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Ambala News: डंपर ने एक्टिवा सवार किशोरों को कुचला, तीन की मौत
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विलाप करते परिजन
मुलाना / बराड़ा। राजौली बराड़ा रोड पर एक मिट्टी से भरे डंपर ने एक्टिवा सवार तीन किशोरों को चपेट में ले लिया। डंपर तीनों बच्चों के ऊपर से गुजरता हुआ निकल गया। इस कारण तीनों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान बराड़ा की हरगोबिंदपुरा कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय पारस, शिव कॉलोनी बराड़ा निवासी 13 वर्षीय मोहित और 13 वर्षीय विक्रांत के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों शवों को मोर्चरी रखवा दिया है। पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा। इसके बाद ही शव परिजनों का सौंपे जाएंगे। पुलिस ने आरोपी डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
एक्टिवा पर सवार थे तीनों दोस्त
पुलिस को दी शिकायत में अमरजीत निवासी गांव तारुवाला छछरौली ने बताया कि वह कारपेंटर का काम करता है। उसके दो लड़कियां और एक 15 साल का बेटा पारस है। सोमवार दोपहर करीब साढे 12 बजे वह नाथी राम के साथ मौजगढ़ टी प्वाइंट पहुंचा। जहां उसने देखा कि डंपर चालक ने तेज गति से डंपर चलाते हुए एक्टिवा को टक्कर मारी। जब वह एक्टिवा के पास गया तो देखा एक्टिवा चलाने वाला उसका बेटा था। साथ में शिव कॉलोनी बराड़ा के रहने उसके दो दोस्त विक्रांत और मोहित तीनों गंभीर रूप से घायल थे। तीनों को जब एमएम अस्पताल मुलाना ले जाया गया तो तीनों को डाॅक्टरों ने मृत करार दिया।
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दिनभर सोशल मीडिया पर घूमते रहे फोटो
सोमवार सुबह करीब दस बजे घटना घटित हुई। उसके बाद से तीनों बच्चों की पहचान ना होने के कारण तीनों की फोटो बराड़ा ही नहीं बल्कि आसपास के कई सोशल मीडिया ग्रुपों में शेयर की गई। दिनभर यह फोटो लोग शेयर करते रहे ताकि इनकी पहचान हो सके, लेकिन पहचान नहीं हो पाई। पुलिस के लिए भी पहचान ना हो सकने के कारण मामला फंसा रहा। हालांकि दोपहर बाद एक बच्चे की पहचान पारस निवासी हरगोबिंदपुरा कॉलोनी के रूप में हुई। उसके पिता एमएम अस्पताल पहुंचे, लेकिन वह भी अन्य दो बच्चों के बारे में नहीं बता सके। ना ही वह बता पाए कि उनके बच्चे वहां कैसे पहुंचे। इसके बाद देर शाम को दोनों बच्चों की पहचान हुई।
दो बहनों का इकलौता भाई था पारस
15 वर्षीय पारस नौवीं कक्षा में पढ़ता था। जानकारी अनुसार पारस का पिता अमरजीत कार पेंटर का काम करता है। जबकि उसकी माता एमएम अस्पताल में ही साफ सफाई का कार्य करती है। पारस अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की खबर से परिजन होश खो बैठे। अमरजीत का तो सहारा ही छीन गया। मां और बहन का रो रोकर बुरा हाल था।
दिन में बंद होने चाहिए डंपर
मौके पर एकत्रित लोगों में हादसे के प्रति व्यापक रोष था। लोगों ने कहा कि यहां कई हादसे हो चुके हैं। अब तीन नाबालिग बच्चों की मौत हुई है। अगर पुलिस प्रशासन इन डंपरों को दिन के समय चलने रोके और रात के समय चलने दे तो कई हादसे बहुत कम हो जाएंगे।
वर्जन
