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Ambala News: आठ लाख की धोखाधड़ी में आरोपी को अग्रिम जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने धोखाधड़ी और धमकी देने के मामले में आरोपी विक्रम को अग्रिम जमानत दे दी है। यह फैसला तब आया जब शिकायतकर्ता ने अदालत में उपस्थित होकर बताया कि उसका आरोपी के साथ आठ लाख रुपये में समझौता हो गया है और उसे जमानत याचिका पर कोई आपत्ति नहीं है। इस मामले से जुड़ी प्राथमिकी 28 अगस्त को मुलाना थाने में दर्ज की गई थी। आरोपी पर तहरीर में आरोप लगाए थे कि उसने शिकायतकर्ता को न्यूजीलैंड भेजने के बहाने आठ लाख रुपये ठगे और जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी दी।
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है और अब मामला शिकायतकर्ता के साथ सुलझा लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सहायक लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और आरोपी गवाहों को धमका सकता है या फिर से ऐसा अपराध कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी से पैसे की वसूली होनी बाकी है। कोर्ट में उपस्थित शिकायतकर्ता ने बयान दिया कि आरोपी के साथ समझौता हो गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे कोर्ट में 1.5 लाख नकद मिले हैं, साथ ही 2,00,000 और 4,50,000 रुपये के दो चेक भी प्राप्त हुए हैं। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट कहा कि अगर विक्रम को अग्रिम जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।
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अंबाला सिटी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने धोखाधड़ी और धमकी देने के मामले में आरोपी विक्रम को अग्रिम जमानत दे दी है। यह फैसला तब आया जब शिकायतकर्ता ने अदालत में उपस्थित होकर बताया कि उसका आरोपी के साथ आठ लाख रुपये में समझौता हो गया है और उसे जमानत याचिका पर कोई आपत्ति नहीं है। इस मामले से जुड़ी प्राथमिकी 28 अगस्त को मुलाना थाने में दर्ज की गई थी। आरोपी पर तहरीर में आरोप लगाए थे कि उसने शिकायतकर्ता को न्यूजीलैंड भेजने के बहाने आठ लाख रुपये ठगे और जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी दी।
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है और अब मामला शिकायतकर्ता के साथ सुलझा लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सहायक लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और आरोपी गवाहों को धमका सकता है या फिर से ऐसा अपराध कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी से पैसे की वसूली होनी बाकी है। कोर्ट में उपस्थित शिकायतकर्ता ने बयान दिया कि आरोपी के साथ समझौता हो गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे कोर्ट में 1.5 लाख नकद मिले हैं, साथ ही 2,00,000 और 4,50,000 रुपये के दो चेक भी प्राप्त हुए हैं। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट कहा कि अगर विक्रम को अग्रिम जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।
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