{"_id":"688fbc5960a91c3be504bedb","slug":"amrut-yojana-6976-crores-spent-line-not-handed-over-even-after-five-years-due-to-sinking-of-manholes-and-non-connection-ambala-news-c-36-1-amb1003-147223-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरुत योजना : 69.76 करोड़ खर्च, मैनहोल धंसने व कनेक्शन न जुड़ने से पांच वर्ष बाद भी हैंडओवर नहीं हुई लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरुत योजना : 69.76 करोड़ खर्च, मैनहोल धंसने व कनेक्शन न जुड़ने से पांच वर्ष बाद भी हैंडओवर नहीं हुई लाइन
विज्ञापन
शहर के अंबाला क्लब के बाहर सड़क पर बनाया गया मैनहॉल। संवाद
अंबाला सिटी। अमरुत योजना में करीब पांच वर्ष पहले पूरे हुए पीने के पानी व सीवरेज की लाइन का कार्य अभी तक भी अधूरा पड़ा है। नगर निगम के अंतर्गत एजेंसी ने अपनी तरफ से तो यह कार्य पूरा कर दिया, लेकिन धरातल की बात करें तो यह अभी भी पूरा नहीं है। इस वजह से पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर निगम इस कार्य को जनस्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंप पाया। इस अधूरे कार्य को जनस्वास्थ्य विभाग भी नगर निगम से नहीं ले रहा।
हैरानी की बात यह भी है कि कई जगहों पर पीने के पानी की लाइन जोड़ी नहीं गई और कई जगहों पर मैनहोल बार-बार धंस रहे हैं, उन मैनहोल को भी ठीक नहीं किया जा रहा। इस वजह से लगातार इन लाइन को जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपने का कार्य लेट हो रहा है। यही नहीं यह कार्य अधूरा होने के बाद भी एजेंसी को भुगतान किया गया।
पानी की लाइन व सीवरेज पर खर्च किए गए 69.76 करोड़
अमरुत योजना वन में 2017 में पीने के पाइपलाइन व सीवरेज की लाइन डाली गई थी। इस योजना के तहत 2020 में कार्य खत्म हुआ था। योजना में पीने के पाइपलाइन को डालने पर करीब 52 करोड़ और सीवरेज की लाइन को डालने के लिए 17.76 करोड़ का बजट खर्च किया गया था। इसमें पीने के पानी की लाइन की लंबाई करीब 202 किलोमीटर और सीवरेज लाइन की लंबाई 24 किलोमीटर थी। इस योजना में 2 हजार से ज्यादा पीने के पानी कनेक्शन किए गए थे।
विज्ञापन
पुरानी दिल्ली रोड पर बार-बार धंस रहे मैनहोल
शहर के पुरानी दिल्ली रोड पर अंबाला क्लब के सामने व आसपास कई जगहों पर मैनहोल धंस रहे हैं। इस सड़क पर रोजाना कोई न कोई मैनहोल धंसा होता है। इस वजह से वाहन चालकों को आवाजाही में भी दिक्कत आती है और मैनहोल के कारण गहरे गड्ढे होने से भी लोग चोटिल भी होते हैं। यहां थोड़ी बारिश के बाद भी गड्ढे हो जाते हैं। कई बार इस रोड पर सड़क भी बनाई गई और पैचवर्क भी किया जा चुका है, लेकिन फिर भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। ऐसे ही स्थिति शहर के माॅडल टाउन, जैन कॉलोनी में बनी हुई है। यही नहीं कई जगहों पर पीने के पाइपलाइन भी नहीं जोड़ी गई।
अमरुत योजना के तहत पीने के पाइपलाइन व सीवरेज की लाइन अभी नगर निगम से जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हुई है। मैनहोल में कई जगहों पर दिक्कत आ रही है और कई जगहों पर यह मैनहोल बैठे हुए हैं। इसके साथ ही पीने के पाइपलाइन को लेकर भी कुछ दिक्कतें हैं। कुछ जगह यह लाइन भी जोड़ी नहीं गई। अभी तक इन लाइन को हैंडओवर कर देना चाहिए थे, लेकिन जब तक लाइन को नगर निगम की ओर से ठीक नहीं किया जाएगा, तब तक लाइन नहीं ली जाएंगी।
- दिनेश गाबा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, अंबाला शहर।
