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अंबाला में तेल-गैस का पर्याप्त स्टॉक : डीएफएसओ
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जिले में 3,30,000 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की उपलब्धता पर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक (डीएफएसओ) अपार तिवारी ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के पास 5 से 6 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में 152 पेट्रोल पंप और 26 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। जिले में लगभग 3,30,000 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। खपत की बात करें तो जिले में प्रतिदिन लगभग 276.00 किलोलीटर पेट्रोल और 374.65 किलोलीटर डीजल की मांग रहती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेल कंपनियों की ओर से स्टॉक की आवक लगातार बनी हुई है।
कालाबाजारी की तो होगी कार्रवाई
पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार, अब केवल घरेलू गैस उपभोक्ताओं को ही सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक (कमर्शियल) प्रतिष्ठानों के लिए गैस सिलेंडर की आपूर्ति अगले आदेश तक बंद कर दी गई है, साथ ही घरेलू गैस की जमाखोरी रोकने के लिए नया नियम लागू किया गया है। इसके तहत सिलिंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग स्वीकार की जाएगी। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक ने सभी सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारियों और निरीक्षकों को फील्ड में रहकर पैनी नजर रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई पेट्रोल पंप मालिक या गैस एजेंसी वितरक ओवर-प्राइसिंग, कालाबाजारी या बिना बुकिंग के सिलिंडर सप्लाई करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की उपलब्धता पर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक (डीएफएसओ) अपार तिवारी ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के पास 5 से 6 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में 152 पेट्रोल पंप और 26 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। जिले में लगभग 3,30,000 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। खपत की बात करें तो जिले में प्रतिदिन लगभग 276.00 किलोलीटर पेट्रोल और 374.65 किलोलीटर डीजल की मांग रहती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेल कंपनियों की ओर से स्टॉक की आवक लगातार बनी हुई है।
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कालाबाजारी की तो होगी कार्रवाई
पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार, अब केवल घरेलू गैस उपभोक्ताओं को ही सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक (कमर्शियल) प्रतिष्ठानों के लिए गैस सिलेंडर की आपूर्ति अगले आदेश तक बंद कर दी गई है, साथ ही घरेलू गैस की जमाखोरी रोकने के लिए नया नियम लागू किया गया है। इसके तहत सिलिंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग स्वीकार की जाएगी। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक ने सभी सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारियों और निरीक्षकों को फील्ड में रहकर पैनी नजर रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई पेट्रोल पंप मालिक या गैस एजेंसी वितरक ओवर-प्राइसिंग, कालाबाजारी या बिना बुकिंग के सिलिंडर सप्लाई करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी की जाएगी।
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