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Ambala News: नगर निगम और नगर पालिका बराड़ा पर लगाया 1.24 करोड़ का जुर्माना
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वैभव शर्मा
अंबाला सिटी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नगर निगम अंबाला शहर और नगर पालिका बराड़ा पर 1 करोड़ 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
ये जुर्माना कचरा निस्तारण में लापरवाही, ठोस एवं द्रव्य कचरा प्रबंधन अधिनियम के पालन न करके लोगों की जिंदगी जोखिम में डालने पर लगाया गया है। अंबाला में अब तक की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ये सबसे बड़ी कार्रवाई है।
इसमें दोनों नगर निकायों पर 62- 62 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। जिसे भरने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। अगर निकायों ने 15 दिन में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की राशि को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खातों में जमा नहीं किया तो उन्हें कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। इससे नगर निगम में हड़कंप मच गया है। बराड़ा में डंपिंग साइट अवैध रूप से चलती मिली : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर नगर पालिका बराड़ा का पीसीबी की टीम ने निरीक्षण किया था।
इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण में कई गंभीर कमियां पाई गईं थी। जिसमें कचरा वैज्ञानिक ढंग से नहीं निपटाया गया। डोर-टू-डोर कलेक्शन समझौता समाप्त मिला था, मौजगढ़ गांव में डंपिंग साइट बिना अनुमति, अनधिकृत रूप से चल रही थी, आवश्यक अनुमति जैसे सीटीई, सीटीओ व पर्यावरणीय मंजूरी नहीं ली गई थी। इसी प्रकार वार्षिक रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई, कचरे का रिकॉर्ड नहीं रखा गया। इन सब कारणों से नगर पालिका बराड़ा पर 1 अप्रैल 2020 से 31 मई 2025 तक प्रति माह 1 लाख रुपये की दर से कुल 62 लाख की अंतरिम पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने का निर्णय लिया गया।
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अंबाला सिटी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नगर निगम अंबाला शहर और नगर पालिका बराड़ा पर 1 करोड़ 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
ये जुर्माना कचरा निस्तारण में लापरवाही, ठोस एवं द्रव्य कचरा प्रबंधन अधिनियम के पालन न करके लोगों की जिंदगी जोखिम में डालने पर लगाया गया है। अंबाला में अब तक की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ये सबसे बड़ी कार्रवाई है।
इसमें दोनों नगर निकायों पर 62- 62 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। जिसे भरने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। अगर निकायों ने 15 दिन में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की राशि को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खातों में जमा नहीं किया तो उन्हें कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। इससे नगर निगम में हड़कंप मच गया है। बराड़ा में डंपिंग साइट अवैध रूप से चलती मिली : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर नगर पालिका बराड़ा का पीसीबी की टीम ने निरीक्षण किया था।
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इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण में कई गंभीर कमियां पाई गईं थी। जिसमें कचरा वैज्ञानिक ढंग से नहीं निपटाया गया। डोर-टू-डोर कलेक्शन समझौता समाप्त मिला था, मौजगढ़ गांव में डंपिंग साइट बिना अनुमति, अनधिकृत रूप से चल रही थी, आवश्यक अनुमति जैसे सीटीई, सीटीओ व पर्यावरणीय मंजूरी नहीं ली गई थी। इसी प्रकार वार्षिक रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई, कचरे का रिकॉर्ड नहीं रखा गया। इन सब कारणों से नगर पालिका बराड़ा पर 1 अप्रैल 2020 से 31 मई 2025 तक प्रति माह 1 लाख रुपये की दर से कुल 62 लाख की अंतरिम पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने का निर्णय लिया गया।
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