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Ambala News: 40 दिन में 1.40 लाख की जांच, 12 हजार को बीपी-शुगर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Apr 2025 01:22 AM IST
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Applications closed in Chirag Yojana, admissions have started now
अंबाला सिटी। एनसीडी विभाग की ओर से चलाए जा रहा विशेष जांच अभियान सोमवार को समाप्त हो गया। 21 फरवरी से लेकर 30 मार्च तक विभाग की टीमों ने 30 वर्ष से अधिक आयु के एक लाख 40 हजार लोगों को जांचा।
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जांच में चार हजार 140 लोगों को शुगर, पांच हजार 776 लोगों को बीपी और 1943 लोगों को बीपी और शुगर दोनों बीमारियां पाई गई। सभी मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है। इसके साथ ही मरीजों को जीवन शैली में बदलाव करने के लिए भी परामर्श दिया गया है। यह अभियान फिलहाल अगले निर्देशों तक रोक दिया गया है। इसके बाद भी एनसीडी की ओर से नियमित जांच जारी रहेगी। केंद्र एनसीडी की ओर से सभी जिलों को यह विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
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हर वर्ष दो गुणा बढ़ रहे ऐेसे मरीज
जिले में 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की जनसंख्या पांच लाख से अधिक है। इसी जनसंख्या को प्रत्येक वर्ष पूरा करने का प्रयास किया जाता है। विभाग द्वारा वर्ष 2023 से लेकर अभी तक तीन लाख 34 912 लोगों की जांच करवाई जा चुकी है। जांच में बीपी के 40190 मरीज, शुगर के 26032 मरीज और 14 हजार 485 लोगों में दोनों बीमारियां पाई गई है। वर्ष 2023 में एक लाख 9218 लोगों की जांच हुई थी। इसमें 12385 मरीज बीपी, सात हजार 729 मरीज शुगर और 4524 मरीज दोनों बीमारियों के पाए गए थे। वहीं वर्ष 2024 में एक लाख 94912 लोगों की जांच हुई जिसमें शुगर के 21 हजार 354 मरीज, बीपी के 32 हजार 175 मरीज और दोनों बीमारियों के 11871 मरीज मिले हैं। वर्ष 2023 और 2024 के आंकड़ों को देखें तो बीते वर्षों में बीपी व शुगर के मरीजों में दो गुना से अधिक वृद्धि देखने को मिली है।
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बीमारी का मुख्य कारण जीवन शैली
डॉ. नीलम कुश्वाहा ने बताया कि बीपी व शुगर की बीमारी खराब जीवन शैली के कारण होती है। खानपान पर नियंत्रण व व्यायाम से हम एक अच्छी सेहत हासिल कर सकते हैं। लोगों में काम काज व फास्ट फूड के अधिक चलन के कारण इस प्रकार की बीमारियां अधिक हो रही हैं। अभियान को बढ़ाने के निर्देश फिलहाल नहीं मिले हैं। विभाग की ओर से एनसीडी वार्ड में रोजाना बीपी शुगर व अन्य जांच होती है।
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