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Ambala News: पांच साल बाद भी 100 बेड का अस्पताल अधूरा
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अंबाला सिटी में बन रहे 100 बेड का अस्पताल।
- फोटो : अंबाला सिटी में बन रहे 100 बेड का अस्पताल।
अंबाला। पांच साल बाद भी सिटी के नागरिक अस्पताल में 100 बेड का अस्पताल पूरा होने का नाम नहीं ले रहा। इसे तीन साल पहले वर्ष 2021 में पूरा होना था।बजट में कमी के कारण यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई, वहीं कुछ बदलाव के कारण भी यह कार्य अटक गया और बजट भी करीब 18 करोड़ रुपये बढ़ गया।
इस चुनाव में एक बार फिर यह मुद्दा गर्मा सकता है। लोग इसे लेकर प्रत्याशियों से सवाल-जवाब भी करेंगे। ऐसे में इस महत्वपूर्ण सुविधा के पूरा नहीं होने का खामियाजा भी मौजूदा प्रत्याशियों को भुगतना पड़ सकता है। जबकि अभी हालात ऐसे हैं कि इस इमारत का लगभग 60 से 70 फीसद काम ही पूरा हो पाया है। जबकि इस पर लगभग 26 करोड़ से ऊपर का पैसा खर्च हो चुका है लेकिन अभी भी अस्पताल सुविधाओं से सुसज्जित नहीं हैं।
ऐसे में आमजन से जुड़ी यह सुविधा एक गंभीर विषय है जोकि इन विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्षी पार्टियों के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन जाएगा।
वर्ष 2015 में हुई थी घोषणा
सिटी नागरिक अस्पताल को 100 बेड से बढ़ाकर 200 बेड का करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्ष 2015 में इस अस्पताल को बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2019 में 26 करोड़ रुपए के बजट से इसका काम शुरू किया गया। लेकिन भवन के निर्माण में बदलाव और कोरोना के कारण दाे वर्ष तक काम अटक गया। इतना ही नहीं नए बजट के लिए भी मंजूरी नहीं मिल पाई। जुलाई 2024 में 18 करोड़ के रिवाइज बजट की मंजूरी मिली है। पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन रितेश अग्रवाल ने बताया कि अगले वर्ष तक प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर की तारीख भी नहीं दी है। अस्पताल के अंडरग्राउंड में जलभराव हो जाता है। ऐसे में भवन को भी नुकसान हो रहा है। अस्पताल में लिफ्ट के लिए जगह छोड़ी गई है। इसी में से बारिश का पानी अंडरग्राउंड लेवल पर इकट्ठा हो जाता है। इतना ही नहीं लंबे समय से काम रुकने के कारण यहां से लाखों रुपए का सामान भी चोरी हो चुका है।
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ये मिलेंगी सुविधाएं
इस भवन में रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, ओपीडी, बेसमेंट में स्टोर, लाउंड्री, आईसीयू, मेडिसन ओपीडी, सीसीयू,
प्राइवेट वार्ड, फिजियोथेरेपी सहित अन्य कई सुविधाएं मिलेंगी। जिनसे सिटी नागरिक अस्पताल का बोझ हल्का होगा और सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी। यह अस्पताल पुरी तरह से वातानुकूल होगा।
रुके प्रोजेक्ट की जांच जरूरी
सरकार को सभी रुके हुए प्रोजेक्ट की जांच करवानी चाहिए। अंबाला छावनी की तरह शहर में भी अस्पताल की सुविधाओं में सुधार बेहद जरूरी है। जिससे सरकार की छवी भी खराब न हो और लोगों को भी लाभ मिले।
-राम रत्न गर्ग, संयोजक, जन जागृति संगठन।
वर्जन
10 वर्षों में भाजपा ने सिर्फ बजट बढ़ाकर पैसे कमाएं हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर जनता को कुछ नहीं दिया। जितने भी काम शुरू हुए थे मौजूदा सरकार उन्हें 10 वर्ष में भी पूरा नहीं करवा पाई। ऐसे में साफ दिखाई दे रहा है कि सरकार ने अच्छी नियत से काम नहीं किया है।