तीनों शवों को मोर्चरी में पोस्ट मार्टम के लिए रखवा दिया है। मंगलवार को पोस्ट मार्टम होगा। आरोपी डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। डंपर को भी कब्जे में ले लिया है।
-रमेश कुमार, थाना प्रभारी, मुलाना।
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मृतकों की पहचान बराड़ा की हरगोबिंदपुरा कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय पारस, शिव कॉलोनी बराड़ा निवासी 13 वर्षीय मोहित और 13 वर्षीय विक्रांत के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों शवों को मोर्चरी रखवा दिया है। पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा। इसके बाद ही शव परिजनों का सौंपे जाएंगे। पुलिस ने आरोपी डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
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एक्टिवा पर सवार थे तीनों दोस्त
पुलिस को दी शिकायत में अमरजीत निवासी गांव तारुवाला छछरौली ने बताया कि वह कारपेंटर का काम करता है। उसके दो लड़कियां और एक 15 साल का बेटा पारस है। सोमवार दोपहर करीब साढे 12 बजे वह नाथी राम के साथ मौजगढ़ टी प्वाइंट पहुंचा। जहां उसने देखा कि डंपर चालक ने तेज गति से डंपर चलाते हुए एक्टिवा को टक्कर मारी। जब वह एक्टिवा के पास गया तो देखा एक्टिवा चलाने वाला उसका बेटा था। साथ में शिव कॉलोनी बराड़ा के रहने उसके दो दोस्त विक्रांत और मोहित तीनों गंभीर रूप से घायल थे। तीनों को जब एमएम अस्पताल मुलाना ले जाया गया तो तीनों को डाॅक्टरों ने मृत करार दिया।
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दिनभर सोशल मीडिया पर घूमते रहे फोटो
सोमवार सुबह करीब दस बजे घटना घटित हुई। उसके बाद से तीनों बच्चों की पहचान ना होने के कारण तीनों की फोटो बराड़ा ही नहीं बल्कि आसपास के कई सोशल मीडिया ग्रुपों में शेयर की गई। दिनभर यह फोटो लोग शेयर करते रहे ताकि इनकी पहचान हो सके, लेकिन पहचान नहीं हो पाई। पुलिस के लिए भी पहचान ना हो सकने के कारण मामला फंसा रहा। हालांकि दोपहर बाद एक बच्चे की पहचान पारस निवासी हरगोबिंदपुरा कॉलोनी के रूप में हुई। उसके पिता एमएम अस्पताल पहुंचे, लेकिन वह भी अन्य दो बच्चों के बारे में नहीं बता सके। ना ही वह बता पाए कि उनके बच्चे वहां कैसे पहुंचे। इसके बाद देर शाम को दोनों बच्चों की पहचान हुई।
दो बहनों का इकलौता भाई था पारस
15 वर्षीय पारस नौवीं कक्षा में पढ़ता था। जानकारी अनुसार पारस का पिता अमरजीत कार पेंटर का काम करता है। जबकि उसकी माता एमएम अस्पताल में ही साफ सफाई का कार्य करती है। पारस अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की खबर से परिजन होश खो बैठे। अमरजीत का तो सहारा ही छीन गया। मां और बहन का रो रोकर बुरा हाल था।
दिन में बंद होने चाहिए डंपर
मौके पर एकत्रित लोगों में हादसे के प्रति व्यापक रोष था। लोगों ने कहा कि यहां कई हादसे हो चुके हैं। अब तीन नाबालिग बच्चों की मौत हुई है। अगर पुलिस प्रशासन इन डंपरों को दिन के समय चलने रोके और रात के समय चलने दे तो कई हादसे बहुत कम हो जाएंगे।
वर्जन
तीनों शवों को मोर्चरी में पोस्ट मार्टम के लिए रखवा दिया है। मंगलवार को पोस्ट मार्टम होगा। आरोपी डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। डंपर को भी कब्जे में ले लिया है।
-रमेश कुमार, थाना प्रभारी, मुलाना।