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Ambala News: आयुष्मान के तहत अटका भुगतान करने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से राहत को लेकर सौंपा ज्ञापन
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रमाडा होटल में आईएमए के कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सक व अन्य। विभाग
अंबाला। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में आईएमए के पदाधिकारियों ने एक ज्ञापन भी सौंपा, इसमें सबसे पहली मांग आयुष्मान भारत योजना का रुका भुगतान जल्द करने की थी।
बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इसके कारण छोटे अस्पतालों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। मांग की गई है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। बता दें कि अंबाला के निजी अस्पतालों का इस योजना के तहत करोड़ों रुपये का भुगतान है। इस मौके पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, सचिव डॉ. जनक राज सैनी, कोषाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र गर्ग सहित डॉ. तरसेम मोंगा, डॉ. एमएम दत्ता, डॉ. डीएस गोयल, डॉ. प्रभाकर शर्मा आदि शामिल रहे।
एसटीपी की अनिवार्यता से मिले छूट
आईएमए के सचिव डॉ. जनक राज सैनी ने बताया कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सीटीओ अथॉराइजेशन के लिए नर्सिंग होम स्तर पर व्यक्तिगत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। अंबाला कैंट में पीडब्ल्यूडी द्वारा मुख्य एसटीपी का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके मई 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। छोटे नर्सिंग होम के पास न तो इतनी जगह है और न ही संसाधन। इसलिए जब तक मुख्य एसटीपी चालू नहीं हो जाता, तब तक स्वास्थ्य केंद्रों को व्यक्तिगत एसटीपी की शर्त से छूट दी जाए। इसमें 4 से 5 लाख का खर्च आता है। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बायो-मेडिकल वेस्ट अथॉराइजेशन प्राप्त करने की वर्तमान प्रक्रिया बेहद जटिल है। इस प्रक्रिया को सरल व सुगम बनाया जाए ताकि डॉक्टरों को बेवजह की कागजी कार्रवाई से राहत मिल सके।
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नगर परिषद द्वारा वसूले जा रहे अवैध कचरा शुल्क पर लगे रोक
अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों से कचरा उठाने का काम एक निजी एजेंसी रुद्राक्ष एनवायरोकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसे इसके लिए भुगतान भी किया जाता है। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों को 1500 रुपये प्रति माह का बिल भेजा जा रहा है। डॉक्टरों ने मांग की है कि जब नगर परिषद कचरा नहीं उठाती, तो यह शुल्क तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
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बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इसके कारण छोटे अस्पतालों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। मांग की गई है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। बता दें कि अंबाला के निजी अस्पतालों का इस योजना के तहत करोड़ों रुपये का भुगतान है। इस मौके पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, सचिव डॉ. जनक राज सैनी, कोषाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र गर्ग सहित डॉ. तरसेम मोंगा, डॉ. एमएम दत्ता, डॉ. डीएस गोयल, डॉ. प्रभाकर शर्मा आदि शामिल रहे।
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एसटीपी की अनिवार्यता से मिले छूट
आईएमए के सचिव डॉ. जनक राज सैनी ने बताया कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सीटीओ अथॉराइजेशन के लिए नर्सिंग होम स्तर पर व्यक्तिगत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। अंबाला कैंट में पीडब्ल्यूडी द्वारा मुख्य एसटीपी का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके मई 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। छोटे नर्सिंग होम के पास न तो इतनी जगह है और न ही संसाधन। इसलिए जब तक मुख्य एसटीपी चालू नहीं हो जाता, तब तक स्वास्थ्य केंद्रों को व्यक्तिगत एसटीपी की शर्त से छूट दी जाए। इसमें 4 से 5 लाख का खर्च आता है। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बायो-मेडिकल वेस्ट अथॉराइजेशन प्राप्त करने की वर्तमान प्रक्रिया बेहद जटिल है। इस प्रक्रिया को सरल व सुगम बनाया जाए ताकि डॉक्टरों को बेवजह की कागजी कार्रवाई से राहत मिल सके।
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नगर परिषद द्वारा वसूले जा रहे अवैध कचरा शुल्क पर लगे रोक
अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों से कचरा उठाने का काम एक निजी एजेंसी रुद्राक्ष एनवायरोकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसे इसके लिए भुगतान भी किया जाता है। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों को 1500 रुपये प्रति माह का बिल भेजा जा रहा है। डॉक्टरों ने मांग की है कि जब नगर परिषद कचरा नहीं उठाती, तो यह शुल्क तुरंत बंद किया जाना चाहिए।