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निशाना चूककर खुद की जांघ में लगी तो फंसता देख खोपड़ी में गोली मारकर की आत्महत्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 12:11 AM IST
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कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व पार्षद रही अमरजीत कौर की हत्या करने वाले ईशम सिंह पर पहले से ही हत्या के आरोप लगे थे। वह कोरोना काल से पैरोल पर चल रहा था। रविवार शाम को अमरजीत कौर को गोली मारने के बाद उसने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हत्यारोपी ईशम सिंह ने रामनगर की रहने वाली अमरजीत कौर पर दो नहीं बल्कि तीन गोलियां दागी थी। लेकिन एक गोली दीवार से टकराकर उसके खुद की जांघ में लग गई। भागने में खुद को नाकाम पाकर ईशम सिंह ने चौथी गोली अपने सिर में दागकर अपनी भी जीवनलीला समाप्त कर ली। दोनों लंबे समय से शराब कारोबार में पार्टनर थे। बताया जा रहा है कि दोनों में पैसे को लेकर कहासुनी हुई और इसके बाद ही ईशम ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे डाला। बलदेव नगर के हाउसिंग बोर्ड में हुई इस घटना से पूरा अंबाला शहर दहल गया।
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लंबे समय तक कांग्रेस का हिस्सा रहीं थी अमरजीत कौर
अमरजीत कौर सौढ़ी लंबे समय तक कांग्रेस का अभिन्न अंग रही। लेकिन हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव के दौरान वह पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी का हिस्सा बन गई थी। अमरजीत कौर ने वार्ड नंबर 6 से हजपा चुनाव लड़ा था और उन्हें भाजपा की अर्चना छिब्बड़ ने 834 वोट से हरा दिया था। अमरजीत कौर को कुल 1433 वोट पड़े थे। इस तरह नगर निगम चुनाव हारने के 15 दिनों के भीतर वह जिंदगी की जंग भी हार गई।
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धागे के सैंपल लेकर गई थी सहेली के घर
अमरजीत कौर के बेटे गगनदीप सिंह ने बताया मेरी मां धागे का भी कारोबार करती थी। धागे के सैंपल लेकर ही हाउसिंग बोर्ड में अपनी सहेली के घर गई थी। जहां इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पति परमजीत सिंह ने बताया कि मैं बाहर था और जब मुझे घटना के बारे में पता चला तो अस्पताल में पहुंचा। परमजीत सिंह के अनुसार दोनों शराब कारोबार में पार्टनर थे और शराब के ठेके लिया करते थे।
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चार बजे का कार्यक्रम किया था स्थगित
अमरजीत कौर की सहेली प्रवीण सहगल ने बताया कि मैं रविवार शाम करीब चार बजे अमरजीत कौर के घर गई थी। मेयर शक्तिरानी के कार्यक्रम में जाने के बारे में अमरजीत से बात करनी थी। घर का दरवाजा खटखटाने पर बेटे गगनदीप की पत्नी ने बताया कि मम्मी घर के भीतर ही हैं अंदर आ जाइए। जब उसने कार्यक्रम में चलने के बारे में पूछा तो अमरजीत ने कहा कि मुझे कोई काम है तुम चले जाओ। प्रवीण ने कहा कि काश अमरजीत मेरे साथ चली गई होती तो अनहोनी टल जाती।
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