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स्किट का लालच देकर बच्ची से यौन शोषण में युवक दोषी करार
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बिस्किट और नमकीन का लालच देकर सात साल की बच्ची के यौन शोषण में जफ्फरपुर के मोनू को दोषी करार दे दिया गया। शुक्रवार जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश बंसल की कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में सजा के लिए सोमवार की तारीख मुकर्रर की है। मुलाना थानाक्षेत्र में पिछले साल दर्ज केस में बच्ची के बयान और मेडिकल रिपोर्ट फैसले का आधार बनी। वारदात के बाद से केंद्रीय कारागार में बंद आरोपी की तमाम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई। कुल 15 लोगों ने गवाही दी, जिसमें परिवार, डॉक्टर, पुलिस व अन्य शामिल हैं। दोषी करार देने के बाद उसे दोबारा वापस जेल भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस ने 6 पोस्को एक्ट का केस दर्ज किया था। अदालत ने 10 पोक्सो एक्ट में उससे दोषी माना है। दोपहर बाद उसे एसजे कोर्ट में बुलाया गया। इससे पहले अभियोजन व बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। अभियोजन पक्ष ने कसूरवार और बचाव पक्ष ने बेकसूर होने के बारे अपनी दलीलें दी। तमाम तथ्यों को देखकर उसे दोषी करार दे दिया गया।
यह है मामला
घटना के दिन बच्ची घर से खेलने निकली थी लेकिन वह काफी समय तक वापस घर नहीं आई। परेशान परिजन उसे ढूंढने निकले तो वह रास्ते में मिली। उसके हाथ में नमकीन और बिस्किट थे। वह पूरी तरह से सामान्य लग रही थी, केवल उसके गालों पर लाल निशान थे। शक होने पर परिजनों के पूछने बच्ची ने बताया कि मोनू अंकल उसे खाने की चीज देकर खेत में ले गए जहां उसके साथ गलत काम किया। मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने 6 पोक्सो का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
बच्ची के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ने मोनू को दोषी साबित किया। बच्ची केवल इसी बात पर अड़ी रही कि अंकल ने उसके साथ गलत काम किया है लेकिन मेडिकल में गलत काम नहीं पाया गया। सुनवाई में पाया गया कि दोषी ने गलत काम तो नहीं किया लेकिन बच्ची का शारीरिक शोषण आवश्य किया। इस केस में कम से कम और अधिक से अधिक सात साल की सजा का प्रावधान है। सोमवार सजा सुनाई जाएगी।
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जंग बहादुर सिंह, डीडीए, एएसजे कोर्ट
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यह है मामला
घटना के दिन बच्ची घर से खेलने निकली थी लेकिन वह काफी समय तक वापस घर नहीं आई। परेशान परिजन उसे ढूंढने निकले तो वह रास्ते में मिली। उसके हाथ में नमकीन और बिस्किट थे। वह पूरी तरह से सामान्य लग रही थी, केवल उसके गालों पर लाल निशान थे। शक होने पर परिजनों के पूछने बच्ची ने बताया कि मोनू अंकल उसे खाने की चीज देकर खेत में ले गए जहां उसके साथ गलत काम किया। मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने 6 पोक्सो का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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बच्ची के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ने मोनू को दोषी साबित किया। बच्ची केवल इसी बात पर अड़ी रही कि अंकल ने उसके साथ गलत काम किया है लेकिन मेडिकल में गलत काम नहीं पाया गया। सुनवाई में पाया गया कि दोषी ने गलत काम तो नहीं किया लेकिन बच्ची का शारीरिक शोषण आवश्य किया। इस केस में कम से कम और अधिक से अधिक सात साल की सजा का प्रावधान है। सोमवार सजा सुनाई जाएगी।
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जंग बहादुर सिंह, डीडीए, एएसजे कोर्ट