास, ध्यान और स्वाध्याय के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों पर चिंतन करता है। व्रत रखना इच्छाओं और इंद्रियों को नियंत्रित करने का अभ्यास है, इससे आत्म-संयम बढ़ता है। यह पर्व जैन धर्म के मूल सिद्धांतों, जैसे अहिंसा, सत्य और संयम का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। जैन संत ने कहा कि जैन धर्म में पर्युषण के दौरान की गई तपस्या मोक्ष (मुक्ति) की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। पर्युषण पर्व के दौरान करीब 100 श्रद्धालुओं ने पौषद व्रत लिया व वीरवार सुबह सभी का सामूहिक पारणा करवाया गया। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के प्रधान रोहित जैन, महामंत्री सुभाष जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, तपस्वी रीटा जैन, रीमा जैन (रिया), रजनी, श्रुति, तारो देवी, निखिल जैन आदि मौजूद रहे।
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मुलाना के धनौरा स्थित जैन सभागार में मौजूद जैनसंत और श्रद्धालु । संवाद- फोटो : टूंडला में पत्रकारों से वार्ता करते सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन।
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