-मिथुन वर्मा, पार्षद एवं कांग्रेस नेता।
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इस चुनाव में एक बार फिर यह मुद्दा गर्मा सकता है। लोग इसे लेकर प्रत्याशियों से सवाल-जवाब भी करेंगे। ऐसे में इस महत्वपूर्ण सुविधा के पूरा नहीं होने का खामियाजा भी मौजूदा प्रत्याशियों को भुगतना पड़ सकता है। जबकि अभी हालात ऐसे हैं कि इस इमारत का लगभग 60 से 70 फीसद काम ही पूरा हो पाया है। जबकि इस पर लगभग 26 करोड़ से ऊपर का पैसा खर्च हो चुका है लेकिन अभी भी अस्पताल सुविधाओं से सुसज्जित नहीं हैं।
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ऐसे में आमजन से जुड़ी यह सुविधा एक गंभीर विषय है जोकि इन विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्षी पार्टियों के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन जाएगा।
वर्ष 2015 में हुई थी घोषणा
सिटी नागरिक अस्पताल को 100 बेड से बढ़ाकर 200 बेड का करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्ष 2015 में इस अस्पताल को बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2019 में 26 करोड़ रुपए के बजट से इसका काम शुरू किया गया। लेकिन भवन के निर्माण में बदलाव और कोरोना के कारण दाे वर्ष तक काम अटक गया। इतना ही नहीं नए बजट के लिए भी मंजूरी नहीं मिल पाई। जुलाई 2024 में 18 करोड़ के रिवाइज बजट की मंजूरी मिली है। पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन रितेश अग्रवाल ने बताया कि अगले वर्ष तक प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर की तारीख भी नहीं दी है। अस्पताल के अंडरग्राउंड में जलभराव हो जाता है। ऐसे में भवन को भी नुकसान हो रहा है। अस्पताल में लिफ्ट के लिए जगह छोड़ी गई है। इसी में से बारिश का पानी अंडरग्राउंड लेवल पर इकट्ठा हो जाता है। इतना ही नहीं लंबे समय से काम रुकने के कारण यहां से लाखों रुपए का सामान भी चोरी हो चुका है।
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ये मिलेंगी सुविधाएं
इस भवन में रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, ओपीडी, बेसमेंट में स्टोर, लाउंड्री, आईसीयू, मेडिसन ओपीडी, सीसीयू,
प्राइवेट वार्ड, फिजियोथेरेपी सहित अन्य कई सुविधाएं मिलेंगी। जिनसे सिटी नागरिक अस्पताल का बोझ हल्का होगा और सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी। यह अस्पताल पुरी तरह से वातानुकूल होगा।
रुके प्रोजेक्ट की जांच जरूरी
सरकार को सभी रुके हुए प्रोजेक्ट की जांच करवानी चाहिए। अंबाला छावनी की तरह शहर में भी अस्पताल की सुविधाओं में सुधार बेहद जरूरी है। जिससे सरकार की छवी भी खराब न हो और लोगों को भी लाभ मिले।
-राम रत्न गर्ग, संयोजक, जन जागृति संगठन।
वर्जन
10 वर्षों में भाजपा ने सिर्फ बजट बढ़ाकर पैसे कमाएं हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर जनता को कुछ नहीं दिया। जितने भी काम शुरू हुए थे मौजूदा सरकार उन्हें 10 वर्ष में भी पूरा नहीं करवा पाई। ऐसे में साफ दिखाई दे रहा है कि सरकार ने अच्छी नियत से काम नहीं किया है।
-मिथुन वर्मा, पार्षद एवं कांग्रेस नेता।

अंबाला सिटी में बन रहे 100 बेड का अस्पताल।- फोटो : अंबाला सिटी में बन रहे 100 बेड का अस्पताल।

अंबाला सिटी में बन रहे 100 बेड का अस्पताल।- फोटो : अंबाला सिटी में बन रहे 100 बेड का अस्पताल।