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अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन : भारद्वाज
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अंबाला सिटी के मां महाकाली दुखभंजनी मंदिर हाल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन करते कथा
अंबाला सिटी। भगवान श्रीकृष्ण ने बाल अवस्था में रहते हुए जहां राक्षसों का सर्वनाश कर उनको मुक्ति प्रदान की। वहीं इंद्र देवता के अभिमान और उनके अहंकार का भी सर्वनाश किया। अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है, अहंकारी भले ही रुतबे में कितना भी बड़ा क्यों न हो, लेकिन परमात्मा की दृष्टि में उसकी कोई अहमियत नहीं होती है।
अहंकारी अपने वचनों के माध्यम से दूसरों को डराने व प्रभावित करने का प्रयास तो कर सकता है, मगर कहीं न कहीं वह परमात्मा की दृष्टि में तुष्ट प्राणी की संज्ञा में रहता हैं। यह शब्द अंबाला सिटी के एसए जैन कॉलेज रोड स्थित श्री मां महाकाली दुखभंजनी मंदिर हाल में चल रही संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य पं. मुकेश भारद्वाज ने उपस्थित श्रद्धालुओं के अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए कहे। कथा व्यास ने कहा कि गोवर्धन पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। जब इंद्रदेव का अहंकार बढ़ने लगा तो इंद्र देव को भगवान श्रीकृष्ण ने यह एहसास कराता था कि अहंकार के वशीभूत होकर हम किसी पर भी कोई अन्याय नहीं कर सकते।
इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन को एक अंगुली पर उठाकर सभी गायों और गोकुल वासियों उसके नीचे रखा था। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जी को छप्पन भोग लगाए गए, कथा के समापन पर सभी भक्तों को छप्पन भोग का प्रसाद वितरित भी किया गया। इस मौके पर आप और हम भागवत सेवा मंडल के प्रधान हर्ष सोनू सेठी सहित सभी सदस्यों ने परिवार सहित शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण के दरबार में विशेष आरती में भाग लिया।
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अहंकारी अपने वचनों के माध्यम से दूसरों को डराने व प्रभावित करने का प्रयास तो कर सकता है, मगर कहीं न कहीं वह परमात्मा की दृष्टि में तुष्ट प्राणी की संज्ञा में रहता हैं। यह शब्द अंबाला सिटी के एसए जैन कॉलेज रोड स्थित श्री मां महाकाली दुखभंजनी मंदिर हाल में चल रही संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य पं. मुकेश भारद्वाज ने उपस्थित श्रद्धालुओं के अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए कहे। कथा व्यास ने कहा कि गोवर्धन पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। जब इंद्रदेव का अहंकार बढ़ने लगा तो इंद्र देव को भगवान श्रीकृष्ण ने यह एहसास कराता था कि अहंकार के वशीभूत होकर हम किसी पर भी कोई अन्याय नहीं कर सकते।
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इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन को एक अंगुली पर उठाकर सभी गायों और गोकुल वासियों उसके नीचे रखा था। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जी को छप्पन भोग लगाए गए, कथा के समापन पर सभी भक्तों को छप्पन भोग का प्रसाद वितरित भी किया गया। इस मौके पर आप और हम भागवत सेवा मंडल के प्रधान हर्ष सोनू सेठी सहित सभी सदस्यों ने परिवार सहित शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण के दरबार में विशेष आरती में भाग लिया।

अंबाला सिटी के मां महाकाली दुखभंजनी मंदिर हाल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन करते कथा
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