{"_id":"65f8a67fff7e7e8f790550e6","slug":"ayushman-characters-did-not-get-treatment-patients-got-lost-ambala-news-c-36-1-ame1006-120131-2024-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: आयुष्मान पात्रों को नहीं मिला उपचार, भटके मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: आयुष्मान पात्रों को नहीं मिला उपचार, भटके मरीज
विज्ञापन
डॉ. अशोक कुमार, सारवाल अस्पताल अंबाला सिटी।
अंबाला सिटी। बकाया भुगतान और अन्य मांगो के लिए प्रदेश भर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के कहने पर निजी अस्पतालों ने आयुष्मान और चिरायु कार्ड के लाभार्थियों का उपचार करना बंद कर दिया है।
इससे मरीजों को अपना उपचार कराने में परेशानी हो रही है। मरीजों का कहना है कि सरकार ने योजना बनाई है लेकिन इसके बाद भी उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। सोमवार को निजी अस्पतालों के गेट के बाहर नोटिस भी चस्पा दिखाई दिए। जिन पर लिखा था कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर निजी अस्पतालों में चिरायु और आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार नहीं किया जाएगा।
इस नोटिस को पढ़ने के बाद कुछ मरीज तो घर को लौट गए तो वहीं कुछ मरीजों ने आयुष्मान योजना के लाभपात्र होने के बावजूद पैसे देकर अपना उपचार करवाया। तो वहीं चिकित्सकों का कहना था कि सरकार की हिदायत के अनुसार 15 दिन के भीतर ही आयुष्मान व चिरायु संबंधी बिलों का भुगतान होना चाहिए लेकिन सरकार की ओर से छह महीने से उनका भुगतान लंबित पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिलों को जो भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन
उसमें भी कई बार कटौती की जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि चिरायु योजना के तहत अधिक आय वाले लोगों को भी इस योजना में शामिल किया गया है लेकिन उपचार के दामों में कोई भी वृद्धि नहीं की गई है।
फोटो:16
पैसे देकर करवाया उपचार
मोहड़ी गांव के रहने वाले प्रदीप सिंह ने बताया कि वह अपना आयुष्मान कार्ड लेकर अपनी आंखों का उपचार करवाने के लिए सोमवार को अंबाला शहर के एक निजी अस्पताल में आए थे। लेकिन यहां पर आकर उन्हें पता चला कि अस्पताल में अब आयुष्मान कार्ड के आधार पर उसका उपचार नहीं होगा। इसी कारण उन्हें पैसे देकर अपना उपचार करवाना पड़ रहा है।
फोटो: 15
बिना उपचार के लौटा घर
अंबाला शहर के कुम्हार मोहल्ला निवासी राहुल ने बताया कि वह भी आयुष्मान कार्ड धारक है। सोमवार को वह अपनी पेट से संबंधित बीमारी के लिए एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए गया था। लेकिन वहां पर उसे पता चला कि अब से आयुष्मान कार्ड का काम बंद हो गया। मजबूरन उसे खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
फोटो:14
लाखों के बिल बकाया
लीलावती अस्पताल के संचालक डॉ. रजत माथुर ने कहा कि उन्हें आयुष्मान और चिरायु का लंबे समय से उनका भुगतान नहीं हुआ है। उनके अस्पताल का भी लाखों के बिल बकाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भुगतान में देरी भी होती है और भुगतान से राशि भी कट जाती है। इसलिए उन्होंने भी आईएमए का साथ देते हुए यह फैसला लिया है।
फोटो: 13
महीनों से लटका पड़ा भुगतान
शहर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अशोक सारवाल ने बताया कि सरकार की ओर से 15 दिन में बिलों का भुगतान किया जाना चाहिए लेकिन कई कई महीनों तक उनका भुगतान नहीं किया जाता है। निजी अस्पतालों का सरकार पर लगभग 300 कराेड़ रुपए बकाया है। इससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए उन्होंने भी आईएमए के फैसले का साथ दिया है।
विज्ञापन
इससे मरीजों को अपना उपचार कराने में परेशानी हो रही है। मरीजों का कहना है कि सरकार ने योजना बनाई है लेकिन इसके बाद भी उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। सोमवार को निजी अस्पतालों के गेट के बाहर नोटिस भी चस्पा दिखाई दिए। जिन पर लिखा था कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर निजी अस्पतालों में चिरायु और आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
इस नोटिस को पढ़ने के बाद कुछ मरीज तो घर को लौट गए तो वहीं कुछ मरीजों ने आयुष्मान योजना के लाभपात्र होने के बावजूद पैसे देकर अपना उपचार करवाया। तो वहीं चिकित्सकों का कहना था कि सरकार की हिदायत के अनुसार 15 दिन के भीतर ही आयुष्मान व चिरायु संबंधी बिलों का भुगतान होना चाहिए लेकिन सरकार की ओर से छह महीने से उनका भुगतान लंबित पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिलों को जो भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन
उसमें भी कई बार कटौती की जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि चिरायु योजना के तहत अधिक आय वाले लोगों को भी इस योजना में शामिल किया गया है लेकिन उपचार के दामों में कोई भी वृद्धि नहीं की गई है।
फोटो:16
पैसे देकर करवाया उपचार
मोहड़ी गांव के रहने वाले प्रदीप सिंह ने बताया कि वह अपना आयुष्मान कार्ड लेकर अपनी आंखों का उपचार करवाने के लिए सोमवार को अंबाला शहर के एक निजी अस्पताल में आए थे। लेकिन यहां पर आकर उन्हें पता चला कि अस्पताल में अब आयुष्मान कार्ड के आधार पर उसका उपचार नहीं होगा। इसी कारण उन्हें पैसे देकर अपना उपचार करवाना पड़ रहा है।
फोटो: 15
बिना उपचार के लौटा घर
अंबाला शहर के कुम्हार मोहल्ला निवासी राहुल ने बताया कि वह भी आयुष्मान कार्ड धारक है। सोमवार को वह अपनी पेट से संबंधित बीमारी के लिए एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए गया था। लेकिन वहां पर उसे पता चला कि अब से आयुष्मान कार्ड का काम बंद हो गया। मजबूरन उसे खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
फोटो:14
लाखों के बिल बकाया
लीलावती अस्पताल के संचालक डॉ. रजत माथुर ने कहा कि उन्हें आयुष्मान और चिरायु का लंबे समय से उनका भुगतान नहीं हुआ है। उनके अस्पताल का भी लाखों के बिल बकाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भुगतान में देरी भी होती है और भुगतान से राशि भी कट जाती है। इसलिए उन्होंने भी आईएमए का साथ देते हुए यह फैसला लिया है।
फोटो: 13
महीनों से लटका पड़ा भुगतान
शहर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अशोक सारवाल ने बताया कि सरकार की ओर से 15 दिन में बिलों का भुगतान किया जाना चाहिए लेकिन कई कई महीनों तक उनका भुगतान नहीं किया जाता है। निजी अस्पतालों का सरकार पर लगभग 300 कराेड़ रुपए बकाया है। इससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए उन्होंने भी आईएमए के फैसले का साथ दिया है।

डॉ. अशोक कुमार, सारवाल अस्पताल अंबाला सिटी।

डॉ. अशोक कुमार, सारवाल अस्पताल अंबाला सिटी।

डॉ. अशोक कुमार, सारवाल अस्पताल अंबाला सिटी।

डॉ. अशोक कुमार, सारवाल अस्पताल अंबाला सिटी।