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कंपनी कार्यालय में युवक का शव लेकर पहुंचे कर्मचारी और परिजन, बवाल
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Employees and relatives arrived in the company office with the body of the young man, uproar
- फोटो : Ambala
अंबाला/साहा। मोबाइल टावर से गिरकर रविवार को हुई युवक की मौत का मामला सोमवार को गरमा गया। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को परिजन अन्य कर्मचारियों के साथ पिंटू के शव को लेकर कंपनी कार्यालय पहुंचे। न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों ने जाम लगा दिया और शव को कार्यालय के अंदर रखने की जिद करने लगे। मामले की सूचना मिलते ही साहा पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। थाना प्रभारी बलकार सिंह ने इस दौरान शव को कार्यालय परिसर से बाहर ले जाने की बात कही। इसी को लेकर पुलिस और परिजनों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। करीब डेढ़ घंटा तक परिजनों ने यहां बवाल काटा। बाद में थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
बता दें कि रविवार को राधा स्वामी सत्संग भवन के पीछे 120 फुट ऊंचे एक कंपनी के मोबाइल टावर में आई तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए गांव तंदवाल निवासी 27 वर्षीय पिंटू टावर पर चढ़ा था। इसी दौरान उसकी सेफ्टी बेल्ट टूट गई थी। हादसे में टावर के एंगलों से टकराकर उसकी मौत हो गई थी। पिंटू परिवार का इकलौता वारिस था। पिंटू की बहन की शादी हो चुकी है। पिंटू के पिता सुमरेचंद राजमिस्री हैं। उसके शव को देखकर पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में सोमवार को दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजन कर रहे थे मुआवजे की मांग
परिजनों व कंपनी के कर्मचारियों का कहना था कि पिंटू की टावर से गिरने के कारण रविवार सुबह करीब पौने 11 बजे मौत हुई थी तब से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे तक न तो कंपनी का कोई अधिकारी उनसे नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिंटू के परिजनों को मुआवजा दिया जाए साथ ही लापरवाही के मामले में गिरफ्तारी की जाए। कर्मचारियों ने कहा कि उनके पास अच्छे सुरक्षा के उपकरण नहीं हैं। जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। इसीलिए इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।
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एक महीने से कर रहा था काम
पिंटू करीब एक माह से अमित शर्मा प्रोजेक्ट मैनेजर एरिसन टेलीकॉम व मनु आनंद डीटी इंजी. लिंकक्वीस्ट टेलीकॉम के देखरेख में टावर पर उपकरण लगाने का काम कर रहा था। लिंकक्वीस्ट कंपनी का ठेका आसिफ नाम के ठेकेदार को दिया हुआ है। पिंटू घर से अपने काम पर जाने के लिए रविवार की सुबह करीब 7 बजे घर से निकला था। इसके बाद सुबह करीब पौने 11 बजे सेफ्टी बेल्ट खुलने के कारण टावर से गिरने के कारण उसकी मौत हो गई।
देखिए जिनका जवान बेटा चला गया उनका गुस्सा जायज है। थोड़ा बहुत विरोध हो ही जाता है। परिजनों को आश्वासन दिया गया है जो भी इस मामले में जिम्मेदार होगा, जिसकी लापरवाही पाई जाएगी निश्चित तौर पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-बलकार सिंह, थाना प्रभारी साहा।
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बता दें कि रविवार को राधा स्वामी सत्संग भवन के पीछे 120 फुट ऊंचे एक कंपनी के मोबाइल टावर में आई तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए गांव तंदवाल निवासी 27 वर्षीय पिंटू टावर पर चढ़ा था। इसी दौरान उसकी सेफ्टी बेल्ट टूट गई थी। हादसे में टावर के एंगलों से टकराकर उसकी मौत हो गई थी। पिंटू परिवार का इकलौता वारिस था। पिंटू की बहन की शादी हो चुकी है। पिंटू के पिता सुमरेचंद राजमिस्री हैं। उसके शव को देखकर पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में सोमवार को दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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परिजन कर रहे थे मुआवजे की मांग
परिजनों व कंपनी के कर्मचारियों का कहना था कि पिंटू की टावर से गिरने के कारण रविवार सुबह करीब पौने 11 बजे मौत हुई थी तब से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे तक न तो कंपनी का कोई अधिकारी उनसे नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिंटू के परिजनों को मुआवजा दिया जाए साथ ही लापरवाही के मामले में गिरफ्तारी की जाए। कर्मचारियों ने कहा कि उनके पास अच्छे सुरक्षा के उपकरण नहीं हैं। जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। इसीलिए इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।
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एक महीने से कर रहा था काम
पिंटू करीब एक माह से अमित शर्मा प्रोजेक्ट मैनेजर एरिसन टेलीकॉम व मनु आनंद डीटी इंजी. लिंकक्वीस्ट टेलीकॉम के देखरेख में टावर पर उपकरण लगाने का काम कर रहा था। लिंकक्वीस्ट कंपनी का ठेका आसिफ नाम के ठेकेदार को दिया हुआ है। पिंटू घर से अपने काम पर जाने के लिए रविवार की सुबह करीब 7 बजे घर से निकला था। इसके बाद सुबह करीब पौने 11 बजे सेफ्टी बेल्ट खुलने के कारण टावर से गिरने के कारण उसकी मौत हो गई।
देखिए जिनका जवान बेटा चला गया उनका गुस्सा जायज है। थोड़ा बहुत विरोध हो ही जाता है। परिजनों को आश्वासन दिया गया है जो भी इस मामले में जिम्मेदार होगा, जिसकी लापरवाही पाई जाएगी निश्चित तौर पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-बलकार सिंह, थाना प्रभारी साहा।