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Ambala News: दूसरी और तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों की दक्षताओं का होगा आकलन
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अंबाला सिटी। जिले के 478 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में 18 व 19 दिसंबर को मेगा मॉनिटरिंग होगी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए शेड्यूल बनाकर खंड शिक्षा अधिकारियों, सीआरसी मुखियाओं, एबीआरसी और बीआरपी कुल 167 मॉनिटरिंग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। खास बात यह है कि अंबाला को निपुण जिला बनाने के उद्देश्य से यह मेगा मॉनिटरिंग केवल अंबाला जिला में डीईईओ द्वारा स्वयं अपने स्तर पर करवाई जा रही है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि प्रत्येक मॉनिटरिंग अधिकारी को एक गूगल फॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा। इस पर प्रत्येक मॉनिटरिंग अधिकारी रिपोर्ट अंकित करेंगे। अधिकारी को मॉनिटरिंग के लिए दिए गए स्कूल में अनिवार्य रूप से दूसरी और तीसरी कक्षा का दौरा करना होगा। साथ ही प्रत्येक कक्षा में तीन-तीन बच्चों से गूगल फॉर्म में दिए गए हिंदी विषय के छह प्रश्न और गणित विषय के चार प्रश्न पूछने होंगे। यही नहीं गूगल फॉर्म में उन्हें इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि मिड डे मील के माध्यम से बच्चों को बेहतर पोषण देने के उद्देश्य से विद्यालय में न्यूट्रीशन गार्डन बनाया गया है या नहीं।
शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन भारत सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के निपुण भारत कार्यक्रम के अंतर्गत हरियाणा सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके तहत हरियाणा शिक्षा विभाग ने सत्र 31 मार्च 2025 तक राज्य को शत-प्रतिशत निपुण बनाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान सत्र 2023-24 के अंत तक यह लक्ष्य 55 प्रतिशत का रखा गया है।
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इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कक्षा एक से तीन में एफएलएन यानि मूलभूत भाषा व गणना ज्ञान कार्यक्रम लागू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अध्यापकों को प्रशिक्षण और बच्चों को वर्क बुक प्रदान की गई है। वहीं कक्षा कक्षों को प्रिंट रिच और टीएलएम से सुसज्जित किया गया है। उक्त सभी प्रयासों से शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की दक्षताओं में कितना सुधार हुआ है, यही सब जानने के लिए इस मेगा मॉनिटरिंग के कार्यक्रम को रखा गया है। निपुण भारत मिशन में केवल हिंदी और गणित विषयों को ही शामिल किया गया हैं।
मेगा मॉनिटरिंग से प्राप्त डाटा के आधार पर शिक्षा विभाग के निपुण लक्ष्य को प्राप्त करने में आगे की रणनीति बनाने में सहायता मिलेगी ताकि सत्र 2024-25 के अंत तक विभाग द्वारा निर्धारित शत-प्रतिशत निपुण लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
-मनोज कुमार, जिला एफएलएन समन्वयक
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि प्रत्येक मॉनिटरिंग अधिकारी को एक गूगल फॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा। इस पर प्रत्येक मॉनिटरिंग अधिकारी रिपोर्ट अंकित करेंगे। अधिकारी को मॉनिटरिंग के लिए दिए गए स्कूल में अनिवार्य रूप से दूसरी और तीसरी कक्षा का दौरा करना होगा। साथ ही प्रत्येक कक्षा में तीन-तीन बच्चों से गूगल फॉर्म में दिए गए हिंदी विषय के छह प्रश्न और गणित विषय के चार प्रश्न पूछने होंगे। यही नहीं गूगल फॉर्म में उन्हें इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि मिड डे मील के माध्यम से बच्चों को बेहतर पोषण देने के उद्देश्य से विद्यालय में न्यूट्रीशन गार्डन बनाया गया है या नहीं।
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शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन भारत सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के निपुण भारत कार्यक्रम के अंतर्गत हरियाणा सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके तहत हरियाणा शिक्षा विभाग ने सत्र 31 मार्च 2025 तक राज्य को शत-प्रतिशत निपुण बनाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान सत्र 2023-24 के अंत तक यह लक्ष्य 55 प्रतिशत का रखा गया है।
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इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कक्षा एक से तीन में एफएलएन यानि मूलभूत भाषा व गणना ज्ञान कार्यक्रम लागू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अध्यापकों को प्रशिक्षण और बच्चों को वर्क बुक प्रदान की गई है। वहीं कक्षा कक्षों को प्रिंट रिच और टीएलएम से सुसज्जित किया गया है। उक्त सभी प्रयासों से शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की दक्षताओं में कितना सुधार हुआ है, यही सब जानने के लिए इस मेगा मॉनिटरिंग के कार्यक्रम को रखा गया है। निपुण भारत मिशन में केवल हिंदी और गणित विषयों को ही शामिल किया गया हैं।
मेगा मॉनिटरिंग से प्राप्त डाटा के आधार पर शिक्षा विभाग के निपुण लक्ष्य को प्राप्त करने में आगे की रणनीति बनाने में सहायता मिलेगी ताकि सत्र 2024-25 के अंत तक विभाग द्वारा निर्धारित शत-प्रतिशत निपुण लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
-मनोज कुमार, जिला एफएलएन समन्वयक