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Ambala News: लैजिक सर्जरी पर नहीं मिलेंगे वैकल्पिक रोजगार के लाभ
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- रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संचालन और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। अब जो रेलवे कर्मचारी बिना चिकित्सीय सलाह के लैजिक सर्जरी करवाएंगे, उन्हें वैकल्पिक रोजगार के विशेष लाभ नहीं दिए जाएंगे। यह कदम सुरक्षा और नियमों के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए उठाया गया है। रेलवे बोर्ड के संज्ञान में आया था कि कई कर्मचारी बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के स्वेच्छा से लैजिक सर्जरी करवा रहे थे।
ऐसा प्रतीत होता है कि इसका मुख्य उद्देश्य वैकल्पिक रोजगार के लाभ, समान वेतनमान और रनिंग अलाउंस के वित्तीय लाभ प्राप्त करना था। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसी प्रथाओं का ट्रेन के सुचारु संचालन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। जो कर्मचारी पैरा 1311(1) के तहत अयोग्य घोषित होते हैं, उन्हें अपने अनुरोध पर स्थानांतरित कर्मचारी माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों पर चिकित्सीय डीकैटगराइजेशन के लाभ लागू नहीं होंगे। पूर्व में तय किए गए ऐसे मामलों को दोबारा खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह आदेश रेलवे बोर्ड के उप निदेशक-III (स्थापना), अजय गोयल द्वारा जारी किया गया है। यह दक्षिण पूर्व रेलवे के संदर्भों पर आधारित है।
सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा और नियमों के साथ खिलवाड़ पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया है। बिना चिकित्सीय सलाह के सर्जरी करवाने से कर्मचारियों की मौजूदा चिकित्सा श्रेणी में अयोग्यता आ सकती है। इससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। बोर्ड ने इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
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लैजिक सर्जरी क्या है
लैजिक एक लोकप्रिय लेजर आई सर्जरी है। इसका उपयोग दृष्टि दोष जैसे निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष और एस्टिग्मैटिज्म को ठीक करने के लिए होता है। यह चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस पर निर्भरता कम करती है। इसमें लेजर के जरिये आंख की पारदर्शी बाहरी परत कॉर्निया का आकार बदला जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। अब जो रेलवे कर्मचारी बिना चिकित्सीय सलाह के लैजिक सर्जरी करवाएंगे, उन्हें वैकल्पिक रोजगार के विशेष लाभ नहीं दिए जाएंगे। यह कदम सुरक्षा और नियमों के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए उठाया गया है। रेलवे बोर्ड के संज्ञान में आया था कि कई कर्मचारी बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के स्वेच्छा से लैजिक सर्जरी करवा रहे थे।
ऐसा प्रतीत होता है कि इसका मुख्य उद्देश्य वैकल्पिक रोजगार के लाभ, समान वेतनमान और रनिंग अलाउंस के वित्तीय लाभ प्राप्त करना था। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसी प्रथाओं का ट्रेन के सुचारु संचालन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। जो कर्मचारी पैरा 1311(1) के तहत अयोग्य घोषित होते हैं, उन्हें अपने अनुरोध पर स्थानांतरित कर्मचारी माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों पर चिकित्सीय डीकैटगराइजेशन के लाभ लागू नहीं होंगे। पूर्व में तय किए गए ऐसे मामलों को दोबारा खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह आदेश रेलवे बोर्ड के उप निदेशक-III (स्थापना), अजय गोयल द्वारा जारी किया गया है। यह दक्षिण पूर्व रेलवे के संदर्भों पर आधारित है।
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सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा और नियमों के साथ खिलवाड़ पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया है। बिना चिकित्सीय सलाह के सर्जरी करवाने से कर्मचारियों की मौजूदा चिकित्सा श्रेणी में अयोग्यता आ सकती है। इससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। बोर्ड ने इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
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लैजिक सर्जरी क्या है
लैजिक एक लोकप्रिय लेजर आई सर्जरी है। इसका उपयोग दृष्टि दोष जैसे निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष और एस्टिग्मैटिज्म को ठीक करने के लिए होता है। यह चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस पर निर्भरता कम करती है। इसमें लेजर के जरिये आंख की पारदर्शी बाहरी परत कॉर्निया का आकार बदला जाता है।