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Ambala News: डकैती और जानलेवा हमले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। बलदेव नगर थाने में दर्ज डकैती और जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने आरोपी अमित चौहान की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने आरोपी को राहत देने से इन्कार करते हुए अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमति जताई है। आरोपी अमित चौहान और उसके साथियों पर 28 जुलाई की रात करीब 9 बजे शिकायतकर्ता और उसके दोस्त पर कथित तौर पर घातक हथियारों से हमला करने का आरोप है।
हमले के दौरान उन्होंने शिकायतकर्ता से मोबाइल, मोटरसाइकिल और 5000 से 6000 रुपये नकद छीन लिए और भाग गए थे। आरोपी को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता की तरफ से दलील दी कि मामले में आरोपी अमित हिरासत में है और मोटरसाइकिल छीनने और 5000 रुपये की छोटी नकद राशि की बरामदगी गलत तरीके से थोपी गई है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। यह भी बताया गया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ इसी तरह का एक और मामला महेश नगर थाने में दर्ज है। आरोपी जमानत मिलने पर गवाहों को धमका सकता है, इसी तरह के अपराधों में शामिल हो सकता है और मुकदमे से भाग सकता है। कोर्ट ने पाया कि आरोपी पर धारा 310 (2) और 311 बीएनएस के तहत आरोप हैं, जिसके तहत न्यूनतम सात वर्ष की कैद के साथ आजीवन कारावास का प्रावधान है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत अर्जी पर व्यक्त की गई कोई भी बात मामले के गुण-दोष पर राय नहीं मानी जाएगी।
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अंबाला सिटी। बलदेव नगर थाने में दर्ज डकैती और जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने आरोपी अमित चौहान की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने आरोपी को राहत देने से इन्कार करते हुए अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमति जताई है। आरोपी अमित चौहान और उसके साथियों पर 28 जुलाई की रात करीब 9 बजे शिकायतकर्ता और उसके दोस्त पर कथित तौर पर घातक हथियारों से हमला करने का आरोप है।
हमले के दौरान उन्होंने शिकायतकर्ता से मोबाइल, मोटरसाइकिल और 5000 से 6000 रुपये नकद छीन लिए और भाग गए थे। आरोपी को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता की तरफ से दलील दी कि मामले में आरोपी अमित हिरासत में है और मोटरसाइकिल छीनने और 5000 रुपये की छोटी नकद राशि की बरामदगी गलत तरीके से थोपी गई है।
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वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। यह भी बताया गया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ इसी तरह का एक और मामला महेश नगर थाने में दर्ज है। आरोपी जमानत मिलने पर गवाहों को धमका सकता है, इसी तरह के अपराधों में शामिल हो सकता है और मुकदमे से भाग सकता है। कोर्ट ने पाया कि आरोपी पर धारा 310 (2) और 311 बीएनएस के तहत आरोप हैं, जिसके तहत न्यूनतम सात वर्ष की कैद के साथ आजीवन कारावास का प्रावधान है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत अर्जी पर व्यक्त की गई कोई भी बात मामले के गुण-दोष पर राय नहीं मानी जाएगी।
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