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Ambala News: सात वर्ष बाद द्वार को मिला भगवान वामन का नाम
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अंबाला सिटी। कार्य शुरू होने के करीब सात वर्ष बाद आखिरकार शहर कालका चौक पर भगवान वामन द्वार का कार्य पूरा हो गया। पहले यहां दोनों तरफ पिलर बना दिए गए थे, लेकिन ऊपर गार्डर नहीं रखा गया था।
अब भगवान वामन द्वार पर गार्डर रखकर कार्य पूरा कर दिया है। रविवार इस ढांचे को चार बड़ी मशीन की सहायता से रखा गया। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सौरभ गोयल ने बताया कि भगवान वामन द्वार मुख्यमंत्री घोषणा का काम था। पहले यहां पिलर बन गए थे। अब गार्डर ढांचा रखकर कार्य पूरा किया गया। कार्य पूरा होने पर शहर को सौगात मिली है।
ऐसे चला काम, मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल था कार्य
-2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भगवान वामन द्वार बनाने की घोषणा की।
-2017 में इस द्वार को बनाने का टेंडर पास हो गया था और शिलान्यास भी हो चुका था। 2020 में काम शुरू होने से पहले, कुछ तकनीकी और डिजाइन संबंधी कारणों से काम रुका हुआ था।
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-पहले यहां नींव व पिलर बनाए गए थे। इसके लिए निगम ने करीब 25 लाख का बजट खर्च किया। इसके बाद कार्य लंबे समय तक रुका रहा।
-दिसंबर 2024 में वर्क अलॉट होने के बाद कार्य दोबारा शुरू हुआ। गार्डर ढांचा के लिए अलग से करीब 17.50 लाख का टेंडर दिया गया। इस द्वार को बनाने के लिए करीब 42.50 लाख का बजट खर्च हुआ। अब मई 2025 में यह कार्य पूरा हुआ।
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अब भगवान वामन द्वार पर गार्डर रखकर कार्य पूरा कर दिया है। रविवार इस ढांचे को चार बड़ी मशीन की सहायता से रखा गया। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सौरभ गोयल ने बताया कि भगवान वामन द्वार मुख्यमंत्री घोषणा का काम था। पहले यहां पिलर बन गए थे। अब गार्डर ढांचा रखकर कार्य पूरा किया गया। कार्य पूरा होने पर शहर को सौगात मिली है।
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ऐसे चला काम, मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल था कार्य
-2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भगवान वामन द्वार बनाने की घोषणा की।
-2017 में इस द्वार को बनाने का टेंडर पास हो गया था और शिलान्यास भी हो चुका था। 2020 में काम शुरू होने से पहले, कुछ तकनीकी और डिजाइन संबंधी कारणों से काम रुका हुआ था।
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-पहले यहां नींव व पिलर बनाए गए थे। इसके लिए निगम ने करीब 25 लाख का बजट खर्च किया। इसके बाद कार्य लंबे समय तक रुका रहा।
-दिसंबर 2024 में वर्क अलॉट होने के बाद कार्य दोबारा शुरू हुआ। गार्डर ढांचा के लिए अलग से करीब 17.50 लाख का टेंडर दिया गया। इस द्वार को बनाने के लिए करीब 42.50 लाख का बजट खर्च हुआ। अब मई 2025 में यह कार्य पूरा हुआ।