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अंबाला की मेयर के साथ ऐसा क्यो?: अफसरों ने नहीं दिया कमरा तो मेयर ने निगम कार्यालय के पार्क में सुनी समस्याएं
Wed, 26 Mar 2025 07:04 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 26 Mar 2025 07:04 PM IST
सार
अंबाला नगर निगम की मेयर पार्क में बैठकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं। ऐसा वह मजबूरी में कर रही हैं, क्योंकि उनको निगम अधिकारियों ने अभी तक कमरा नहीं दिया है।
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पार्क में लोगों की समस्याएं सुनती मेयर शैलजा सचदेवा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के अंबाला नगर निगम में अफसरों की लालफीताशाही हावी है। शैलजा सचदेवा के मेयर बनने के बाद दूसरे दिन भी अधिकारियों ने उन्हें उनका कक्ष नहीं दिया। हालात ऐसे हो गए कि मेयर शैलजा सचदेवा बुधवार दोपहर तीन बजे जब नगर निगम कार्यालय पहुंचीं तो उन्हें निगम परिसर में बने पार्क में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनने को मजबूर होना पड़ा।
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हैरानी तो इस बात की है कि जब मेयर समस्याएं सुन रहीं थी उस दौरान भी अधिकारी नदारद रहे। इस दौरान लोगों ने पार्क में ही अपनी संपत्ति कर से जुड़ी समस्याओं को बताया।
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गौरतलब है कि निगम में मेयर को अभी तक कुर्सी व कार्यालय का इंतजार है। उन्हें अभी तक निगम की ओर से अलग से कार्यालय नहीं दिया गया है। मेयर की कुर्सी नगर निगम की सीनियर डिप्टी मेयर के कार्यालय में लगाई गई है। वहीं, मेयर को अलग से कार्यालय न देने के सवाल पर सभी अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
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मैं सुबह वाली नहीं बल्कि शाम पांच बजे तक रहने वाली मेयर हूं: शैलजा
मेयर शैलजा सचदेवा ने कहा कि शहर के लोगों को राहत पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए वह लगातार लोगों की समस्याएं सुनने के लिए नगर निगम में आती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह सुबह 10 बजे से शाम 2 बजे वाली मेयर नहीं है। वह दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक वाली मेयर हैं। वह प्राथमिकता के अनुसार निगम में शाम 3 बजे से शाम 5 बजे तक जनता दरबार लगाएंगी, क्योंकि शाम को निगम अधिकारी भी उपलब्ध रहते हैं और जनता के कार्य भी तुरंत मौके पर ही होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अधिकारियों से कार्य लेना है, फिर चाहें उनको एसी से बाहर निकालकर लें या एसी में बिठाकर लें, यह उन्हें देखना है, लेकिन अधिकारी कार्य करें।