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Ambala News: बच्चों के खेलने पर लगी पाबंदी, महिलाएं नहीं सुखा पा रहीं कपड़े
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गांव बड़ी घेल में पंजाब को आने- जाने वाले वाहन। संवाद
अंबाला सिटी। आठ महीने पहले हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाला शंभू बाॅर्डर किसानों के विरोध के चलते बंद कर दिया था। तभी से पंजाब को जाने वाले लोग अंबाला के गांव बड़ी घेल और निजामपुर के लिंक रोड के माध्यम से ही पंजाब जा रहे हैं।
यात्रियों की यह मजबूरी अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बनी है। यहां दिन हो या फिर रात जाम जैसे हालात बने रहते हैं। ग्रामीण अपने बच्चों को सड़क पर खेलने नहीं भेजते। उन्हें डर रहता है कहीं कोई वाहन अपनी चपेट में न ले। इसी के साथ महिलाएं भी वाहनों के चलने से उड़ती धूल से परेशान हैं। महिलाएं धूल के कारण छत पर कपड़े भी नहीं सुखा पा रही हैं।
रास्ता बंद कर जताया था विरोध
बीते रविवार रात को गांव के ही कुछ लोगों ने पंजाब की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिया को तोड़ दिया था। इसके साथ ही बांध के कच्चे रास्ते को भी जेसीबी से खोद कर खाई बना दी थी। इससे सोमवार तक रास्ता प्रभावित रहा। सोमवार सुबह रास्ते को ठीक कराया गया। इसके बाद वाहन चालकों को पंजाब की ओर भेजा गया। अभी तक पुलिस को ठीक नहीं किया गया है। इसलिए लोगों को कच्चे बांधा से ही गुजरना पड़ रहा है।
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गलियों से गुजरते हैं वाहन
बड़ी घेल निवासी पाला राम, अरुण गोयल, बलबीर सिंह और शकुंतला का कहना है कि शाम होते ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती है। इस कारण गांव की मुख्य सड़क के साथ-साथ गली में भी जाम लग जाता है। लोगों को पैदल चलने की भी जगह नहीं मिल पाती है। जाम के कारण जब वाहन चालक एक तरफ से नहीं निकल पाते तो वाहन चालक गांव की गलियों से अपने वाहन गुजारते हैं।
अधिकारी के कहने पर पुलिसकर्मी तैनात
ग्रामीणों ने कहा कि एक बार प्रशासन का बड़ा अधिकारी जाम में फंस गया था। इसके बाद से गांव के बाहर दो पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। तब से ही बड़े वाहनों की आवाजाही यहां से बंद हुई है। पुलिस कर्मी गांव के प्रवेश पर तैनात रहते हैं और वाहनों को अंदर जाने से रोकते हैं। गांव के भीतर यातायात व्यवस्थित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं किया गया है।
सारा दिन उड़ती है धूल
वाहनों के आवागमन से गांव में सारा दिन धूल उड़ती रहती है। इस कारण लोग अपने घरों की छतों पर भी कपड़े भी नहीं सुखा पाते हैं। गांव में स्थित दुकानों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। लगातार वाहनों के आने जाने से लोग दुकानों पर नहीं पहुंच पाते हैं।
वर्जन
जब से पंजाब जाने वाले रास्ते बंद हुए हैं तब से परेशानी बनी हुई है। कच्चे बांधा का रास्ता ठीक करवा दिया गया है। पुलिया निर्माण का कार्य जारी है। वह पहले से ही टूटी हुई है। गांव के भीतर भी पुलिस कर्मी तैनात करने के लिए बात की जाएगी।
-मदन मोहन, सरपंच गांव बड़ी घेल।
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यात्रियों की यह मजबूरी अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बनी है। यहां दिन हो या फिर रात जाम जैसे हालात बने रहते हैं। ग्रामीण अपने बच्चों को सड़क पर खेलने नहीं भेजते। उन्हें डर रहता है कहीं कोई वाहन अपनी चपेट में न ले। इसी के साथ महिलाएं भी वाहनों के चलने से उड़ती धूल से परेशान हैं। महिलाएं धूल के कारण छत पर कपड़े भी नहीं सुखा पा रही हैं।
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रास्ता बंद कर जताया था विरोध
बीते रविवार रात को गांव के ही कुछ लोगों ने पंजाब की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिया को तोड़ दिया था। इसके साथ ही बांध के कच्चे रास्ते को भी जेसीबी से खोद कर खाई बना दी थी। इससे सोमवार तक रास्ता प्रभावित रहा। सोमवार सुबह रास्ते को ठीक कराया गया। इसके बाद वाहन चालकों को पंजाब की ओर भेजा गया। अभी तक पुलिस को ठीक नहीं किया गया है। इसलिए लोगों को कच्चे बांधा से ही गुजरना पड़ रहा है।
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गलियों से गुजरते हैं वाहन
बड़ी घेल निवासी पाला राम, अरुण गोयल, बलबीर सिंह और शकुंतला का कहना है कि शाम होते ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती है। इस कारण गांव की मुख्य सड़क के साथ-साथ गली में भी जाम लग जाता है। लोगों को पैदल चलने की भी जगह नहीं मिल पाती है। जाम के कारण जब वाहन चालक एक तरफ से नहीं निकल पाते तो वाहन चालक गांव की गलियों से अपने वाहन गुजारते हैं।
अधिकारी के कहने पर पुलिसकर्मी तैनात
ग्रामीणों ने कहा कि एक बार प्रशासन का बड़ा अधिकारी जाम में फंस गया था। इसके बाद से गांव के बाहर दो पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। तब से ही बड़े वाहनों की आवाजाही यहां से बंद हुई है। पुलिस कर्मी गांव के प्रवेश पर तैनात रहते हैं और वाहनों को अंदर जाने से रोकते हैं। गांव के भीतर यातायात व्यवस्थित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं किया गया है।
सारा दिन उड़ती है धूल
वाहनों के आवागमन से गांव में सारा दिन धूल उड़ती रहती है। इस कारण लोग अपने घरों की छतों पर भी कपड़े भी नहीं सुखा पाते हैं। गांव में स्थित दुकानों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। लगातार वाहनों के आने जाने से लोग दुकानों पर नहीं पहुंच पाते हैं।
वर्जन
जब से पंजाब जाने वाले रास्ते बंद हुए हैं तब से परेशानी बनी हुई है। कच्चे बांधा का रास्ता ठीक करवा दिया गया है। पुलिया निर्माण का कार्य जारी है। वह पहले से ही टूटी हुई है। गांव के भीतर भी पुलिस कर्मी तैनात करने के लिए बात की जाएगी।
-मदन मोहन, सरपंच गांव बड़ी घेल।

गांव बड़ी घेल में पंजाब को आने- जाने वाले वाहन। संवाद