अमरुत योजना में किए गए पीने के पाइपलाइन और सीवरेज का कार्य पूरा हो चुका है, इसमें पीने के पाइपलाइन को लेने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने सहमति जताई है। पीने की लाइन को लेकर जो समस्याएं थी, उनको ठीक करवाया गया है। जल्द ही यह लाइन जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर की जाएगी, इसके साथ ही सीवरेज में मैनहोल में कुछ जगह दिक्कत आ रही है, इसको ठीक करवाया जा रहा है। जल्द ही यह दोनों लाइन जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर की जाएंगी, इसकी प्रक्रिया चल रही है।
- सौरभ गोयल, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम।
विज्ञापन
हैरानी की बात यह भी है कि कई जगहों पर पीने के पानी की लाइन जोड़ी नहीं गई और कई जगहों पर मैनहोल बार-बार धंस रहे हैं, उन मैनहोल को भी ठीक नहीं किया जा रहा। इस वजह से लगातार इन लाइन को जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपने का कार्य लेट हो रहा है। यही नहीं यह कार्य अधूरा होने के बाद भी एजेंसी को भुगतान किया गया।
विज्ञापन
पानी की लाइन व सीवरेज पर खर्च किए गए 69.76 करोड़
अमरुत योजना वन में 2017 में पीने के पाइपलाइन व सीवरेज की लाइन डाली गई थी। इस योजना के तहत 2020 में कार्य खत्म हुआ था। योजना में पीने के पाइपलाइन को डालने पर करीब 52 करोड़ और सीवरेज की लाइन को डालने के लिए 17.76 करोड़ का बजट खर्च किया गया था। इसमें पीने के पानी की लाइन की लंबाई करीब 202 किलोमीटर और सीवरेज लाइन की लंबाई 24 किलोमीटर थी। इस योजना में 2 हजार से ज्यादा पीने के पानी कनेक्शन किए गए थे।
विज्ञापन
पुरानी दिल्ली रोड पर बार-बार धंस रहे मैनहोल
शहर के पुरानी दिल्ली रोड पर अंबाला क्लब के सामने व आसपास कई जगहों पर मैनहोल धंस रहे हैं। इस सड़क पर रोजाना कोई न कोई मैनहोल धंसा होता है। इस वजह से वाहन चालकों को आवाजाही में भी दिक्कत आती है और मैनहोल के कारण गहरे गड्ढे होने से भी लोग चोटिल भी होते हैं। यहां थोड़ी बारिश के बाद भी गड्ढे हो जाते हैं। कई बार इस रोड पर सड़क भी बनाई गई और पैचवर्क भी किया जा चुका है, लेकिन फिर भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। ऐसे ही स्थिति शहर के माॅडल टाउन, जैन कॉलोनी में बनी हुई है। यही नहीं कई जगहों पर पीने के पाइपलाइन भी नहीं जोड़ी गई।
अमरुत योजना के तहत पीने के पाइपलाइन व सीवरेज की लाइन अभी नगर निगम से जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हुई है। मैनहोल में कई जगहों पर दिक्कत आ रही है और कई जगहों पर यह मैनहोल बैठे हुए हैं। इसके साथ ही पीने के पाइपलाइन को लेकर भी कुछ दिक्कतें हैं। कुछ जगह यह लाइन भी जोड़ी नहीं गई। अभी तक इन लाइन को हैंडओवर कर देना चाहिए थे, लेकिन जब तक लाइन को नगर निगम की ओर से ठीक नहीं किया जाएगा, तब तक लाइन नहीं ली जाएंगी।
- दिनेश गाबा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, अंबाला शहर।
अमरुत योजना में किए गए पीने के पाइपलाइन और सीवरेज का कार्य पूरा हो चुका है, इसमें पीने के पाइपलाइन को लेने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने सहमति जताई है। पीने की लाइन को लेकर जो समस्याएं थी, उनको ठीक करवाया गया है। जल्द ही यह लाइन जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर की जाएगी, इसके साथ ही सीवरेज में मैनहोल में कुछ जगह दिक्कत आ रही है, इसको ठीक करवाया जा रहा है। जल्द ही यह दोनों लाइन जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर की जाएंगी, इसकी प्रक्रिया चल रही है।
- सौरभ गोयल, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम।