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Ambala News: कोचों पर वेटिंग टिकट यात्रियों का कब्जा
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आम्रपाली एक्सप्रेस के एस-2 कोच में वेटिंग और जनरल टिकट यात्रियों का कब्जा। संवाद
अंबाला। मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे जैसे ही अमृतसर से चलकर कटिहार जाने वाली ट्रेन नंबर 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर दाखिल हुई तो नजर आया कि स्लीपर श्रेणी के जिन आरक्षित कोचों में पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वो खाली थे, लेकिन जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकी तो वेटिंग और जनरल टिकट के यात्रियों ने आम्रपाली के स्लीपर श्रेणी के एस-1 कोच से एस-4 पर कब्जा कर लिया।
हैरानी की बात यह रही कि रेलवे ने वेटिंग टिकट न बनाने के निर्देश जारी किए हैं, बावजूद इसके ट्रेन से उतरे अंबाला मंडल के कुछ टीटीई यात्रियों की वेटिंग टिकट बनाते नजर आए, इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। इन अव्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए मौके पर तैनात टीटीई और आरपीएफ कर्मचारियों ने बिल्कुल भी कोशिश नहीं की कि वो वेटिंग और जनरल टिकट यात्रियों को आरक्षित कोच से उतार सकें और उन पर जुर्माना लगा सकें।
इस कारण एक बार फिर कंफर्म टिकट यात्री परेशान दिखे। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे के आदेशों का किस प्रकार पालन हो रहा है। गौरतलब है कि रेलवे ने कुछ दिन पहले आदेश जारी किए थे कि आरक्षित कोच में वेटिंग टिकट वाले यात्री नहीं चढ़ेंगे और इसकी पालना के लिए उन्होंने वाणिज्य विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश भी दिए थे।
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वहीं अधिकारियों ने भी तुरंत प्रभाव से रेलवे स्टेशन पर बनाई जाने वाली वेटिंग के टिकट बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था और सभी कर्मचारियों को ट्रेन में चेकिंग के दौरान जुर्माने वसूलने के निर्देश दिए थे। इन आदेशों की पालना करते हुए कुछ ट्रेनों में तो आरक्षित कोच वेटिंग टिकट यात्रियों से पूरी तरह से खाली हो गए हैं जबकि कुछ में अभी भी भीड़ है और इस भीड़ को हटाने की जिम्मेदारी वाणिज्य विभाग और आरपीएफ के साथ मिलकर करने की जरूरत है।
पश्चिम एक्सप्रेस के कोच खाली
आम्रपाली एक्सप्रेस के प्लेटफार्म तीन पर पहुंचने के चंद मिनटों बाद ही अमृतसर से मुंबई जाने के लिए ट्रेन नंबर 12926 प्लेटफार्म दो पर पहुंच गई। ट्रेन के जरनल कोच में भीड़ का आलम था, लेकिन ट्रेन में स्लीपर श्रेणी के सभी कोच खाली थे और इन पर सिर्फ कंफर्म टिकट यात्री ही बैठे हुए थे। ट्रेन में सफर कर रहे गौरव, दिनेश, गोपाल और सृष्टि आदि ने प्लेटफार्म तीन पर खड़ी आम्रपाली के हालात देखकर कहा कि यह रेलवे की लापरवाही है, अगर उनकी ट्रेन में व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकती हैं तो आम्रपाली में क्यों नहीं।
एक स्टाल के बाहर दूसरा
रेलवे स्टेशन पर नियमों की सरेआम अनदेखी हो रही है। ट्रेन के नजदीक ही गैस संचालित ट्रालियां खड़ी हो रही हैं जोकि किसी भी हादसे को न्यौता दे सकती हैं। रही-सही कसर खान-पान स्टाल के बाहर लगे रहे अतिरिक्त स्टाल पूरी कर रहे हैं जोकि भीड़भाड़ के दौरान ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं।
