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Ambala News: दो मेडिकल ऑफिसर के सहारे कैंट का नागरिक अस्पताल, विशेषज्ञ देख रहे इमरजेंसी

Fri, 12 Jun 2026 03:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 12 Jun 2026 03:34 AM IST
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Cantonment Civil Hospital running with just two medical officers; specialists attending to the emergency ward.
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखने के लिए पहुंचे कुछ ओपीडी 
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल इन दिनों खुद बीमार नजर आ रहा है। अस्पताल में मेडिकल अफसरों कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में महज दो मेडिकल अफसर रह गए हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में भी ड्यूटी करवाने को मजबूर है। ऐसे में अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों को ओपीडी की जगह इमरजेंसी में लगाने पर उनके नियमित तौर पर जांच करवाने के लिए आने वाले मरीजों के लिए परेशानी बढ़ जाती है। बता दें कि कैंट के नागरिक अस्पताल में 55 डॉक्टरों के पद में से 42 भरे हुए हैं। इनमें ज्यादातर स्पेशलिस्ट डॉक्टर शामिल हैं व कंसलटेंट हैं। जबकि अंबाला सिटी के ट्रामा सेंटर में करीब 8 मेडिकल ऑफिसर तैनात हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगने के कारण संबंधित मरीज ओपीडी में चक्कर काटते हुए नजर आते हैं। जिन ओपीडी में दो से तीन डॉक्टर बैठते हैं, वहां तो मरीज को कोई परेशानी नहीं होती। जिन ओपीडी में महज एक या दो ही डॉक्टर हैं वो पूरी तरह से प्रभावित हो जाती हैं। जैसे चमड़ी, मनोचिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ आदि की। मजबूरन आसपास के गांवों से आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। इसके अलावा ओपीडी के साथ-साथ ऑपरेशनों पर भी इसका असर पड़ता है। सप्ताह में ओपीडी के दिन घटने के साथ-साथ ऑपरेशन भी कम हो रहे हैं या फिर उन्हें लंबी डेट दी जा रही है।
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कुछ मेडिकल डेपुटेशन पर गए तो कुछ पढ़ाई के लिए

अंबाला कैंट की इमरजेंसी में तीन माह पहले तक यह स्थिति थी कि मेडिकल ऑफिसर की संख्या छह से आठ तक थी। जो रूटीन में इमरजेंसी की व्यवस्था संभाले हुए थे। उस समय कुछ ही विशेषज्ञों की ड्यूटी लगती थी। अब स्थिति ऐसी है कि कुछ डॉक्टर पढ़ाई के लिए लंबी छुट्टी है तो कुछ डेपुटेशन व कुछ बीमार चल रहे हैं। ऐसे में रोजाना दो से तीन विशेषज्ञ डॉक्टर इमरजेंसी की सेवाएं सुबह, शाम व रात में संभाल रहे हैं। जबकि रात को ड्यूटी देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर की अगले दिन भी छुट्टी होती है। इस तरह से दो-दो दिन प्रभावित हो रहे हैं।
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पहला मामला...

विशेषज्ञ डॉक्टर न मिलने पर लौटना पड़ा वापस

बब्याल निवासी मोहित आनंद ने बताया कि वह 8 जून को जब ओपीडी में आए तो पता चला कि चमड़ी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद की ड्यूटी इमरजेंसी में लगी हुई थी। वह उन्हीं से उपचार करवा रहे हैं। ऐसे में मजबूरन उन्हें वापस लौटना पड़ा। इमरजेंसी में ओपीडी मरीजों को दिखाने की अनुमति नहीं है।

दूसरा मामला...

व्यवस्था बनाए कि ओपीडी प्रभावित न हो

लालकुर्ती निवासी अभिषेक ने बताया कि उनके पूरे हाथ में एलर्जी है। डॉक्टर की ओपीडी में गए तो वहां पर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं थे। इमरजेंसी में गए तो वहां के काउंटर से ही लौटा दिया गया कि ओपीडी में आना। अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था करनी चाहिए कि ओपीडी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।


मेडिकल ऑफिसर की कमी को लेकर आलाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला गया है। इमरजेंसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि गंभीर मरीज को समय पर उपचार मिल सके।

डॉ. पंकज, आरएमओ, अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल
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