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Ambala News: अग्निवीर का डेबिट कार्ड चोरी कर खाते से 1.05 लाख निकाले
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अंबाला। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बातों में फंसाकर ठगी करने वाले शातिर अब सेना के जवानों को भी निशाना बनाने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला छावनी रेलवे स्टेशन पर सामने आया है, जहां नागपुर से पटियाला जा रहे एक अग्निवीर को ठगों ने भरोसे में लेकर उसका मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड चोरी कर लिया।
इसके बाद बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 1,05,000 रुपये निकाल लिए। राजकीय रेलवे पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्धा (महाराष्ट्र) निवासी अग्निवीर मेश्राम लोकेश सतीश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह नागपुर से ट्रेन पकड़कर अम्बाला पहुंचे थे। प्लेटफॉर्म 1 से 1ए की तरफ जाते समय एक अनजान व्यक्ति उनसे ट्रेन के समय के बारे में पूछने लगा। तभी दूसरा व्यक्ति वहां आया और घबराहट का नाटक करते हुए बोला कि वह रेड-लाइट एरिया में पुलिस रेड के दौरान बॉस के भागने के बाद कुछ नकदी लेकर बचा है।
पीड़ित ने उसे पैसे पुलिस या बैंक में जमा कराने की सलाह दी, लेकिन पहले ठग ने बहकाते हुए कहा कि पुलिस पैसे बांट लेगी, इसलिए हम ही इन्हें बांट लेते हैं। ठगों ने हिस्सा दिखाने के नाम पर घर से पैसे मंगवाए और यूपीआई पिन देखकर फोन को फ्लाइट मोड पर डाल दिया। इसके बाद चालाकी से मोबाइल व एटीएम चोरी कर भाग गए।
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पीड़ित ने तलाश के बाद आरपीएफ को सूचना दी और कार्ड ब्लॉक करवाए, लेकिन तब तक शातिर 40 हजार, 30 हजार, तीन बार 10-10 हजार और 5 हजार यानी कुल 1.05 लाख रुपये निकाल चुके थे। साइबर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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इसके बाद बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 1,05,000 रुपये निकाल लिए। राजकीय रेलवे पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्धा (महाराष्ट्र) निवासी अग्निवीर मेश्राम लोकेश सतीश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह नागपुर से ट्रेन पकड़कर अम्बाला पहुंचे थे। प्लेटफॉर्म 1 से 1ए की तरफ जाते समय एक अनजान व्यक्ति उनसे ट्रेन के समय के बारे में पूछने लगा। तभी दूसरा व्यक्ति वहां आया और घबराहट का नाटक करते हुए बोला कि वह रेड-लाइट एरिया में पुलिस रेड के दौरान बॉस के भागने के बाद कुछ नकदी लेकर बचा है।
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पीड़ित ने उसे पैसे पुलिस या बैंक में जमा कराने की सलाह दी, लेकिन पहले ठग ने बहकाते हुए कहा कि पुलिस पैसे बांट लेगी, इसलिए हम ही इन्हें बांट लेते हैं। ठगों ने हिस्सा दिखाने के नाम पर घर से पैसे मंगवाए और यूपीआई पिन देखकर फोन को फ्लाइट मोड पर डाल दिया। इसके बाद चालाकी से मोबाइल व एटीएम चोरी कर भाग गए।
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पीड़ित ने तलाश के बाद आरपीएफ को सूचना दी और कार्ड ब्लॉक करवाए, लेकिन तब तक शातिर 40 हजार, 30 हजार, तीन बार 10-10 हजार और 5 हजार यानी कुल 1.05 लाख रुपये निकाल चुके थे। साइबर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।