फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Dwarfism has appeared in paddy plants, farmers are worried

Ambala News: धान के पौधों में आया बौनापन, किसान चिंतित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 02:56 AM IST
विज्ञापन
Dwarfism has appeared in paddy plants, farmers are worried
मुलाना। मुलाना, सोहाना, हेमामाजरा, साहा और लंगरछन्नी सहित क्षेत्र के कई गांवों के किसानों को इन दिनों धान की फसल में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में लगे धान के कई पौधों की वृद्धि अचानक रुक गई है और वह बौने रह गए हैं, जबकि अन्य पौधों में सामान्य विकास देखा गया है। इस रहस्यमयी बीमारी के बारे में अभी तक पता नहीं लग सका है।
विज्ञापन

---
पहले समझा मौसम का असर, अब वैज्ञानिकों की मदद ली
किसानों ने शुरुआत में इसे मौसम या सामान्य बदलाव का असर माना, लेकिन जब समस्या बड़े पैमाने पर फैलती नजर आई तो क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने इसे गंभीरता से लिया और धान अनुसंधान केंद्र, कौल को सूचित किया। हमीदपुर गांव के प्रगतिशील किसान जसबीर सिंह ने बताया कि वैज्ञानिक विधि से खेती कर रहे कई किसान इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब वे निराश और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसका समाधान नहीं निकला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वर्ष 2022 में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई थी, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी थी। समस्या के फिर से उभरने से किसानों में चिंता और असमंजस की स्थिति है।
विज्ञापन

------

वैज्ञानिकों की टीम ने किया प्रभावित गांवों का दौरा

धान अनुसंधान केंद्र कौल से डॉ. महावीर सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को वैज्ञानिक टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। टीम में डॉ. विशाल गांधी, डॉ. प्रवेश कुमार और डॉ. ललिता भी शामिल रहे। टीम ने मुलाना, हेमामाजरा, सोहाना, साहा और लंगरछन्नी गांवों में खेतों का निरीक्षण किया। विशेष रूप से उन पौधों की जांच की गई। जिनकी वृद्धि पूरी तरह से रुक गई है या वह अन्य पौधों की तुलना में अत्यधिक छोटे रह गए हैं। टीम ने कई प्रभावित खेतों से बौने पौधों के सैंपल एकत्र किए और उन्हें हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही कुछ पौधों की पत्तियों पर सफेद तेले के लक्षण मिलने पर, उनके भी सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। टीम ने हेमामाजरा से नंबरदार जसपाल, साहा से रविंद्र गिल, मुलाना से देवराज शर्मा, लंगरछन्नी से विकास के खेतों से सैंपल लिए है।
विज्ञापन
विज्ञापन


----

वर्जन
जिन खेतों में यह समस्या देखी गई है, वहां से सैंपल लेकर उन्हें लैब में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि पौधों के बौने रहने का क्या कारण है।
डॉ. महावीर सिंह, धान अनुसंधान केंद्र कौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed