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Ambala News: चतुर्थ श्रेणी कर्मी जांच रहे आंखें, सैंपलिंग में भी खिलवाड़
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सुखबीर सिंह
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आंखों की जांच कर रहे हैं तो मरीजों के रक्त के नमूनों को लेने के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग जानकर भी इन्हें अनदेखा कर रहा है। सबसे अधिक अनियमितताएं यहां पर बनी लैब में नजर आ रही हैं। हालात यह है कि किसी भी दिन कोई बड़ी चूक हो सकती है। लैब में कई नर्सिंग विद्यार्थी बिना सुरक्षा ग्लव्ज के मरीजों के खून का सैंपल ले रहे हैं। इससे मरीजों को संक्रमण होने का खतरा रहता है। जबकि नागरिक अस्पताल में सुरक्षा ग्लव्ज पहनने के बाद ही सैंपल लेना चाहिए।
इतना ही इसके लिए प्रर्याप्त मात्रा में ग्लव्ज भी उपलब्ध रहते हैं। अस्पताल के आला अधिकारी अक्सर ही अस्पताल में व्यवस्थाओं को भी जांचते रहते हैं फिर भी इस प्रकार की चूक देखने को मिल रही है। इसके साथ ही नेत्र विभाग में ऑपरेशन के दिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मरीजों की आंखों की जांच करता दिखाई देता है।
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पहला मामला
रोजाना लेते हैं 400 से अधिक सैंपल
अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल की लैब में विभिन्न बीमारियों की जांच के लिए करीब 250 सैंपल विभिन्न जांचों के लिए किए जाते हैं। इसके साथ ही रात के लिए समय भी करीब 100 से 150 सैंपल होते हैं। ऐसे में सैंपल लेने के लिए सही तरीके से सुरक्षा अपनानी जरूरी होती है। नहीं तो संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। अधिकांश बाद दिन के समय ही रक्त के सैंपल लेते सुरक्षा में चूक नजर आती है।
दूसरा मामला
चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जांचते हैं नजर
नागरिक अस्पताल में कई बार देखने में आता है कि यहां पर बने नेत्र रोग विभाग के पास चिकित्सक तो प्रर्याप्त हैं, लेकिन तकनीकी सहायक की संख्या बहुत कम हैं। इसी कारण मरीजों की नजर की जांच भी एचकेआरएन के तहत लगे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ही करते हैं। कई बार नजर सही पाई जाती है तो कई बार नजर की दोबारा जांच करवानी पड़ती है। इससे मरीजों का समय भी बर्बाद होता है।
अस्पताल में कर्मचारियों की स्थिति
नागरिक अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटरों के 10 पद हैं। ये सभी खाली हैं। वहीं, वार्ड सर्वेंट के 70 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 64 पद ररिक्त हैं। लैब टेक्नीशियन के 20 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 14 पद खाली हैं। इसके साथ ही ईसीजी टेक्नीशियन के चार पद, डेंटल मेकेनिक के तीन पद खाली हैं। इसके अलावा भी कई पद खाली हैं। इनके अभाव में ही एचकेआरएन कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है।
वर्जन
खून के सैंपल लेने में सुरक्षा की चूक मामले पर जांच के निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही अगर ऐसा हो रहा है तो उसमें सुधार किया जाएगा। विद्यार्थियों को पुरी सुरक्षा के साथ ही सैंपल लेने की हिदायत दी जाती है।
-डॉ. रेणु बेरी, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।
वर्जन
हमारी ओर से कर्मचारियों की कमी को समय-समय पर भेजा जाता है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अगर जांच कर रहे हैं तो उसमें सुधार किया जाएगा। हमारी ओर से तकनीकी सहायक भी लगाए गए हैं।
-डॉ. पवनीश, चिकित्सा अधिक्षक, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।
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अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आंखों की जांच कर रहे हैं तो मरीजों के रक्त के नमूनों को लेने के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग जानकर भी इन्हें अनदेखा कर रहा है। सबसे अधिक अनियमितताएं यहां पर बनी लैब में नजर आ रही हैं। हालात यह है कि किसी भी दिन कोई बड़ी चूक हो सकती है। लैब में कई नर्सिंग विद्यार्थी बिना सुरक्षा ग्लव्ज के मरीजों के खून का सैंपल ले रहे हैं। इससे मरीजों को संक्रमण होने का खतरा रहता है। जबकि नागरिक अस्पताल में सुरक्षा ग्लव्ज पहनने के बाद ही सैंपल लेना चाहिए।
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इतना ही इसके लिए प्रर्याप्त मात्रा में ग्लव्ज भी उपलब्ध रहते हैं। अस्पताल के आला अधिकारी अक्सर ही अस्पताल में व्यवस्थाओं को भी जांचते रहते हैं फिर भी इस प्रकार की चूक देखने को मिल रही है। इसके साथ ही नेत्र विभाग में ऑपरेशन के दिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मरीजों की आंखों की जांच करता दिखाई देता है।
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पहला मामला
रोजाना लेते हैं 400 से अधिक सैंपल
अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल की लैब में विभिन्न बीमारियों की जांच के लिए करीब 250 सैंपल विभिन्न जांचों के लिए किए जाते हैं। इसके साथ ही रात के लिए समय भी करीब 100 से 150 सैंपल होते हैं। ऐसे में सैंपल लेने के लिए सही तरीके से सुरक्षा अपनानी जरूरी होती है। नहीं तो संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। अधिकांश बाद दिन के समय ही रक्त के सैंपल लेते सुरक्षा में चूक नजर आती है।
दूसरा मामला
चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जांचते हैं नजर
नागरिक अस्पताल में कई बार देखने में आता है कि यहां पर बने नेत्र रोग विभाग के पास चिकित्सक तो प्रर्याप्त हैं, लेकिन तकनीकी सहायक की संख्या बहुत कम हैं। इसी कारण मरीजों की नजर की जांच भी एचकेआरएन के तहत लगे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ही करते हैं। कई बार नजर सही पाई जाती है तो कई बार नजर की दोबारा जांच करवानी पड़ती है। इससे मरीजों का समय भी बर्बाद होता है।
अस्पताल में कर्मचारियों की स्थिति
नागरिक अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटरों के 10 पद हैं। ये सभी खाली हैं। वहीं, वार्ड सर्वेंट के 70 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 64 पद ररिक्त हैं। लैब टेक्नीशियन के 20 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 14 पद खाली हैं। इसके साथ ही ईसीजी टेक्नीशियन के चार पद, डेंटल मेकेनिक के तीन पद खाली हैं। इसके अलावा भी कई पद खाली हैं। इनके अभाव में ही एचकेआरएन कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है।
वर्जन
खून के सैंपल लेने में सुरक्षा की चूक मामले पर जांच के निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही अगर ऐसा हो रहा है तो उसमें सुधार किया जाएगा। विद्यार्थियों को पुरी सुरक्षा के साथ ही सैंपल लेने की हिदायत दी जाती है।
-डॉ. रेणु बेरी, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।
वर्जन
हमारी ओर से कर्मचारियों की कमी को समय-समय पर भेजा जाता है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अगर जांच कर रहे हैं तो उसमें सुधार किया जाएगा। हमारी ओर से तकनीकी सहायक भी लगाए गए हैं।
-डॉ. पवनीश, चिकित्सा अधिक्षक, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।