मामला संज्ञान में आया है, अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। आरक्षित कोच में वेटिंग टिकट के यात्री को चढ़ने की इजाजत नहीं है। रेलवे स्टेशन पर भी टीटीई को वेटिंग टिकट न बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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हैरानी की बात यह रही कि रेलवे ने वेटिंग टिकट न बनाने के निर्देश जारी किए हैं, बावजूद इसके ट्रेन से उतरे अंबाला मंडल के कुछ टीटीई यात्रियों की वेटिंग टिकट बनाते नजर आए, इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। इन अव्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए मौके पर तैनात टीटीई और आरपीएफ कर्मचारियों ने बिल्कुल भी कोशिश नहीं की कि वो वेटिंग और जनरल टिकट यात्रियों को आरक्षित कोच से उतार सकें और उन पर जुर्माना लगा सकें।
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इस कारण एक बार फिर कंफर्म टिकट यात्री परेशान दिखे। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे के आदेशों का किस प्रकार पालन हो रहा है। गौरतलब है कि रेलवे ने कुछ दिन पहले आदेश जारी किए थे कि आरक्षित कोच में वेटिंग टिकट वाले यात्री नहीं चढ़ेंगे और इसकी पालना के लिए उन्होंने वाणिज्य विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश भी दिए थे।
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वहीं अधिकारियों ने भी तुरंत प्रभाव से रेलवे स्टेशन पर बनाई जाने वाली वेटिंग के टिकट बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था और सभी कर्मचारियों को ट्रेन में चेकिंग के दौरान जुर्माने वसूलने के निर्देश दिए थे। इन आदेशों की पालना करते हुए कुछ ट्रेनों में तो आरक्षित कोच वेटिंग टिकट यात्रियों से पूरी तरह से खाली हो गए हैं जबकि कुछ में अभी भी भीड़ है और इस भीड़ को हटाने की जिम्मेदारी वाणिज्य विभाग और आरपीएफ के साथ मिलकर करने की जरूरत है।
पश्चिम एक्सप्रेस के कोच खाली
आम्रपाली एक्सप्रेस के प्लेटफार्म तीन पर पहुंचने के चंद मिनटों बाद ही अमृतसर से मुंबई जाने के लिए ट्रेन नंबर 12926 प्लेटफार्म दो पर पहुंच गई। ट्रेन के जरनल कोच में भीड़ का आलम था, लेकिन ट्रेन में स्लीपर श्रेणी के सभी कोच खाली थे और इन पर सिर्फ कंफर्म टिकट यात्री ही बैठे हुए थे। ट्रेन में सफर कर रहे गौरव, दिनेश, गोपाल और सृष्टि आदि ने प्लेटफार्म तीन पर खड़ी आम्रपाली के हालात देखकर कहा कि यह रेलवे की लापरवाही है, अगर उनकी ट्रेन में व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकती हैं तो आम्रपाली में क्यों नहीं।
एक स्टाल के बाहर दूसरा
रेलवे स्टेशन पर नियमों की सरेआम अनदेखी हो रही है। ट्रेन के नजदीक ही गैस संचालित ट्रालियां खड़ी हो रही हैं जोकि किसी भी हादसे को न्यौता दे सकती हैं। रही-सही कसर खान-पान स्टाल के बाहर लगे रहे अतिरिक्त स्टाल पूरी कर रहे हैं जोकि भीड़भाड़ के दौरान ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं।
मामला संज्ञान में आया है, अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। आरक्षित कोच में वेटिंग टिकट के यात्री को चढ़ने की इजाजत नहीं है। रेलवे स्टेशन पर भी टीटीई को वेटिंग टिकट न बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।

आम्रपाली एक्सप्रेस के एस-2 कोच में वेटिंग और जनरल टिकट यात्रियों का कब्जा। संवाद

आम्रपाली एक्सप्रेस के एस-2 कोच में वेटिंग और जनरल टिकट यात्रियों का कब्जा। संवाद

आम्रपाली एक्सप्रेस के एस-2 कोच में वेटिंग और जनरल टिकट यात्रियों का कब्जा। संवाद