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Ambala News: शिक्षा सदन में 55 हजार रुपये रिश्वत लेते क्लर्क काबू
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अंबाला। एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने वीरवार को शिक्षा विभाग के दो क्लर्कों को 55 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू किया। बताया जाता है कि रिटायर्ड प्रिंसिपल के एरियर जारी करने की एवज में पहले 70 हजार रुपये में समझौता हुआ था। शिकायतकर्ता ने 15 हजार रुपये दे दिए थे। 55 हजार रुपये दोबारा मांगे तो विजिलेंस को शिकायत दी।
टीम ने जाल बिछाकर क्लर्क हरीश को पैसों संग दबोचा। पूछताछ में गरनाला के सरकारी स्कूल क्लर्क राजकुमार का नाम सामने आया। अंबाला विजिलेंस इंस्पेक्टर बिमला देवी की टीम ने उसे कुछ ही देर बाद सिटी के अग्रसेन चौक से काबू कर लिया। विजिलेंस से शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता ने एक रिकॉर्डिंग भी दी थी। शुक्रवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शिक्षा सदन से हरीश को काबू करने के बाद टीम ने कुछ और कर्मचारियों की सीट पर जाकर उनका सामान खंगाला। पुलिस की रेड से पहले ही कर्मचारी अपना सामान छोड़कर चले गए। ऐसे में आशंका है कि किसी और कर्मचारी का भी नाम इस मामले से जुड़ा हो सकता है।
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रिटायर्ड प्राचार्य ने टीम के सामने रोया था दुखड़ा
इंस्पेक्टर बिमला ने बताया कि अंबाला ब्लॉक-1 के अंतर्गत आने वाले गांव छप्परा स्कूल से रिटायर्ड प्रिंसिपल महेंद्र ने शिकायत देते हुए बताया कि उसका एसीपी 2022 में लग गया था। उसका एरियर और अर्जित अवकाश यानी छुट्टियों का पैसा भी निकालना था। उसके लिए फाइल लगाई थी। काफी समय से क्लर्क हरीश फाइल दबाए बैठा था। फाइल क्लीयर करने के लिए गरनाला के राजकुमार ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी।
2020 में हुई ट्रांसफर के तहत शिक्षा सदन तो गरनाला तैनात हुए थे दोनों
बताया जाता है कि 2020 में शिक्षा विभाग की तरफ से ट्रांसफर हुई थी। उसके तहत ही सरकारी स्कूल खुड्डाकलां से हरीश शिक्षा सदन में क्लर्क तैनात हुआ था। वहीं राजकुमार गरनाला के सरकारी स्कूल में। हरीश के पास जिला के सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल की सर्विस बुक से जुड़ा काम होता था। उसमें एरियर से लेकर अन्य काम भी थे। टीम आरोपियों से पूरी गहनता से पूछताछ करेगी ताकि पता चल सके कि किसी और प्रिंसिपल से तो पैसे नहीं मांगे गए।
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टीम ने जाल बिछाकर क्लर्क हरीश को पैसों संग दबोचा। पूछताछ में गरनाला के सरकारी स्कूल क्लर्क राजकुमार का नाम सामने आया। अंबाला विजिलेंस इंस्पेक्टर बिमला देवी की टीम ने उसे कुछ ही देर बाद सिटी के अग्रसेन चौक से काबू कर लिया। विजिलेंस से शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता ने एक रिकॉर्डिंग भी दी थी। शुक्रवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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शिक्षा सदन से हरीश को काबू करने के बाद टीम ने कुछ और कर्मचारियों की सीट पर जाकर उनका सामान खंगाला। पुलिस की रेड से पहले ही कर्मचारी अपना सामान छोड़कर चले गए। ऐसे में आशंका है कि किसी और कर्मचारी का भी नाम इस मामले से जुड़ा हो सकता है।
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रिटायर्ड प्राचार्य ने टीम के सामने रोया था दुखड़ा
इंस्पेक्टर बिमला ने बताया कि अंबाला ब्लॉक-1 के अंतर्गत आने वाले गांव छप्परा स्कूल से रिटायर्ड प्रिंसिपल महेंद्र ने शिकायत देते हुए बताया कि उसका एसीपी 2022 में लग गया था। उसका एरियर और अर्जित अवकाश यानी छुट्टियों का पैसा भी निकालना था। उसके लिए फाइल लगाई थी। काफी समय से क्लर्क हरीश फाइल दबाए बैठा था। फाइल क्लीयर करने के लिए गरनाला के राजकुमार ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी।
2020 में हुई ट्रांसफर के तहत शिक्षा सदन तो गरनाला तैनात हुए थे दोनों
बताया जाता है कि 2020 में शिक्षा विभाग की तरफ से ट्रांसफर हुई थी। उसके तहत ही सरकारी स्कूल खुड्डाकलां से हरीश शिक्षा सदन में क्लर्क तैनात हुआ था। वहीं राजकुमार गरनाला के सरकारी स्कूल में। हरीश के पास जिला के सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल की सर्विस बुक से जुड़ा काम होता था। उसमें एरियर से लेकर अन्य काम भी थे। टीम आरोपियों से पूरी गहनता से पूछताछ करेगी ताकि पता चल सके कि किसी और प्रिंसिपल से तो पैसे नहीं मांगे गए।