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Ambala News: पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की खामियों को दूर करने की मांग
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- इनेलो नेता ओंकार सिंह की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री और वित्त आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को आम जनता के लिए परेशानी बताते हुए सोमवार को इनेलो नेता ओंकार सिंह की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार प्रियंका के माध्यम से मुख्यमंत्री और वित्त आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में जो लोग वर्षों से जमीन के वैध मालिक हैं और जिनका नाम खाना काश्त में दर्ज है। पोर्टल पर उनके खसरा नंबर ही ऑनलाइन शो नहीं हो रहे। इस कारण लोग अपनी ही जमीन को बेचने या हस्तांतरित करने में असमर्थ हैं।
व्यक्ति राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार वैध मालिक है, तो उसकी रजिस्ट्री रोकना न्याय संगत नहीं है। इस समस्या के कारण रजिस्ट्री न होने से बैंकों से लोन मिलना बंद हो गया है। जमीन के बंटवारे और स्थानांतरण के मामले अटक गए हैं। जिसे लेकर लोग तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा।
प्रतिनिधिमंडल की मुख्य मांगें
पोर्टल की खामियों को तुरंत दूर कर खाना काश्त के खसरा नंबर ऑनलाइन अपडेट किए जाएं, जब तक ऑनलाइन पोर्टल सही नहीं होता, तब तक मैनुअल रजिस्ट्री की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की जाए, इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर उनकी जवाबदेही तय की जाए, तहसील और जिला स्तर पर अधिकारियों को स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएं ताकि जनता को गुमराह न किया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को आम जनता के लिए परेशानी बताते हुए सोमवार को इनेलो नेता ओंकार सिंह की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार प्रियंका के माध्यम से मुख्यमंत्री और वित्त आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में जो लोग वर्षों से जमीन के वैध मालिक हैं और जिनका नाम खाना काश्त में दर्ज है। पोर्टल पर उनके खसरा नंबर ही ऑनलाइन शो नहीं हो रहे। इस कारण लोग अपनी ही जमीन को बेचने या हस्तांतरित करने में असमर्थ हैं।
व्यक्ति राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार वैध मालिक है, तो उसकी रजिस्ट्री रोकना न्याय संगत नहीं है। इस समस्या के कारण रजिस्ट्री न होने से बैंकों से लोन मिलना बंद हो गया है। जमीन के बंटवारे और स्थानांतरण के मामले अटक गए हैं। जिसे लेकर लोग तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा।
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प्रतिनिधिमंडल की मुख्य मांगें
पोर्टल की खामियों को तुरंत दूर कर खाना काश्त के खसरा नंबर ऑनलाइन अपडेट किए जाएं, जब तक ऑनलाइन पोर्टल सही नहीं होता, तब तक मैनुअल रजिस्ट्री की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की जाए, इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर उनकी जवाबदेही तय की जाए, तहसील और जिला स्तर पर अधिकारियों को स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएं ताकि जनता को गुमराह न किया जा सके।
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